नागपुर। नागपुर में बीते 17 मार्च को भड़की हिंसा पर महाराष्ट्र सरकार ने एक्शन लेना शुरू कर दिया है। हिंसा मामले में मास्टरमाइंड फहीम शमीम खान के घर पर प्रशासन ने बुलडोजर चला दिया है। नगर निगम की टीम ने सोमवार को सुबह बुलडोजर से उसके घर के अवैध हिस्से को ढहाया है। बताया जा रहा है कि नोटिस के बाद भी उसने अवैध ढांचे को नहीं हटाया। बता दें कि तीन पहले महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने चेताते हुए साफ शब्दों में कह दिया था कि जरूरत पड़ी तो आरोपियों के घर पर बुलडोजर भी चलेगा। उनके इस चेतावनी का असर आज दिख भी गया।
नागपुर के संजय बाग कॉलोनी, यशोधरा नगर में स्थित जिस मकान पर प्रशासन ने बुलडोजर चलाया है वह मकान फहीम खान की पत्नी के नाम पर है। नगर निगम ने बिल्डिंग प्लान अप्रूवल में गड़बड़ी को लेकर नोटिस जारी किया था। इसमें कई खामियों और घर के लिए बिल्डिंग प्लान की मंजूरी न होने का हवाला दिया गया था। जानकारी के मुताबिक, घर यशोधरा नगर इलाके में संजय बाग कॉलोनी में स्थित है। घर फहीम खान की पत्नी के नाम पर पंजीकृत है। एमडीपी के शहर प्रमुख फिलहाल जेल में बंद हैं। कोर्ट ने उसे 21 मार्च तक के लिए पुलिस कस्टडी में भेजा था। फहीम पर आरोप है कि उसने लोगों को उकसाकर हिंसा के लिए भीड़ जुटाई थी। वहीं पुलिस ने दावा किया है कि इस दंगे को भड़काने में मुख्य आरोपी 38 वर्षीय फहीम शमीम खान का हाथ है।
भड़काऊ भाषण देकर समुदाय के लोगों को भड़काया: जांच में खुलासा
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि फहीम ने भड़काऊ भाषण देकर समुदाय के लोगों को उकसाया था, जिसके बाद नागपुर में हिंसा भड़की थी। एफआईआर में भी उसका नाम दर्ज है। वहीं फहीम ने दावा किया कि उसे राजनीतिक प्रतिशोध के चलते गिरफ्तार किया गया है, क्योंकि उसने विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। फहीम खान ने साल 2024 के लोकसभा चुनाव में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के खिलाफ चुनाव लड़ा था। वह अल्पसंख्यक डेमोक्रेटिक पार्टी के टिकट पर नागपुर सीट से चुनाव लड़ा था, जिसमें उसे करारी हार का सामना करना पड़ा था। चुनावी मैदान में उतरने के बाद से ही वह राजनीतिक रूप से सक्रिय हो गया था और शहर में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रहा था।
फडणवीस ने कहा था- जरूरत पड़ी तो बुलडोजर भी चलाएंगे
हिंसा के पांचवें दिन शनिवार को उट देवेंद्र फडणवीस ने नागपुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा-हिंसा में हुए नुकसान की भरपाई दंगाइयों की संपत्ति बेचकर वसूली जाएगी। जरूरत पड़ी तो बुलडोजर भी चलाया जाएगा। उन्होंने कहा- पीड़ितों को जल्द ही नुकसान की भरपाई की जाएगी। जिन्होंने पुलिस पर हमला किया, उनके खिलाफ कठोर से कठोर धाराएं लगाई जाएंगी। उन्होंने विपक्ष के आरोप पर कहा कि हिंसा इंटेलिजेंस फेल्योर या राजनीतिक साजिश नहीं थी। फडणवीस ने बताया कि लेडी कॉन्स्टेबल के साथ छेड़छाड़ की खबर सच नहीं है। उन पर पत्थर जरूर फेंके गए थे। हिंसा का कनेक्शन बांग्लादेश से होने के शिवसेना के दावे पर उन्होंने कहा कि यह कहना जल्दबाजी होगी। हालांकि, इस एंगल से भी जांच की जा रही है।