उत्तरप्रदेश के इटावा जिले में एक धार्मिक आयोजन के दौरान कथावाचक के साथ किए गए दुर्व्यवहार और उसके बाद उपजे जातीय तनाव को लेकर पुलिस-प्रशासन सख्त हो गया है. मामले में मुख्य आरोपी रेनू तिवारी के खिलाफ FIR दर्ज की गई है. आरोप है कि महिला ने यादव समाज के कथावाचकों से पैर पर नाक रगड़ने जैसी अपमानजनक हरकत कराई.
कथावाचकों से अभद्र व्यवहार: रेनू तिवारी पर कथावाचक से पैर पर नाक रगड़वाने का आरोप है. यह घटना एक धार्मिक कथा के दौरान हुई, जो कथावाचकों और आयोजकों के बीच तनाव का कारण बन गयी.
रेनू तिवारी के खिलाफ मामला दर्ज: रेनू तिवारी पर सोशल मीडिया पर भड़काऊ और जातिगत टिप्पणी के बाद केस दर्ज किया गया है. BNS की धारा 196 (घृणा फैलाना), 299 (जानबूझकर अपमान), 352 (हमला या हमला करने की धमकी) और आईटी एक्ट की धारा 67 (अश्लील सामग्री का इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से प्रसारण) के तहत मामला दर्ज हुआ.
प्रशासन की सख्ती: DIG हरीशचंद्र ने आदेश दिया कि उपद्रवियों की संपत्ति कुर्क की जाए. उन पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) भी लगाया जाए. अब तक 20 नामजद और 100 से अधिक अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज हुआ है. इनमें 19 लोगों को गिरफ्तार किया गया था. वहीं 11 सोशल मीडिया यूजर्स भी हिरासत में लिया गया है.
राजनीतिक दलों का क्या कहना है: समाजवादी पार्टी (सपा) के डेलीगेशन ने SSP से मुलाकात कर रेनू तिवारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की. उन्होंने कहा कि रेनू तिवारी की टिप्पणियां जानबूझकर समाज में जातीय तनाव भड़काने के उद्देश्य से की जा रही थीं.
कानूनी कार्रवाई: DIG हरीशचंद्र के आदेश पर रेनू तिवारी के खिलाफ FIR दर्ज की गई है. पुलिस ने बताया कि उस पर निम्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है:
BNS की धारा 196 – घृणा फैलाने वाले कृत्य.
धारा 299 – जानबूझकर किसी का अपमान.
धारा 352 – हमला या मारपीट की धमकी.
IT Act की धारा 67 – सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक सामग्री शेयर करना
राजनीतिक हस्तक्षेप और सामाजिक असर: समाजवादी पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल शनिवार को SSP से मिला और मांग की कि रेनू तिवारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो. उन्होंने आरोप लगाया कि वह लगातार भड़काऊ टिप्पणियां कर रही हैं. इससे समाज में जातीय तनाव और अशांति का माहौल बन रहा है।