24.8 C
Bhopal

मप्र में एक और बाघ की गई जान, संजय टाइगर रिजर्व की घटना, करंट की चपेट आ गया था टी-43

प्रमुख खबरे

सीधी। टाइगर स्टेट मध्यप्रदेश में बाघों की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। इसी क्रम में सीधी जिले के संजय टाइगर रिजर्व से एक और बाघ के मौत की बुरी खबर आई है। बाघ की मौत करंट की चपेट में आने से हुई है। उसकी पहचान टी-43 के रूप में हुई है। बाघ की मौत की खबर की जानकारी मिलते ही वन विभाग में हडकंप मच गया है।

वन अधिकारियों के मुताबिक, जंगल में हाई-वोल्टेज बिजली के तार बिछाए थे, जिसमें बाघ फंस गया और उसकी दर्दनाक मौत हो गई।संजय टाइगर रिजर्व के एसडीओ सुधीर मिश्रा ने बताया कि रात करीब 12 बजे उन्हें सूचना मिली कि जंगल में एक बाघ मृत पाया गया है। इसके बाद पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। जांच के बाद वन अपराध प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्रवाई तेज कर दी गई है।

तीन डाॅक्टरों की टीम ने किया पोस्टमार्टम
एसडीओ तीन डॉक्टरों की टीम ने पोस्टमार्टम किया और टाइगर के विसरा को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया। उन्होंने दावा किया कि बाघ के सभी अंग सुरक्षित थे। पोस्टमार्टम के बाद एनटीसीए प्रतिनिधियों और अधिकारियों की मौजूदगी में शव को जला दिया गया। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जांच में पता चला कि बाघ की मौत बिजली के तारों की चपेट में आने से हुई, जो शायद किसानों ने फसल बचाने के लिए लगाए थे। हालांकि, शिकारियों की संलिप्तता से इनकार नहीं किया जा सकता।

साक्ष्य के आधार पर होगी कार्रवाई
सुधीर मिश्रा ने कहा कि संजय टाइगर रिजर्व में लगातार वन्यजीवों की मौत बिजली के जाल में फंसने से हो रही है। उन्होंने बताया कि जांच में जो साक्ष्य मिलेंगे, उसी आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि अगर कहीं पर किसी भी प्रकार की लापरवाही है, तो तत्काल दुरुस्त किया जाए। हमारा कर्तव्य है कि हर जानवर की हिफाजत सुनिश्चित की जाए। किसी को भी कोई क्षति नहीं पहुंचे।

- Advertisement -spot_img

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -spot_img

ताज़ा खबरे