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नए जिलाध्यक्षों का विरोध जारी, राहुल गांधी को खून से लिखा पत्र

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मध्य प्रदेश में कांग्रेस के नए जिलाध्यक्षों के मामले में लगातार विरोध देखा जा रहा है. भोपाल में कांग्रेस नेता मोनू सक्सेना ने राहुल गांधी को अपने खून से पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने हाल ही में भोपाल में नियुक्त किए गए कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रवीण सक्सेना का विरोध किया है.

भोपाल कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष मोनू सक्सेना ने पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी की प्रतिमा के सामने बैठकर अपने खून से पत्र लिखा है, इतना ही नहीं उन्होंने राजीव गांधी की जयंती पर उनकी तस्वीर को खून से तिलक भी किया है. ऐसे में उनके विरोध का यह तरीका फिलहाल चर्चा में आ गया है. बता दें कि एमपी के दूसरे जिलों में भी कांग्रेस जिलाध्यक्षों की नियुक्ति के बाद विरोध की खबरें लगातार सामने आ रही हैं.

दरअसल, भोपाल में प्रवीण सक्सेना को फिर से शहर कांग्रेस का जिलाध्यक्ष बनाया गया है, लेकिन पूर्व जिलाध्यक्ष मोनू सक्सेना उनकी नियुक्ति का लगातार विरोध कर रहे हैं, उन्होंने प्रवीण सक्सेना को ‘फूल छाप कांग्रेसी’ बताकर उनकी नियुक्ति को पार्टी के लिए अपमानजनक बताया है. भोपाल कांग्रेस में जिलाध्यक्षों की नियुक्तियों के बाद लगातार विरोध देखा जा रहा है, वहीं इस घटना ने कांग्रेस के भोपाल इकाई में चल रहे विवाद को उजागर कर दिया है. पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की जयंती पर हुआ यह नाटकीय विरोध प्रदर्शन फिलहाल कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है.

वहीं कांग्रेस जिलाध्यक्षों की लिस्ट आने के बाद से ही मोनू सक्सेना लगातार भोपाल में विरोध कर रहे हैं. उन्होंने कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान का भी विरोध किया था. कांग्रेस नेता मोनू सक्सेना ने नेताओं पर सौदेबाजी का भी आरोप लगाया था. बता दें कि भोपाल में कांग्रेस ने शहर में जिलाध्यक्ष प्रवीण सक्सेना को ही इस पद पर रिपीट किया है, जिसका मोनू सक्सेना लगातार विरोध कर रहे हैं.

कई जिलों में विरोध

मध्य प्रदेश में कांग्रेस के जिलाध्यक्षों की नियुक्ति के बाद लगातार कई जिलों में विरोध देखा जा रहा है, गुना, डिंडौरी, देवास, इंदौर में कांग्रेस के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने विरोध जताया है. हालांकि प्रदेश कांग्रेस कमेटी की तरफ से एक चेतावनी पत्र भी जारी किया गया था, जिसमें सभी कार्यकर्ताओं को सोशल मीडिया पर जिलाध्यक्षों की नियुक्ति के विरोध में की गई पोस्टों को हटाने की बात लिखी गई थी. लेकिन भोपाल में मोनू सक्सेना के ताजा विरोध से यह मामला फिर गर्मा गया है.

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