केन्द्रीय परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 4250 करोड़ से अधिक की लागत वाली 174 किलोमीटर लंबी 9 सड़क परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इनमें देश का सबसे बड़ा दमोह नाका-रानीताल-मदनमहल-मेडिकल रोड फ्लाय ओवर भी शामिल है। जबलपुर के महानद्दा में आयोजित कार्यक्रम में केन्द्रीय मंत्री श्री गडकरी ने प्रदेश के लिये 60 हजार करोड़ से अधिक लागत की विभिन्न सड़क परियोजनाओं की घोषणाएँ भी की।
जबलपुर के रानी दुर्गावती फ्लाई ओवर के लिए देश में पहली बार 1200 करोड़ रुपए का सेंट्रल रोड फंड मंजूर
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री गडकरी ने कहा कि देश को 2047 तक शक्तिशाली और विश्वगुरु बनाने के संकल्प के साथ कार्य जारी है। भारत अभी 22 लाख करोड़ रुपए का ईंधन आयात कर रहा है। लेकिन हाइड्रोजन हमारे भविष्य का ईंधन है। हाइड्रोजन के बल पर हम ऊर्जा का निर्यात करेंगे, हमारा अन्नदाता, ऊर्जा उत्पादक होगा और वह समृद्ध भी होगा। देश में केवल स्मार्ट शहर नहीं, स्मार्ट विलेज भी बनेंगे। गांव का युवा गांव में ही रोजगार पाए, यही हमारा सपना है। मध्यप्रदेश कृषि प्रधान राज्य है। देश में 2000 अमृत सरोवर बने हैं, जिनमें से 109 मध्य प्रदेश के हैं। इनसे निकली मिट्टी सड़कों के निर्माण में उपयोग की गई और मिट्टी निकालने से बनीं संरचनाओं को जल संचय कर आसपास के क्षेत्रों का भूजल स्तर बढ़ाने के लिए तालाब के रूप में उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जबलपुर में निर्मित रानी दुर्गावती फ्लाई ओवर के लिए देश में पहली बार 1200 करोड़ रुपए का सीआरएफ (सेंट्रल रोड फंड) मंजूर किया गया है।
साढ़े 4 घंटे में पहुंचेंगे ग्वालियर से दिल्ली
केन्द्रीय मंत्री श्री गडकरी ने कहा कि मध्यप्रदेश के लिए 3 लाख करोड़ रुपए की सड़क परियोजनाएं स्वीकृत की हैं, जिनमें से 75 हजार करोड़ के कार्य पूरे किए हैं और 65 हजार करोड़ के कार्य प्रगति पर हैं। आगामी समय में डेढ़ लाख करोड़ रुपए लागत से करीब ढाई हजार किलोमीटर के कार्य डीपीआर के लिए रखे हैं। मप्र में 33 हजार करोड़ रुपए की लागत से 5 ग्रीन फील्ड इकोनॉमिक कॉरिडोर का निर्माण किया जा रहा है। इंदौर से हैदराबाद कॉरिडोर पर ओंकारेश्वर के पास नर्मदा नदी पर एक भव्य ब्रिज का निर्माण किया गया है। जल्द ही इसका उद्घाटन किया जाएगा। उज्जैन-गरोठ 4 लेन ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे, भोपाल से कानपुर 440 किलोमीटर लंबा 4 लेन इकोनॉमिक कॉरिडोर बनने पर 15 घंटे की यात्रा 8 घंटे में पूरी होगी। आगरा-ग्वालियर एक्सप्रेस-वे का भूमिपूजन भी जल्द होगा। साढ़े 4 घंटे में ग्वालियर से दिल्ली पहुंचेंगे। दिल्ली से मुंबई के बीच बनाए जा रहे एक्सप्रेस वे में मध्यप्रदेश में 245 किलोमीटर का हिस्सा बनकर पूरा हो गया है। मुंबई में भी कार्य अंतिम चरण में है।
केन्द्रीय मंत्री श्री गडकरी ने कहा कि आज जबलपुर से 15 हजार करोड़ रुपए लागत की सड़क परियोजनाओं की घोषणा की जा रही है। जबलपुर से मंडला और छत्तीसगढ़ सीमा तक 2.5 हजार करोड़ रुपए का 150 किलोमीटर का 6 लेन के चौड़ीकरण का कार्य किया जाएगा, यह कार्य 6 महीने में शुरू होगा। सिवनी-छिंदवाड़ा-सावनेर 4 लेन चौड़ीकरण का कार्य 2.5 हजार करोड़ रुपए लागत से आगामी 6 माह में शुरू किया जाएगा। खरगोन-देशगांव-जुलवानिया मार्ग के 108 किलोमीटर 4 लेन चौड़ीकरण का कार्य 2300 करोड़ रुपए से किया जाएगा तथा महाराष्ट्र सीमा तक बैतूल-परसवाड़ा 2 लेन मार्ग को भी मंजूरी दी गई है। बालाघाट से मंडला के बीच बेहतर संपर्क के लिए सड़क बनाई जाएगी। मध्य प्रदेश में टाइगर कॉरिडोर बनाया जाएगा। इसके अंतर्गत जबलपुर से बांधवगढ़ तक 4600 करोड़ रुपए की लागत से 4 लेन सड़क बनाई जानी थी, जिसे बढ़ाकर अब 5500 करोड़ रुपए किया गया है। यह रोड कान्हा, बांधवगढ़, पन्ना और पेंच टाइगर रिजर्व को कनेक्ट करेगी। इससे मध्यप्रदेश के टूरिज्म, आर्थिक विकास और रोजगार के अवसरों में बढ़ोतरी होगी।
उज्जैन में 510 करोड़ रुपए की लागत से बनेगी नई सड़क और फ्लाई ओवर
केन्द्रीय मंत्री श्री गडकरी ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव से कहा कि भारत सरकार प्रदेश में जिला स्तर तक जल्द ड्राइविंग सेंटर आरंभ करने की इच्छुक है। इसके लिए प्रस्ताव राज्य सरकार की ओर से शीघ्रता से भेजे जाएं। केंद्र द्वारा इन्हें तत्काल स्वीकृति प्रदान की जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में सीआरएफ फंड से 1500 करोड़ रुपए के विकास कार्यों की घोषणा की जा रही है। इससे उज्जैन, जबलपुर और रीवा में नए फ्लाई ओवर बनाए जाएंगे। उज्जैन में 510 करोड़ रुपए की लागत से नई सड़क और फ्लाई ओवर बनेंगे। अशोकनगर से विदिशा के बीच 96 करोड़ रुपए की लागत से सड़क बनाई जाएगी। उज्जैन में कालभैरव मंदिर की कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए ब्रिज बनाया जाएगा।
केंद्रीय मंत्री श्री गडकरी ने कहा कि भोपाल से जबलपुर के बीच 255 किलोमीटर लंबा नया ग्रीन फील्ड हाईवे बनाया जाएगा, जिसकी लागत 15 हजार करोड़ रुपए होगी। इसके लिए डीपीआर दिसंबर तक पूर्ण कर लिया जाएगा। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूर्ण होने पर अप्रैल-मई 2026 से हाईवे निर्माण का कार्य शुरू किया जाएगा। लखनादौन से रायपुर के बीच 220 किलोमीटर लंबा 4 लेन हाईस्पीड कॉरिडोर, 10 हजार करोड़ रुपए की लागत से बनाया जाएगा, यह रायपुर-विशाखापट्टनम कॉरिडोर से कनेक्ट होगा। इस प्रकार मध्यप्रदेश सीधे विशाखापट्टनम बंदरगाह से जुड़ेगा। इंदौर से भोपाल 160 किलोमीटर ग्रीन फील्ड कॉरिडोर को स्वीकृति दी जा रही है। इसकी लागत 12 हजार करोड़ रुपए होगी।
60 हजार करोड़ रुपए से अधिक लागत की सड़क विकास परियोजनाओं की घोषणा
केंद्रीय मंत्री श्री गडकरी ने कहा कि आज मध्यप्रदेश के लिए 60 हजार करोड़ से ज्यादा लागत की सड़क विकास परियोजनाओं की घोषणा की गई है। सतना-चित्रकूट 4 लेन, रीवा-सीधी 4 लेन, ग्वालियर-भिंड 4 लेन बनाए जाएंगे। उज्जैन-झालावाड़ मार्ग 2 हजार करोड़ रुपए, बदनावर-टिमरनी मार्ग 2 हजार करोड़ रुपए से विकसित होगा। बमीठा-पन्ना-सतना 4 लेन, खजुराहो और बांघवगड़ राष्ट्रीय उद्यानों को कनेक्ट करेगा। खंडवा-बैतूल 4 लेन 4 हजार करोड़ रुपए, इंदौर 6 लेन पूर्वी बायपास 3.5 हजार करोड़ रुपए, जबलपुर-दमोह 1700 करोड़ रुपए, संदलपुर-नसरुल्लागंज-बुधनी-शाहगंज 3.5 हजार करोड़ रुपए से जून 2027 तक पूरा होगा।
जबलपुर-डिंडौरी 4 लेन 200 किलोमीटर मार्ग दिसंबर 2026 तक पूरा होगा। इंदौर से हरदा 4 लेन 3400 करोड़ रुपए, ग्वालियर में पश्चिमी बायपास 1300 करोड़ रुपए, इंदौर में 6 लेन बायपास 3 हजार करोड़ रुपए लागत की परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की जा रही है। मध्यप्रदेश में 2100 करोड़ रुपए की लागत से 7 रोपवे बनाए जा रहे हैं। इसमें उज्जैन स्टेशन से महाकाल मंदिर, जबलपुर में एम्पायर टॉकीज से गुरुद्वारा, जबलपुर में सिविक सेंटर से बड़ाफुआरा भी शामिल हैं। केंद्र सरकार ने वार्षिक पास जारी कर टोल को कम कर दिया है। इसका अच्छा रिस्पांस मिला है। एक साल के 3000 रुपए का पास दिया जा रहा है, जिससे 200 टोल नि:शुल्क क्रास किए जा सकेंगे।