नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के पहले दिन से आपरेशन सिंदूर और बिहार वोटर वेरिफिकेशन समेत कई मुद्दों को लेकर विपक्ष का जबरदस्त शोर शराबा कर रहा है। यही नहीं सदन की दो दिन कार्रवाई विपक्ष हंगामे की भेंट चढ गई है और तीसरे दिन भी विपक्ष का हंगामा जारी रहा। विपक्षी सांसदों के इस रवैये पर केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चैहान बिफर गए हैं। उन्होंने विपक्ष पर सदन में चर्चा से दूर भागने का भी आरोप लगाया।
केन्द्रीय मंत्री चैहान ने बुधवार को मीडिया से बात करते हुए कहा, इंडी गठबंधन ने लोकतंत्र को हुल्लड़, हंगामा और हुड़दंग तंत्र में बदल दिया है। इंडी ब्लॉक अब हुल्लड़ ब्लॉक बन गया है। लोकतंत्र को शोरतंत्र में बदल रहे हैं। संसद के बाहर वे कहते हैं कि चर्चा होनी चाहिए, लेकिन वे सदन में बहस से भाग रहे हैं। ये पाखंड कर रहे हैं और चर्चा से भाग रहे हैं। मैंने कल हाथ जोड़कर विपक्ष से प्रार्थना की थी कि चर्चा होने दें। किसानों और गरीबों से संबंधित 11 प्रश्न थे, लेकिन विपक्ष भाग गया। पूरा देश और किसान भाई-बहन विपक्ष का ये दोहरा चरित्र देख रहे हैं। मैं किसानों और जनता से इंडी ब्लॉक के इस दोहरे मापदंड को देखने की अपील करता हूं।
शिवसेना सांसद ने भी विपक्ष पर साधा निशाना
भाजपा सांसद जगदंबिका पाल ने कहा, विपक्ष सदन को चलने नहीं दे रहा है। सदन के बाहर वे केवल आरोप लगा रहे हैं कि राहुल गांधी को संसद में बोलने नहीं दिया जा रहा है। वहीं, शिवसेना सांसद मिलिंद देवड़ा ने विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, विपक्ष को जनता से जुड़े मुद्दे संसद में उठाने चाहिए, सड़कों पर नहीं। साथ ही भाजपा सांसद लहर सिंह सिरोया ने कहा, इस शोरगुल में हमें समझ ही नहीं आ रहा कि संसद क्यों नहीं चल रही है। संसद का चलना ही विपक्ष के लिए अच्छा होता है।
स्पीकर ने भी विपक्ष के हंगामे पर जताई थी नाराजगी
इससे पहले, लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने बुधवार को सदन में विपक्ष के हंगामे को लेकर नाराजगी जताई थी। उन्होंने विपक्षी सांसदों को चेताते हुए कहा कि आप संसद में भी सड़क जैसा व्यवहार कर रहे हैं। इस दौरान लोकसभा अध्यक्ष ने सदन में तख्तियां दिखाने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी।