मध्य प्रदेश के 97 नवनिर्मित भवनों में सांदीपनि विद्यालयों को शिफ्ट कर दिया गया है। इनमें एक से तीन किमी के दायरे में स्थित कम छात्र संख्या वाले करीब 300 स्कूलों को मर्ज करने की तैयारी है।
भोपाल के दो सांदीपनि विद्यालयों में आसपास की 11 स्कूलों के करीब 160 विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जाएगा। आवेदन अधिक होने पर प्रवेश लॉटरी के माध्यम से दिए जाएंगे। इसके बाद खाली सीटों पर भर्ती की जाएगी। विभाग का लक्ष्य है कि मार्च में प्रवेश प्रक्रिया पूरी कर एक अप्रैल से कक्षाएं संचालित कर दी जाएं।
प्रदेश में 274 सांदीपनि विद्यालय विकसित
दरअसल, स्कूल शिक्षा विभाग ने आदेश जारी किया है कि जिन सांदीपनि स्कूलों को नए भवन में शिफ्ट किया गया है, उन्हें तीन किमी के दायरे में स्थित कम संख्या वाले स्कूलों के सभी विद्यार्थियों को प्रवेश देना होगा। प्रदेश में कुल 274 सरकारी स्कूलों को सर्वसुविधायुक्त सांदीपनि विद्यालय के रूप में विकसित किया गया है। इनमें से 161 के भवन बन चुके हैं। 97 स्कूल नए भवनों में शिफ्ट कर दिए गए हैं, 64 स्कूलों के भवनों का लोकार्पण होना बाकी है।
भोपाल में 11 स्कूलों के 160 बच्चे शिफ्ट होंगे
राजधानी भोपाल की दो सांदीपनि विद्यालयों में आसपास के करीब 11 स्कूलों के लगभग 160 विद्यार्थियों को स्थानांतरित किया गया है। रशीदिया सांदीपनि स्कूल के प्राचार्य केडी श्रीवास्तव ने कहा कि विद्यालय में प्रारंभिक सीटें 25 हैं, जिन्हें बढ़ाकर दोगुना किया जाएगा। कमला नेहरू सांदीपनि विद्यालय में सात स्कूलों के 100 विद्यार्थियों और सांदीपनि विद्यालय बर्रई में चार स्कूलों के करीब 60 बच्चों को स्थानांतरित करने की जानकारी दी गई।
भोपाल के जिला शिक्षा अधिकारी एन के अहिरवार का कहना है कि जितने सांदीपनि विद्यालयों के भवन बनते जा रहे हैं, उनमें आसपास के स्कूलों के बच्चों को शिफ्ट किया जा रहा है। छोटे स्कूल बंद हो जाएंगे।



