मध्य प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को लेकर सियासत गरमाई हुई है. कांग्रेस ने राजधानी भोपाल में निर्वाचन आयोग का घेराव करने का ऐलान किया, लेकिन इसके पहले पुलिस कार्रवाई में यह प्रदर्शन हिंसक हो गया.
कूच के पहले प्रदेश कांग्रेस दफ्तर के बाहर आयोजित सभा में युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और प्रदेश युवा कांग्रेस अध्यक्ष यश घनघोरिया समेत तमाम नेता मौजूद रहे.
सभा में SIR के खिलाफ जनता को जगाने का संकल्प लिया गया, जहां आरोप लगाया गया कि भाजपा सरकार वोटर लिस्ट में हेराफेरी कर रही है. इसके बाद उदय भानु चिब की अगुवाई में कार्यकर्ता निर्वाचन आयोग की ओर कूच कर दिए.
लेकिन, व्यापम चौराहे पर भारी पुलिस बल ने बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोक लिया. कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड्स पर चढ़कर जोरदार नारेबाजी की, जिसके जवाब में प्रशासन ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया. जब भीड़ नहीं छंटी तो हल्का बल प्रयोग किया गया.
राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब सहित तमाम नेताओं की गिरफ्तारी कर ली गई. प्रदर्शनकारियों का दावा था कि वे शांतिपूर्ण तरीके से मांग पत्र सौंपने जा रहे थे, लेकिन सरकार ने युवाओं पर दमन किया.
कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा शासित क्षेत्रों में नाम जोड़े जा रहे हैं, जबकि विपक्षी इलाकों में काटे जा रहे. निर्वाचन आयोग पर BJP का एजेंट होने का आरोप लगाया गया. गिरफ्तार नेताओं को बाद में रिहा करने की मांग उठ रही है.
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा, “SIR के माध्यम से लगातार लोगों के नाम काटे जा रहे हैं. कई विसंगतियां हो रही हैं, जिनकी शिकायतें निर्वाचन आयोग में की गईं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई.
मजबूरन कांग्रेस सड़क पर उतरी है. जनता की लड़ाई जारी रहेगी.” वहीं, उदय भानु चिब ने गिरफ्तारी पर कहा, “हम शांतिपूर्ण घेराव के लिए निकले थे. BJP-ECI का ‘वोट चोरी मॉडल’ उजागर करने का मकसद था. लेकिन सरकार ने लाठी बरसा कर युवाओं को दबाने की कोशिश की. कांग्रेस जनता की लड़ाई सड़कों पर लड़ती रहेगी.”



