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आष्टा में हल्दी का पानी पीने से भेड़ों की मौत, 100 से ज्यादा बीमार

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सीहोर जिले के आष्टा क्षेत्र में ग्राम मैना और खामखेड़ा के बीच रोड के पास डेरा डाले राजस्थान के पशुपालक परिवारों की करीब 70 भेड़ों की हल्दी का घोल पिलाने से संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई, जबकि लगभग 100 से अधिक भेड़-बकरियां बीमार बताई जा रही हैं।

एक भेड़ की औसत कीमत लगभग 15 हजार रुपये बताई गई है और किसी भी पशु का बीमा नहीं होने से पशुपालकों को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।

हल्दी पिलाने के बाद बिगड़ी पशुओं की हालत

जानकारी के अनुसार 22 फरवरी को ग्राम मैना के साप्ताहिक बाजार से पिसी हुई हल्दी खरीदी गई थी। 23 फरवरी को पशुपालकों ने हल्दी को पानी में घोलकर जानवरों को पिलाया। इसके कुछ समय बाद कई पशुओं में उल्टी, कमजोरी और अचानक गिरने जैसे लक्षण दिखाई देने लगे। देखते ही देखते बड़ी संख्या में भेड़ों की मौत हो गई। पशुपालकों ने आशंका जताई है कि खरीदी गई हल्दी में मिलावट या कोई जहरीला तत्व हो सकता है।

घटना की सूचना पर प्रशासन हरकत में आया। आष्टा जनपद पंचायत के सीईओ अमित व्यास के निर्देश पर ग्राम पंचायत द्वारा गड्ढे खुदवाकर मृत भेड़ों को दफनाया गया, ताकि संक्रमण या अन्य किसी प्रकार का खतरा न फैले।

मौके पर राजस्व और पशु चिकित्सा विभाग की टीम ने पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। बीमार पशुओं का उपचार जारी है। थाना पार्वती में मृत मवेशी कायम किया गया है।

पुलिस जांच और बिसरा रिपोर्ट का इंतजार

हरतिगाराम पिता रूपाजी उम्र 40 वर्ष निवासी ग्राम काम्बा जिला जालौन राजस्थान ने बताया कि 24 फरवरी को सुबह करीब 10 बजे उसकी 70 भेड़ें अचानक मर गईं, जबकि अन्य पशु बीमार हैं।

मृत्यु का कारण फिलहाल अज्ञात बताया गया है। हालांकि शिकायतकर्ता का कहना है कि हल्दी का घोल पिलाने से मौत हुई है, जिसकी बिसरा लेकर पशुपालन विभाग जांच कर रहा है।

पार्वती थाना प्रभारी राजेंद्र परमार का कहना है मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। ग्रामीणों और पशुपालकों ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। प्रशासन ने जांच के बाद उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

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