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राहुल-खड़गे के खिलाफ दिल्ली पुलिस कमिश्नर से शिकायत, वकील विनीत जिंदल ने की कार्रवाई की मांग

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नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक और भड़काऊ पोस्ट करने के मामले में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और कांग्रेस के सोशल मीडिया इंचार्ज के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की गई है। सुप्रीम कोर्ट के वकील विनीत जिंदल ने इस संबंध में दिल्ली पुलिस कमिश्नर को एक पत्र लिखा है। उन्होंने कांग्रेस नेताओं पर प्रधानमंत्री की छवि को धूमिल करने और लोकतांत्रिक संस्थानों पर अविश्वास पैदा करने का आरोप लगाया है।

विनीत जिंदल ने अपने पत्र में कहा कि 28 अगस्त 2025 को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के आधिकारिक एक्स हैंडल ने प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ अत्यधिक आपत्तिजनक और भड़काऊ पोस्ट प्रकाशित की थी। इन पोस्ट में प्रधानमंत्री का एक ‘मिसिंग पोस्टर’ साझा किया गया, जिसमें उन्हें ‘वोट चोर’ कहा गया।

पोस्ट में कैप्शन दिया गया- “गुमशुदा ‘वोट चोर’ की तलाश है।” पोस्टर में पीएम मोदी का चेहरा दिखाया गया है और उसके ऊपर मिसिंग लिखा है। जिंदल ने इस पोस्ट को अपमानजनक और उकसाने वाला बताया, जिसका उद्देश्य प्रधानमंत्री के पद की गरिमा को ठेस पहुंचाना और जनता में अशांति फैलाना है।

जिंदल ने आरोप लगाया कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने विभिन्न सार्वजनिक रैलियों और बैठकों में प्रधानमंत्री के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां की हैं। इनमें भ्रष्टाचार, चुनावी प्रक्रिया में बेईमानी और संस्थानों के दुरुपयोग जैसे आरोप शामिल हैं। जिंदल के अनुसार, ये बयान निष्पक्ष राजनीतिक आलोचना नहीं, बल्कि व्यक्तिगत हमले और मानहानि करने वाले हैं।

जिंदल ने अपने पत्र में कहा कि ये पोस्ट और बयान न केवल अपमानजनक हैं, बल्कि देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता को खतरे में डालने वाले हैं। उन्होंने इनके लिए मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी और कांग्रेस के सोशल मीडिया इंचार्ज को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कांग्रेस नेताओं के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, 2023 के तहत विभिन्न धाराओं (152, 194, 195, 356, 357, 354) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 66डी और 67 के तहत कार्रवाई की मांग की है।

जिंदल ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर से इन आपत्तिजनक पोस्ट को तुरंत हटाने, इनके पीछे की साजिश की जांच करने और भविष्य में ऐसी गतिविधियों को रोकने के लिए कठोर कानूनी कदम उठाने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा, “ये पोस्ट और बयान सोशल मीडिया पर अभी भी प्रचलन में हैं, जिससे प्रधानमंत्री की छवि को भारत और विदेशों में नुकसान पहुंच रहा है।”

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