मध्यप्रदेश सरकार के मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि चाहे राहुल गांधी हों या उमंग सिंघार, कांग्रेस के नेता आंकड़ों और तथ्यों के बिना निराधार आरोपों से देश को गुमराह करने का काम कर रहे हैं। विधानसभा चुनाव के 20 महीने बाद कांग्रेस की कुंभकर्णी नींद क्यों टूट रही है। आजाद भारत में वोटों की पहली चोरी तो जवाहरलाल नेहरू ने खुद प्रधानमंत्री बनने के लिए की थी।
उन्होंने सवाल किया कि यदि कांग्रेस को मतदाता सूचियों में गड़बड़ी की आशंका थी, तो उसने समय सीमा के अंदर निर्वाचन आयोग से इसकी शिकायत क्यों नहीं की? कानून के अनुसार चुनाव परिणाम की घोषणा के 45 दिन के भीतर और चुनाव घोषित होने के बाद भी नामांकन की अंतिम तारीख से 10 दिन पहले तक शिकायत या चुनौती दी जा सकती है, तब कांग्रेस कहां थी? चुनाव पर आपत्ति इलेक्शन पिटिशन से ही की जा सकती है, न कि पत्रकार वार्ता करने से। सं
विधान की झूठी दुहाई देने वाली कांग्रेस न संवैधानिक व्यवस्थाओं का पालन करती है और न ही संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान करती है। मतदाता सूची से जुड़ी हर आपत्ति या सुधार का स्पष्ट कानूनी प्रावधान है। जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 के तहत हर नागरिक और राजनैतिक दल को सूची में गड़बडी दिखने पर आपत्ति दर्ज कर सकते हैं। चुनाव आयोग हर वर्ष मतदाता सूची का पुनरीक्षण करता है। झूठे आरोप लगाने वाली कांग्रेस और उसके नेता मध्यप्रदेश की जनता को बताएं कब-कब की मतदाता सूची में गड़बड़ी की शिकायत की।
उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने पत्रकार-वार्ता के माध्यम से राहुल गांधी की झूठ और फरेब की राजनीति में अपना सुर मिलाने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति में कुंभकर्ण हुए हैं, जो 6 महीने सोते थे। लेकिन कांग्रेस के नेता तो उनसे भी आगे निकल गए हैं। मध्यप्रदेश में 20 महीने पहले जनता ने हमें सरकार बनाने के लिए जनादेश दिया था और हमारी सरकार बने लगभग 625 दिन हो चुके हैं।
कांग्रेस को अब 20 महीनों बाद क्यों याद आ रहा है कि वोटों में गड़बड़ी हुई या चुनाव आयोग ने वोटों की हेराफेरी कर दी? उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता ने हमें 163 सीटों पर बहुमत दिया था। कांग्रेस के नेता जिन 27 सीटों पर गड़बड़ी की बात कह रहे हैं, अगर उन्हें इसमें से घटा भी दिया जाए, तब भी भारतीय जनता पार्टी को 136 सीटें मिलती, जो सरकार बनाने के लिए पर्याप्त होती हैं।
गौरतलब है कि आज नेताप्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने विधानसभा चुनाव में वोट गड़बड़ी के आरोप भाजपा पर लगाए थे। जिसके जवाब में मंत्री विश्वास सारंग ने पत्रकारवार्ता में दिया।