मध्य प्रदेश में दूषित पानी से इंदौर आहत है, अपनों को खोने का गम और पानी पीने का डर अब उनकी डेली रूटीन का हिस्सा बन चुका है। वहीं अब भोपाल में भी कई इलाकों में जहरीले पानी की पुष्टि की गई है।
यहां पानी में इंदौर की तरह ही जानलेवा बैक्टीरिया पाए गए हैं। भोपाल नगर निगम ने इन इलाके के लोगों को पानी न पीने की सख्त हिदायत दी है।
BMC ने उन्हें चेताया है कि वे पीने और खाना बनाने में इस पानी का उपयोग बिल्कुल न करें। इस सख्त हिदायत के बाद अब यहां लोग दहशत में आ गए हैं।
लिए गए थे 250 से अधिक पानी के सैंपल
दरअसल, इंदौर के भागीरथपुरा की मुख्य पेयजल लाइन में लिकेज था, जिसमें सीवेज के मल-मूत्र का पानी पेयजल लाइन में मिल रहा था। इसके बाद BMC ने भी एहतियातन भोपाल शहर भर के संभावित इलाकों से 250 से अधिक पानी के सैंपल लिए थे। सैंपल जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए थे।
तीन इलाकों में स्थिति बेहद चिंताजनक
नगर निगम की ताजा वॉटर सैंपलिंग रिपोर्ट में राजधानी के तीन स्थानों पर स्थिति चिंताजनक पाई गई है। शहर के तीन प्रमुख इलाकों के पानी में ई-कोलाई बैक्टीरिया की पुष्टि की गई है। रिपोर्ट सार्वजनिक होते ही प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में अलर्ट जारी कर दिया है।
इन इलाकों में मिला जानलेवा बैक्टीरिया
आदमपुर छावनी:
यहां के अलग-अलग जल सोर्स के दो सैंपलों की रिपोर्ट चिंताजनक पाई गई है। दोनों में ई-कोलाई बैक्टीरिया (E. coli bacteria) की पुष्टि की गई है।
खानू गांव:
इस इलाके में एक कुएं से दूषित पानी मिलने की पुष्टि की गई है। जांच रिपोर्ट में इस क्षेत्र के पेयजल में गंभीर संक्रमण (E. coli bacteria) मिला है। जो जानलेवा हो सकता है।
बाजपेई नगर:
यहां एक नलकूप का पानी जांच में दूषित पाया गया। स्थानीय रहवासियों को पीने और खाने में इस पानी का इस्तेमाल न करने के लिए चेताया गया है।
प्रशासन ने दी सख्त हिदायत भूलकर भी न करें पानी का इस्तेमाल
गंभीर जांच रिपोर्ट आने के बाद भोपाल नगर निगम के अधिकारियों ने इन तीनों ही इलाकों में रहवासियों के लिए चेतावनी जारी कर दी है। लोगों को स्पष्ट रूप से समझाया और जागरूक किया गया है कि वे फिलहाल ग्राउंड वॉटर का उपयोग पीने या खाना बनाने के लिए बिल्कुल न करें।
दूषित जल से किडनी फेलियर, हैजा
हेल्थ एक्सपर्ट्स डॉ. विनोद कोठारी का कहना है कि ये बैक्टीरिया (E. coli bacteria) सीधे तौर पर पाचन तंत्र और किडनी पर हमला करता है। इससे किडनी फेलियर, हैजा, दस्त, पेट में तेज दर्द, उल्टी और डिहाइड्रेशन जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ता है। इंदौर में हाल ही में 20 लोगों की मौतों की वजह यही बैक्टीरिया रहा है।
अब पेयजल के शुद्धिकरण की तैयारी
अब नगर निगम इन क्षेत्रों में वैकल्पिक पेयजल आपूर्ति करने और दूषित जल सोर्स के शुद्धिकरण की प्लानिंग कर रहा है। प्रभावित इलाकों के रहवासी इस खुलासे के बाद गहरे खौफ में हैं, क्योंकि इन क्षेत्रों में बड़ी आबादी पूरी तरह से भूजल पर ही निर्भर है।



