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ड्रग तस्करी पर मप्र में घमासान, कांग्रेस उतरी सड़क पर, एसआईटी जांच की मांग

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मप्र की मंत्री प्रतिमा बागरी के भाई की कथित ड्रग तस्करी में गिरफ्तारी के बाद प्रदेश की राजनीति गरमा गई। युवा कांग्रेस और एनएसयूआई ने मंत्री के बंगले और मुख्यमंत्री निवास की ओर प्रदर्शन किया, जिसमें कई कार्यकर्ता गिरफ्तार हुए। कांग्रेस ने सरकार पर ड्रग नेटवर्क को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए मंत्री के इस्तीफे और एसआईटी जांच की मांग की।

मध्यप्रदेश में ड्रग तस्करी का मामला अब एक बड़े राजनीतिक तूफान में तब्दील हो गया है। भाजपा सरकार की राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी के सगे भाई अनिल बागरी की कथित रूप से करीब 50 किलो गांजे के साथ गिरफ्तारी के बाद विपक्ष ने सरकार पर तीखा हमला बोला है। युवा कांग्रेस, एनएसयूआई और प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व ने अलग-अलग स्तरों पर सरकार को घेरते हुए इसे “सरकारी संरक्षण वाला ड्रग नेटवर्क” करार दिया है।

मंत्री के भाई की गिरफ्तारी को लेकर मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस ने भोपाल के 74 बंगला क्षेत्र में मंत्री प्रतिमा बागरी के सरकारी आवास का घेराव किया। भोपाल शहर युवा कांग्रेस अध्यक्ष अमित खत्री के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की और मंत्री को तत्काल पद से हटाने तथा पूरे मामले की एसआईटी जांच की मांग की। घेराव के दौरान हालात तनावपूर्ण हो गए और पुलिस तथा कार्यकर्ताओं के बीच झूमा-झटकी भी हुई। युवा कांग्रेस का आरोप है कि पुलिस ने बल प्रयोग किया, बावजूद इसके कार्यकर्ता अपनी मांगों पर डटे रहे।

वहीं, एनएसयूआई ने भी मामले को लेकर उग्र प्रदर्शन किया। एनएसयूआई प्रदेश अध्यक्ष आशुतोष चौकसे के नेतृत्व में कार्यकर्ता मुख्यमंत्री निवास की ओर गांजे की माला भेंट कर सवाल पूछने जा रहे थे। इस दौरान पुलिस ने प्रदेश अध्यक्ष, उपाध्यक्ष सहित करीब 50 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया। एनएसयूआई ने आरोप लगाया कि मंत्री के भाई की भारी मात्रा में गांजे के साथ गिरफ्तारी के बावजूद सरकार चुप है, जिससे साफ है कि प्रदेश में नशे का नेटवर्क सत्ताधारी संरक्षण में फल-फूल रहा है। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि मंत्री प्रतिमा बागरी ने इस्तीफा नहीं दिया और पूरे ड्रग नेटवर्क पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को प्रदेशव्यापी रूप दिया जाएगा।

मामले को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सरकार पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि अब मध्यप्रदेश में ड्रग नेटवर्क नहीं, बल्कि भाजपा रिश्तेदार नेटवर्क” सक्रिय है, जहां अपराधियों की जगह भाजपा नेताओं के रिश्तेदार पकड़े जा रहे हैं। पटवारी ने सवाल उठाया कि जब मंत्री के घर से गांजे की तस्करी के तार जुड़ रहे हों और गृह विभाग मुख्यमंत्री के पास ही हो, तब जवाबदेही आखिर किसकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार सत्ता के नशे में डूबी हुई है और अवैध नशे के कारोबार को संरक्षण मिल रहा है।

इस्तीफे और जवाबदेही की मांग

कांग्रेस ने मांग की कि राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी तुरंत इस्तीफा दें और मुख्यमंत्री मोहन यादव पूरे मामले पर स्पष्ट जवाब दें। जीतू पटवारी ने यह भी कहा कि कानून-व्यवस्था की स्थिति गंभीर है और यदि गृह विभाग संभालना संभव नहीं तो मुख्यमंत्री को यह जिम्मेदारी किसी सक्षम व्यक्ति को सौंपनी चाहिए।

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