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मप्र में मानसून से पहले डेंगू अलर्ट, 20 हजार से ज्यादा घरों में लार्वा मिला

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मध्यप्रदेश में डेंगू नियंत्रण अभियान के तहत अब तक 38.70 लाख घरों का लार्वा सर्वे किया गया, जिसमें 20 हजार से ज्यादा घरों में मच्छरों का लार्वा मिला।

प्रदेश में इस साल अब तक 303 डेंगू पॉजिटिव मरीज सामने आए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू नियंत्रण के लिए ड्रोन और

मानसून से पहले मध्यप्रदेश में डेंगू को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है।

राष्ट्रीय वाहक जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत शनिवार को पूरे प्रदेश में राष्ट्रीय डेंगू दिवस मनाया गया।

इस दौरान जागरूकता रैली, नारा लेखन, जनजागरूकता रथ, नुक्कड़ नाटक और अंतर्विभागीय बैठकों के जरिए लोगों को डेंगू से बचाव का संदेश दिया गया।

राज्य वाहक जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम अधिकारी डॉ. हिमांशु जायसवार ने बताया कि वर्ष 2026 में अब तक प्रदेश में 18 हजार से ज्यादा डेंगू जांचें की जा चुकी हैं, जिनमें 303 मरीज पॉजिटिव मिले हैं। पिछले साल इसी अवधि में 344 केस सामने आए थे।

इस तरह इस बार करीब 12 प्रतिशत मामलों में कमी दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय डेंगू दिवस मनाने का उद्देश्य मानसून से पहले लोगों को जागरूक करना और डेंगू नियंत्रण गतिविधियों को तेज करना है।

एम्बेड परियोजना के डॉ.संतोष भार्गव ने बताया कि इस साल राष्ट्रीय डेंगू दिवस की थीम डेंगू नियंत्रण के लिए सामुदायिक भागीदारी: जांचें, साफ करें और ढकें रखी गई है।

स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि घरों और आसपास पानी जमा न होने दें, कूलर और पानी की टंकियों की नियमित सफाई करें और खुले बर्तनों को ढककर रखें।

प्रदेश के जिला अस्पतालों और चिन्हित सिविल अस्पतालों सहित 64 सेंटीनल लैब में डेंगू जांच की सुविधा मुफ्त उपलब्ध कराई जा रही है।

विभाग के अनुसार प्रदेशभर में 38.70 लाख से ज्यादा घरों में लार्वा सर्वे किया गया। इनमें 20,238 घरों में डेंगू मच्छर का लार्वा मिला, जिसे टीमों ने मौके पर ही नष्ट कर दिया।

डेंगू नियंत्रण के लिए एंटी लार्वा केमिकल छिड़काव, लार्वा खाने वाली गम्बुसिया मछलियों का उपयोग और फॉगिंग अभियान भी चलाया जा रहा है।

डेंगू नियंत्रण अभियान में इस बार तकनीक का भी सहारा लिया जा रहा है। इंदौर जिले में ड्रोन तकनीक के जरिए उन इलाकों की पहचान की जा रही है, जहां टीमों की पहुंच मुश्किल है और मच्छरों के पनपने की संभावना अधिक रहती है।इसके अलावा विभाग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से संभावित डेंगू प्रभावित क्षेत्रों का पहले से अनुमान लगाने पर काम कर रहा है, ताकि समय रहते नियंत्रण गतिविधियां शुरू की जा सकें।

डेंगू जागरूकता अभियान में सरकारी विभागों के साथ निजी संस्थाएं भी सहयोग कर रही हैं। एम्बेड परियोजना के तहत 28 जिलों में करीब 1500 वालंटियर्स जनजागरूकता, लार्वा सर्वे और केस फॉलो-अप का काम कर रहे हैं। शिक्षा विभाग के सहयोग से स्कूलों में पोस्टर, ड्राइंग प्रतियोगिता, नारा लेखन और जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए गए।

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