मध्यप्रदेश आयकर विभाग की टीम ने मंगलवार को कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए गांधीनगर स्थित एक सीए के कार्यालय पर छापा मारा। यह कार्रवाई संजय कॉलोनी के खेड़ा कूट माताजी के पास डाले गए छापे के बाद सीए का नाम सामने आने पर की गई। अपने आप को सीए बताने वाले संजय कॉलोनी निवासी टैक्स प्रोफेशनल गांधीनगर स्थित सीए के कार्यालय पर कार्य करता है।
इदौर की टीम ने मंगलवार रात को संजय कॉलोनी में कार्रवाई की थी। जांच में गांधीनगर सीए का नाम सामने आने पर बुधवार रात को मध्यप्रदेश की टीम ने यह कार्रवाई शुरू की जो गुरुवार शाम तक चलती रही।
जयपुर, अजमेर, मध्यप्रदेश आयकर टीम की ओर से यह कार्रवाई मध्यप्रदेश व गुजरात के राजनीतिक दलों को बोगस चंदा देकर पुन: राशि लेने के मामले को लेकर की जा रही है। देश भर में अब तक 500 करोड़ से अधिक के स्कैम का खुलासा हुआ है। इस स्कैम में टैक्स प्रोफेशनल, कमीशन एजेंट तथा सीए के कार्यालय में काम करने वाले कर्मचारी शामिल हैं।
मध्य प्रदेश में 106 दल पंजीकृत
आयकर विभाग के अनुसार मध्यप्रदेश में 106 राजनीतिक दल पंजीकृत हैं। इसमें से 5 राष्ट्रीय राजनीतिक पार्टी हैं। छह राज्य स्तरीय दल हैं। इसके अलावा गैर मान्यता प्राप्त दल 95 हैं। इसमें इंदौर में रिपब्लिकन बहुजन पार्टी व भारतीय सामाजिक पार्टी का नाम सामने आया है। भारतीय सामाजिक पार्टी को भीलवाड़ा से लाखों रुपए का चंदा मिलने तथा उनकी रसीद भीलवाड़ा के टैक्स प्रोफेशनल की ओर से उपलब्ध कराने तथा कमीशन काटकर पुन: राशि देने का खुलासा होने के बाद अजमेर व मध्यप्रदेश आयकर टीम ने कार्रवाई की है। जांच में भीलवाड़ा में 50 करोड़ तथा देश भर में 500 करोड़ से अधिक का स्कैम का खुलासा हुआ है। जांच में आम भारतीय पार्टी, स्वर्णिम भारत, भारतीय क्रांति संघ, राष्ट्र वाहिनी पार्टी, इंपीरियल पार्टी ऑफ इंडिया, एकता निर्माण नेशनल पार्टी के नाम भी सामने आए हैं।
सबसे अधिक बोगस चंदा देने वालों में डॉक्टर, कॉलेज लेक्चरर, आईटी सेक्टर में काम करने वाले अधिकारी व कर्मचारी, शिक्षक शामिल हैं जो टैक्स बचाने के फेर में राजनीतिक दलों को बोगस चंदा देकर सरकार का आर्थिक नुकसान कर रहे हैं। जांच में यह भी सामने आया कि टैक्स प्रोफेशनल ने राजनीतिक दलों की फर्जी रसीद तक छपा रखी है। बोगस रसीदें बताकर करदाता को टैक्स रिफंड दिलवाया।
आयकर विभाग अब सीए पर दबाव बना रहा है कि जिन लोगों के बोगस रिटर्न भरे हैं ऐसे करदाताओं के रिटर्न संशोधित करें। ताकि वह किसी भी कार्रवाई से बच सकें। ऐसा नहीं करने वालों के खिलाफ विभाग सख्त कार्रवाई करने का मानस बना रहा है। बताया जा रहा है कि अब तक 40 हजार करदाताओं ने अपने रिटर्न में संशोधन किया है।