श्रीनगर। श्रद्धा, भक्ति और आस्था से ओतप्रोत अमरनाथ यात्रा की शुरुआत गुरुवार से हो गई है। बोल बम और बर्फानी बाबा की जयघोष के साथ अमरनाथ यात्रा का पहला जत्था रवाना हुआ। सुबह आरती के साथ यात्रा औपचारिक रूप से शुरू हो गई। अमरनाथ गुफा मंदिर में बाबा बर्फानी की आरती के दौरान देशभर से आए हजारों श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया और भगवान बर्फानी बाबा का आशीर्वाद लिया। बता दें कि यह धार्मिक यात्रा आज से शुरू होकर 9 अगस्त तक चलेगी। 38 दिनों तक चलने वाली इस यात्रा का समापन रक्षाबंधन के दिन होगा।
बालटाल और पहलगाम बेस कैंपों से पहला जत्था आज सुबह तड़के गुफा की ओर रवाना हुआ। भक्ति के रंग में रंगे श्रद्धालुओं के जयघोष- हर हर महादेव और बम बम भोले से पहाड़ियां गूंज उठीं। जम्मू बेस कैंप से भी तीर्थयात्रियों का एक और दल सुरक्षा व्यवस्था के बीच पवित्र यात्रा के लिए रवाना हुआ। गुफा परिसर का आध्यात्मिक वातावरण भक्ति और श्रद्धा से सराबोर रहा। आरती में शामिल होकर श्रद्धालु इस पवित्र तीर्थ यात्रा के औपचारिक शुरुआत का हिस्सा बन।
श्रद्धालुओं में दिखा उत्साह…
बालटाल से यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं की आंखों में खुशी साफ-साफ दिखाई झलक रही थी। उत्तराखंड की मनीषा रामोला ने कहा, मैं बहुत खुश हूं… व्यवस्था बहुत अच्छी है। बिना दस्तावेज और वैध पहचान पत्र के किसी को अनुमति नहीं है। यह हमारी सुरक्षा के लिए है। मैं देश की सलामती और सुख-शांति की प्रार्थना करती हूं। वहीं, पश्चिम बंगाल से आए एक श्रद्धालु ने कहा, हम बिल्कुल भी डरे हुए नहीं हैं। सरकार और सेना की व्यवस्था बहुत अच्छी है। हमें कोई डर नहीं है। पहलगाम से निकले पहले जत्थे की कविता सैनी ने कहा, यह मेरी पहली अमरनाथ यात्रा है। अनुभव बहुत अच्छा है। मैं प्रार्थना करती हूं कि हमारे देश में शांति बनी रहे और जो हाल ही में घटनाएं हुईं, वो दोबारा ना हों।
श्रद्धालुओं में अभूतपूर्व जोश
पंजाब के संगरूर से आए श्रद्धालु ने बताया कि यह उनकी 14वीं अमरनाथ यात्रा है। उन्होंने कहा, कोई जल्दबाजी की जरूरत नहीं है। सरकार ने बेहतरीन इंतजाम किए हैं। कश्मीर के डिविजनल कमिश्नर विजय कुमार बिधूरी ने कहा, यह यात्रा सिर्फ धार्मिक नहीं, बल्कि पूरे देश की सहभागिता का प्रतीक है। सुरक्षा बल, पिट्ठू, टेंट संचालक हर कोई इसमें शामिल है। श्रद्धालुओं का जोश अभूतपूर्व है। मैं कामना करता हूं कि सबकी मनोकामनाएं पूरी हों और देश और कश्मीर में शांति बनी रहे।
अमरनाथ गुफा तक पहुंचना आसान नहीं
गौरतलब है कि अमरनाथ गुफा तक पहुंचना आसान नहीं होता। रास्ता दुर्गम, मौसम कठोर और ऊंचाई ज्यादा होती है। फिर भी, श्रद्धालुओं की अटूट भक्ति इन सभी कठिनाइयों को पार कर जाती है। अमरनाथ की पौराणिक कथा भगवान शिव और माता पार्वती से जुड़ी है, जिसमें भगवान शिव ने अमरत्व का रहस्य माता पार्वती को इसी गुफा में बताया था। तभी से यह स्थान आस्था, तपस्या और मोक्ष की कामना से जुड़ा हुआ है और हर साल सावन मास में लाखों लोग इस यात्रा में सम्मिलित होते हैं।
यात्रा को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
अमरनाथ यात्रा पर कश्मीर के संभागीय आयुक्त विजय कुमार बिधूड़ी ने कहा, यह यात्रा सिर्फ धार्मिक यात्रा नहीं है। इसमें सुरक्षा बल, पिट्ठू, टेंट, हर सेवा प्रदाता शामिल होता है। श्रद्धालुओं में उत्साह अद्वितीय होता है। मैं प्रार्थना करता हूं कि सभी की मनोकामनाएं पूरी हों और कश्मीर तथा देश के बाकी हिस्सों में शांति और खुशहाली बनी रहे।