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केंद्र की नीतियों के खिलाफ 9 जुलाई को कर्मचारियों की आम हड़ताल

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केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ 9 जुलाई को देशभर में आम हड़ताल का ऐलान किया गया है। इस दौरान मध्यप्रदेश में भी अधिकांश केंद्रीय कार्यालय में हड़ताल का असर रहेगा। इसमें बैंक, बीमा, पोस्ट ऑफिस, आयकर, बीएसएनएल, कोयला, रक्षा, आशा, आंगनवाड़ी समेत कई क्षेत्रों के कर्मचारी शामिल रहेंगे। इस दौरान कामकाज पूरी तरह ठप रहेगा।

हड़ताल में 10 केंद्रीय श्रमिक संगठन लेंगे हिस्सा

ऑल इंडिया बैंक एम्प्लाईज एसोसिएशन  ने भी इस हड़ताल को समर्थन दिया है। 10 केंद्रीय श्रमिक संगठनों और ट्रेड यूनियनों की 17 सूत्रीय मांगों में 26 हजार न्यूनतम वेतन, पुरानी पेंशन, समान वेतन, मुफ्त शिक्षा-स्वास्थ्य, निजीकरण रोकने जैसी मांगें शामिल हैं। बैंक यूनियन लीडर वीके शर्मा ने बताया कि 8 जुलाई को प्रदर्शन और सभाएं होंगी।

17 सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल

मध्यप्रदेश बैंक एम्प्लाइज एसोसिएशन के चेयरमैन मोहन कृष्ण शुक्ला ने बताया कि यह आंदोलन सिर्फ वित्तीय संस्थानों की सुरक्षा ही नहीं बल्कि श्रमिकों के अधिकारों की लड़ाई भी है। शुक्ला ने सभी बैंक कर्मचारियों से हड़ताल को सफल बनाने की अपील की है। बैंककर्मियों की इस हड़ताल में 17 सूत्रीय मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।

ये हैं प्रमुख मांगें

सार्वजनिक क्षेत्र की बैंकों और बीमा कंपनियों के निजीकरण पर रोक लगे।

आउटसोर्सिंग पर नियंत्रण

चार श्रम संहिताओं को रद्द किया जाए।

सभी कामगारों को न्यूनतम 26000 रुपए वेतन मिले।

9000 रुपए मासिक न्यूनतम पेंशन की जाए।

पुरानी पेंशन योजना की बहाली की जाए।

ट्रेड यूनियन अधिकारों की रक्षा की जाए।

दुनिया की सबसे बड़ी आम हड़ताल हो सकती है

इस हड़ताल में 18 करोड़ से अधिक कर्मचारी, श्रमिक, कृषक और आशा-आंगनवाड़ी कार्यकर्ता शामिल हो सकते हैं। इसे दुनिया की सबसे बड़ी आम हड़तालों में शामिल किया जा सकता है।

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