नई दिल्ली। लोकआस्था और सूर्य उपासना का महापर्व छठ पूजा शनिवार को नहाय-खाय के साथ शुरू हो गया है। चार दिनों तक चलने वाला यह पर्व न सिर्फ बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश में, बल्कि देश और विदेश में भी श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह सहित देश के कई नेताओं ने देशवासियों को शुभकामनाएं दी।
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि नहाय-खाय के पावन अनुष्ठान के साथ आज से चार दिवसीय महापर्व छठ का शुभारंभ हो रहा है। बिहार सहित देशभर के श्रद्धालुओं को मेरी हार्दिक शुभकामनाएं। सभी व्रतियों को मेरा नमन और वंदन। पीएम ने आगे लिखा कि हमारी संस्कृति का यह विराट उत्सव सादगी और संयम का प्रतीक है, जिसकी पवित्रता और नियम-निष्ठा अतुलनीय है। इस पावन अवसर पर छठ के घाटों पर जो दृश्य दिखाई देता है, उसमें पारिवारिक और सामाजिक सद्भाव की अद्भुत प्रेरणा होती है।
अमित शाह ने की सुख समृद्धि की कामना
वहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट करते हुए लिखा, परंपरा, आस्था और सामाजिक समरसता के उत्सव छठ पूजा के नहाय-खाय की सभी को हार्दिक शुभकामनाएं। छठी मईया से सभी के सुख और समृद्धि की प्रार्थना करता हूं। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भी देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने आधिकारिक एक्स पोस्ट में लिखा, जय छठी मईया! नहाए-खाए के पवित्र अवसर के साथ आज शुरू हो रहे आस्था व सूर्य उपासना के महापर्व छठ पूजा की सभी को हार्दिक शुभकामनाएं।
बिहार सीएम ने भी दी छठ पर्व की शुभकामनाएं
छठ पूजा को लेकर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी एक्स पर पोस्ट किया। पोस्ट में उन्होंने लिखा कि लोक आस्था के चार दिवसीय महापर्व छठ के अवसर पर प्रदेश एवं देशवासियों को बधाई एवं शुभकामनाएं। लोक आस्था का यह महापर्व आत्मानुशासन का पर्व है, जिसमें लोग शुद्ध अंतःकरण और निर्मल मन से अस्ताचल और उदीयमान भगवान सूर्य को अर्घ्य अर्पित करते हैं। महापर्व छठ के अवसर पर भगवान भास्कर से राज्य की प्रगति, सुख, शांति और समृद्धि के लिए प्रार्थना है।
दिल्ली सीएम ने छठ पूजा को बताया भारतीय संस्कृति की आत्मा
दिल्ली सीएम रेखा गुप्ता ने अपने एक्स संदेश में छठ पूजा को भारतीय संस्कृति की आत्मा बताया। उन्होंने लिखा, नहाय-खाय से आरंभ हुआ सूर्योपासना का महापर्व छठ, शुद्धता, अनुशासन और आत्मसंयम की साधना है। बिहार की लोकसंस्कृति ने इस पर्व में वह जीवन-दर्शन रचा है, जहां प्रकृति और श्रद्धा एक सूत्र में बंधे हैं। नहाय-खाय की इस पावन बेला पर छठी मईया सभी परिवारों को सुख, शांति और समृद्धि प्रदान करें। उन्होंने आगे कहा कि सूर्यदेव अपनी ऊर्जा से भारत को नई ज्योति दें और यह लोकपरंपरा पूरे देश को एकता, अनुशासन और स्वावलंबन का मार्ग दिखाती रहे।
भारतीय संस्कृति में सबसे अनुशासित और शुद्ध पर्व माना गया
चार दिनों तक चलने वाला यह पर्व भारतीय संस्कृति में सबसे अनुशासित और शुद्ध पर्व माना जाता है। नहाय-खाय के बाद खरना, फिर सांझ अर्घ्य और अंत में भोर अर्घ्य के साथ यह पर्व संपन्न होता है। सूर्य उपासना का यह अनोखा पर्व जहां आस्था का प्रतीक है। छठ पूजा की इस पावन शुरुआत पर पूरा देश भक्ति, उत्साह और एकता की भावना से ओत-प्रोत नजर आ रहा है।



