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5 तहसीलदार डिप्टी कलेक्टर बने, अन्य जिलों में हुआ ट्रांसफर

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मध्य प्रदेश शासन ने तहसीलदारों को उच्च प्रभार देकर डिप्टी कलेक्टर बनाते हुए उनका अन्य जिलों में तबादला  किया है, सामान्य प्रशासन विभाग ने अपने आदेश में राज्य प्रशासनिक सेवा के कनिष्ठ पद का प्रभार सौंपे जाने से संबंधित सभी नियमों को शर्तों का उल्लेख आदेश में किया है।

मप्र सरकार के जीएडी विभाग ने एक आदेश जारी करते हुए 5 तहसीलदारों को राज्य प्रशसनिक सेवा के कनिष्ठ सेवा के अधिकारी का उच्च प्रभार देते हुए डिप्टी कलेक्टर नियुक्त किया है और उनका तबादला दूसरे जिलों में किया है, आदेश में कहा गया है कि यदि अधिकारी डिप्टी कलेक्टर पद का प्रभार प्राप्त नहीं करना चाहते हैं तो कार्यालय/विभाग प्रमुख के माध्यम से सामान्य प्रशासन विभाग ‘कार्मिक’ को सूचित करेंगे।

इन 5 अधिकारियों को उच्च प्रभार के साथ तबादला

बैतूल में पदस्थ तहसीलदार अलका एक्का को प्रभारी डिप्टी कलेक्टर जिला पांढुर्णा बनाया गया है।

आगर मालवा के तहसीलदार आलोक वर्मा को प्रभारी डिप्टी कलेक्टर, जिला शाजापुर पदस्थ किया गया है।

अनिल कुमार तलैया तहसीलदार, जिला छतरपुर को प्रभारी डिप्टी कलेक्टर बनाकर पन्ना भेजा गया है।

बालकृष्ण मिश्रा तहसीलदार, जिला कटनी को प्रभारी डिप्टी कलेक्टर, जिला सतना नियुक्त किया गया है।

अनिल राघव तहसीलदार, जिला ग्वालियर को ग्वालियर में ही प्रभारी डिप्टी कलेक्टर बनाया गया है।

उच्च प्रभार के लिए ये रहेंगे नियम और शर्तें

प्रभार की अवधि में स्थानातरण हेतु यही नीति लागू होगी, जो राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के लिये लागू होती है।

प्रभार में उच्च पद पर कार्य करने वाले अधिकारी वह सभी भत्ते प्राप्त करने के पात्र होगे जो प्रभार प्राप्त करने से ठीक पूर्व प्राप्त कर रहे थे, पृथक से अन्य कोई आर्थिक लाभ प्राप्त नहीं होगा।

प्रभारी डिप्टी कलेक्टर को राज्य प्रशासनिक सेवा के वेतनमान / कमोन्नति की पात्रता नहीं होगी।

प्रभार में निचले पद अर्थात तहसीलदार/अधीक्षक भू-अभिलेख के पद का कार्य नहीं करेंगे।

यदि जिला कलेक्टर द्वारा प्रभारी डिप्टी कलेक्टर को उपखण्ड अधिकारी बनाया जाता है तो ये मध्यप्रदेश भू-राजस्य संहिता में उपखण्ड अधिकारी की समस्त शक्तियों का प्रयोग कर सकेंगे।

जब भी नियमित रूप से डिप्टी कलेक्टर के पद पर नियुक्ति होगी, प्रभारी डिप्टी कलेक्टर के रूप में की गई सेवा अवधि को डिप्टी कलेक्टर के पद पर कार्य के रूप में मान्य नहीं किया जावेगा।

प्रभारी डिप्टी कलेक्टर पद पर कार्य करने वाले किसी भी अधिकारी को भविष्य में पदोन्नति के विचारण में वरीयता का कोई अधिकार नहीं होगा।

प्रभारी डिप्टी कलेक्टर को दण्ड देने/विभागीय जांच करने/वार्षिक गोपनीय प्रतिवेदन के मूल्यांकन की प्रक्रिया वही होगी, जो डिप्टी कलेक्टर के लिये निर्धारित है।

प्रभारी डिप्टी कलेक्टर का वेतन डिप्टी कलेक्टर के रिक्त पद के विरुद्ध आहरित होगा ।

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