भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर कई बातों का खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि भारतीय सेना का यह ऑपरेशन क्यों सफल रहा और कैसे सशस्त्र बलों को कामयाबी मिली।
उन्होंने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर इसलिए सफल रहा क्योंकि सशस्त्र बलों पर कोई पाबंदी नहीं थी। राजनीतिक इच्छाशक्ति, स्पष्ट निर्देश और किसी भी तरह का कोई प्रतिबंध नहीं होने की वजह से ही ऑपरेशन सिंदूर पूरी तरह से सफल रहा।
S-400 ने मारे गिराए पाक के 5 जेट
एयर चीफ मार्शल ने कहा कि तीनों सेनाओं के बीच अच्छा तालमेल था और हमने खुद तय किया कि हमें कितना आगे बढ़ना है। उन्होंने बताया कि S-400 डिफेंस सिस्टम ने पाकिस्तान के 5 जेट को मार गिराया था।
जकोकाबाद एयर बेस पर खड़े कुछ F-16 को भी निशाना बनाया गया।
बता दें, कुछ दिनों पहले इंडोनेशिया में भारत के डिफेंस अताशे कैप्टन शिव कुमार ने टिप्पणी की थी कि राजनीतिक सीमाओं के कारण ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय वायुसेना को कुछ लड़ाकू विमान गंवाने पड़े थे। उनके इस बयान के बाद सियासी घमासान भी मचा था। लेकिन, अब वायुसेना प्रमुख ने उन दावों पर करारा जवाब दिया है।
क्यों सफल रहा ऑपरेशन सिंदूर?
एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने बताया कि राजनीतिक इच्छाशक्ति की वजह से ही ऑपरेशन सिंदूर सफल हो पाया। उन्होंने कहा कि हमें साफ निर्देश मिले थे और एक्शन को लेकर कोई रोक-टोक नहीं थी। हमें पूरी आजादी थी कि कैसे योजना बनाएं और उसे लागू करें और हमने हर अटैक सोच-समझकर किए थे।
क्यों रोका गया ऑपरेशन सिंदूर?
ऑपरेशन सिंदूर को रोकने का समर्थन करते हुए एपी सिंह ने बताया कि हम लगातार युद्ध में नहीं रह सकते हैं। युद्ध को जारी नहीं रखने का फैसला उच्च स्तर पर लिया गया था और हम इसका हिस्सा थे।
क्या था राहुल गांधी का बयान?
गौरतलब है कि 29 जुलाई को संसद में मानसून सत्र के दौरान राहुल गांधी ने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर केंद्र सरकार से सवाल किए थे और सरकार पर भारतीय सशस्त्र बलों को बांधने का आरोप लगाया था।
उन्होंने दावा किया था कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान रणनीतिक नुकसान इसी वजह से हुआ। राहुल गांधी ने कहा था कि पहलगाम हमले के दोषियों को दंडित करने और दुश्मन को सबक सिखाने में राजनीतिक इच्छाशक्ति का अभाव था। उन्होंने इसकी तुलना 1971 के युद्ध से की, जब तत्कालीन सरकार ने पाकिस्तान को दो हिस्सों में बांट दिया था।
ज्ञातव्य है कि भारत ने 7 मई की रात ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था। 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में भारतीय सेना ने यह ऑपरेशन चलाकर पाकिस्तान और पीओके में स्थित 9 आतंकी ठिकानों को तबाह किया था।