मध्य प्रदेश विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र 17 दिसंबर को आयोजित होगा। इस सत्र में राज्य सरकार ‘विकसित, आत्मनिर्भर और समृद्ध मध्य प्रदेश’ के लक्ष्य को लेकर तैयार किए गए विजन 2047 और आगामी तीन वर्षों की कार्ययोजना सदन के सामने रखेगी।
वहीं, कांग्रेस विधायक दल इस सत्र में प्रदेश की आर्थिक स्थिति सहित किसानों, युवाओं, महिलाओं, आदिवासियों, दलितों, पिछड़ों और कमजोर वर्गों से जुड़े अहम मुद्दों को जोर-शोर से उठाने की तैयारी में है।
विशेष सत्र में उठाए जाने वाले विषयों को अंतिम रूप देने के लिए कांग्रेस विधायक दल की बैठक मंगलवार को बुलाई गई है। बैठक में सरकार की नीतियों की समीक्षा के साथ उन मुद्दों पर मंथन होगा, जिन्हें सदन में प्रमुखता से रखा जाएगा।
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि विशेष सत्र केवल औपचारिकता बनकर न रह जाए। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि किसानों की आय, युवाओं को रोजगार, महिलाओं की सुरक्षा, आदिवासी और दलित समाज के अधिकारों के साथ-साथ प्रदेश की कमजोर आर्थिक स्थिति पर गंभीर और सार्थक चर्चा होनी चाहिए।
उमंग सिंघार ने कहा कि कांग्रेस विधायक दल की बैठक में किसानों को उपज का उचित मूल्य न मिलने, बढ़ती बेरोजगारी, महिलाओं की सुरक्षा, आदिवासी-दलित और पिछड़े वर्गों से जुड़े मुद्दों के अलावा प्रदेश के विकास की वास्तविक चुनौतियों पर चर्चा की जाएगी। इसके बाद इन्हीं विषयों को विशेष सत्र में सरकार के सामने मजबूती से रखा जाएगा।



