मध्यप्रदेश के साढ़े तीन लाख से अधिक पेंशनरों के लिए राहतभरी खबर आई है। हाईकोर्ट ने सरकार की रिव्यू याचिका खारिज करते हुए छह माह में एरियर और 6% ब्याज के साथ भुगतान का आदेश बरकरार रखा है।
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को बड़ा झटका देते हुए पेंशनरों के पक्ष में दिया गया पूर्व आदेश बरकरार रखा है।
अदालत ने सरकार की रिव्यू याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें छठवें वेतनमान के 32 माह के एरियर भुगतान पर रोक लगाने की मांग की गई थी।
अब प्रदेश के साढ़े तीन लाख से अधिक पेंशनर्स को 6% ब्याज सहित बकाया राशि मिलने का रास्ता साफ हो गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्ष 2016 में पेंशनर्स एसोसिएशन संगठन की ओर से याचिका दायर की गई थी, जिसमें यह मुद्दा उठाया गया था कि कर्मचारियों को छठवें वेतनमान का लाभ दिया गया, लेकिन पेंशनर्स को उसका भुगतान नहीं किया गया।
इस पर दो मार्च 2020 को हाईकोर्ट ने राज्य शासन के वित्त विभाग को आदेश दिया था कि छह माह के भीतर पेंशनरों को बकाया राशि 6 प्रतिशत ब्याज सहित दी जाए।
हालांकि, सरकार ने इस आदेश के खिलाफ रिव्यू पिटीशन दायर कर रोक लगाने की मांग की थी।
इस पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने 31 अक्टूबर 2025 को सरकार की याचिका को निरस्त कर दिया और अपने पूर्व आदेश को ज्यों का त्यों बनाए रखा।
हाईकोर्ट का यह फैसला लंबे समय से न्याय की प्रतीक्षा कर रहे पेंशनर्स के लिए एक बड़ी राहत और नए साल से पहले आर्थिक संबल साबित होगा।



