मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार 1 अक्टूबर को वन विहार में गोल्फ कार्ट (ई-व्हीकल गाडियां) का शुभारंभ किया। इसके साथ ही वन विहार अब नो व्हीकल जोन घोषित कर दिया गया है।
अब यहां न न कार अंदर जा सकेगी और न बाइक या बसें। यहां आने वाले पर्यटक 40 गोल्फ कार्ट के माध्यम से वन विहार घूम सकेंगे।
वाइल्ड लाइफ पर्यटकों की पहली पसंद राजधानी का वन विहार नेशनल पार्क 1 अक्टूबर से ‘नो व्हीकल जोन नेशनल पार्क’ बन गया है। पर्यटकों सहित वन्य जीवों व नेशनल पार्क को प्रदूषण रहित बनाने के लिए प्रबंधन द्वारा यह निर्णय लिया गया है। पर्यटकों को यहां पर 40 गोल्फ कार्ट प्रारंभ की गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार वन विहार प्रबंधन ने यह निर्णय इसलिए लिया है क्योंकि यहां घूमने आने वाले टूरिस्ट कई बार अपनी गाड़ियों के हॉर्न तेज आवाज में बजाते हैं। इससे अन्य पर्यटकों के साथ वन्य प्राणी भी परेशान होते हैं। इसलिए यह कदम उठाया गया है।
प्रबंधन के अनुसार 40 गोल्फ कार्ट का संचालन किया जा रहा है। इनमें से 32 गोल्फ कार्ट का हॉफ आन हॉफ पद्धति से संचालन होगा। 8 गोल्फ कार्ट जो 6 सीटर हैं, वे पूर्ण रूप से 3 घंटे की बुकिंग के लिए पर्यटकों को उपलब्ध रहेंगी। इनका संचालन दोनों गेट से 10-10 मिनट पर होगा। सभी व्यू प्वाइंट पर 30 सेकंड से 1 मिनट के लिए रुकेंगे।
वन विहार में साइकल और पैदल भ्रमण की अनुमति दी गई है। यहां पर पैदल भ्रमण, साइकिल, सफारी की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। इस बदलाव से वन विहार में पर्यटकों को सशुल्क 150 नई साइकिलें भी उपलब्ध कराई जाएंगी।



