भोपाल। राजधानी भोपाल के मछली परिवार के पाप की लंका ढह गई है। मोहन सरकार के निर्देश पर जिला प्रशासन ने ड्रग्स तस्करी और लव जिहाद पर करारा प्रहार करते हुए मछली की कोकता के हथाईखेडा में बनी 25 करोड की कोठी पर बुलडोजर चला दिया है। इस एक्शन में एसडीएम विनोद सोनकिया समेत जिला प्रशासन, पुलिस और नगर निगम का अमला शामिल रहा।
कोकता क्षेत्र में बनी कई करोड़ों रुपए की कोठी को बुलडोजर और जेसीबी मशीनों की मदद से जमींदोज किया किया। बताया जा रहा है कि यह हवेली लगभग 10 हजार वर्ग फीट में बनी है, वहीं कई एकड़ क्षेत्र में यह फैली हुई है जिसके आगे और पीछे आकर्षक बगीचे भी हैं। कोकता क्षेत्र की हवेली को ढहाए जाने से पहले सुरक्षा के व्यापक बंदोबस्त किए गए थे क्योंकि वहां रहने वाले रहवासी कार्रवाई का विरोध करने भी सामने आ गए थे।
छावनी में तब्दील कर दिया था इलाके को
लगभग 500 पुलिस जवानों की तैनाती के बाद प्रशासन ने हवेली बुलडोजर चलाया। इससे पहले भी जिला प्रशासन ने मछली परिवार की छह बड़ी संपत्तियों पर कार्रवाई की थी। 30 जुलाई को अवैध रूप से बने फार्महाउस, वेयरहाउस, मकान आदि को तोड़ा गया था। हताईखेड़ा क्षेत्र में करीब 50 एकड़ सरकारी जमीन पर अवैध रूप से बने फॉर्म हाउस, वेयर हाउस, फैक्ट्री और मकान को तोड़ा गया था और नियमों के चलते कोठी को सील किया गया था। जिसे गुरुवार को ढहा दिया गया।
छात्राओं से रेप और ब्लैकमेल करने के आरोप में हुई गिरफ्तारी
बता दें कि पिछले दिनों राजधानी में ड्रक तस्करी और महाविद्यालय की छात्राओं से रेप तथा उन्हें ब्लैकमेल करने के आरोप में पुलिस ने मछली परिवार के दो सदस्यों, यासीन और शाहवर मछली, को गिरफ्तार किया था। बाद में इसी परिवार के शारिक मछली को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया। ड्रग्स तस्करी के आरोप में यासीन और उसके चाचा शाहवर मछली के पुलिस के हत्थे चढने के बाद अब इनके परिवार के अवैध निर्माण पर प्रशासन का बुलडोजर चल रहा है। बताया जाता है कि बीते कुछ दिनों में ऐसी संपत्ति के बारे में पता लगाया गया, जो अवैध या सरकारी जमीन पर बनी हों अथवा किसी ने छीनी गई हो।
जांच में हुआ था यह खुलासा
पुलिस और जिला प्रशासन की जांच कार्रवाई में इस बात का खुलासा हुआ कि इस परिवार ने कई करोड़ की संपत्ति बना रखी है और अवैध कब्जे भी हैं। यह सारी संपत्ति इस परिवार ने अवैध कार्यों के जरिए बनाई है। मछली परिवार के खिलाफ कई मामलों का खुलासा हुआ है, वहीं पीड़ित लोग भी सामने आए हैं। जिला प्रशासन और पुलिस ने इस परिवार की अवैध संपत्तियों का विवरण तैयार किया और कार्रवाइयों का सिलसिला शुरू किया।