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सरोकार के अभियान में बच्चों को सिखाया लैंगिक समानता और हिंसा रोकने का पाठ

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महिलाओं के विरूद्ध हिंसा रोकने के 16 दिवसीय विश्वव्यापी अभियान के तहत सामाजिक संस्था सरोकार द्वारा शासकीय हायर सेकेण्डरी स्कूल, ग्राम बगरौदा, भोपाल में किशोरवय बच्चों के जागरूकता और संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मप्र स्वास्थ्य विभाग की सेवानिवृत एडीशनल डायरेक्टर डॉ. वीणा सिन्हा ने संबोधित करते हुए कहा कि महिलाओं के विरुद्ध हिंसा रोकने में बच्चों की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण होती है। बच्चे स्वयं की शक्ति और क्षमताओं को पहचाने और यह सोचें, समझे कि हिंसा की शुरूआत चुप्पी से होती और रोकथाम साहस से।

उन्होंने अपने संबोधन में बताया कि स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे कैसे अपने घर, समाज, मोहल्ले, शहर, देश और दुनिया को महिलाओं के लिए कैसे सुरक्षित और बेखौफ होकर जीने लायक बना सकते हैं और इसमें वह अपनी भूमिका कैसे निभा सकते हैं। उन्होंने समझाया कि लड़के-लड़कियों में कोई खुद को छोटा या बड़ा नहीं समझें, घर और स्कूल में लड़कियों-महिलाओं के काम और फैसलों का सम्मान करें और उनमें अपनी सहभागिता करें।

ऐसी बातों, ऐसे चुटकुलों, छेड़छाड़ का विरोध करें, जो लड़कियों को नीचा दिखाती हैं। लड़कियों से उन्होंने कहा कि वह अपने भीतर जो महसूस हो रहा है, उसे कहना सीखें। कुछ गलत होने पर डरें नहीं और डर लगे तो अपने शिक्षक, माता-पिता या भरोसेमंद व्यक्ति को बताएं। ऐसा करने पर आपके साथ होने वाली हिंसा अपने-आप रुकेगी । कहीं हिंसा दिखे तो हेल्प लाइन नंबर पर सूचित कर सकते हैं, गौरवी केन्द्र की मदद ले सकते हैं।

लैंगिक समानता के प्रति अभियान के लिए प्रतिबद्ध संस्था सरोकार की सचिव कुमुद सिंह ने विद्यार्थियों को व्यक्तिगत और समूह गतिविधियों के माध्यम से समझाया कि जेंडर क्या है, हिंसा क्या है, जेंंडर आधारित हिंसा क्या है, इसे रोकने जरूरत क्यों है और इसके लिए वह क्या-क्या कर सकते हैं।विद्यार्थियों ने विषय को समझने के बाद प्रश्न-उत्तर के माध्यम से अपने विचार साझा किए। और जेंडर समानता, भेदभाव, हिंसा को लेकर बनी अपनी समझ के आधार पर नुक्कड़ नाटक, गीत तैयार करने की बात भी कही।

कुमुद सिंह ने इंटरनेट, मोबाइल के माध्यम से होने वाली डिजीटल हिंसा, साइबर अपराधों की चुनौती और उनसे निपटने के तौर तरीकों के बारे में बताया। उन्होंने जानकारी दी कि इस अभियान के तहत अगली कड़ी में 8 दिसंबर को गांधी भवन में महिलाओं के साथ और फिर 10 दिसंबर को अंतर्राष्ट्रीय मानव अधिकार दिवस पर राजीव गांधी महाविद्यालय में युवा छात्र-छात्राओं के बीच जागरूकता कार्यक्रम किये जाएंगे।

बता दें कि पूरी दुनिया में  25 नवंबर से 10 दिसंबर मानव अधिकार दिवस तक मनाए जाने वाले इस 16 दिवसीय अभियान मुख्य उद्देश्य लोगों में लैंगिक समानता के प्रति जागरूकता फैलाना है और इसके तहत लोगों का समर्थन जुटाना है। महिला हिंसा के विरूद्ध बच्चों की भूमिका को रेखांकित करने के उद्देश्य से स्कूल के कार्यक्रम में कक्षा 8वीं से 11वीं तक के 114 छात्र-छात्राएं, विद्यालय के व्याख्याता, प्रभारी प्राचार्य हृदयेश दुबे, श्री कटारे, सुश्री सलमा सहित बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित थे।

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