मध्य प्रदेश पुलिस अपराध की जांच को और प्रभावी और पारदर्शी बनाने की कवायद में जुटी हुई है। पुलिस विभाग अपने अधिकारियों और कर्मचारियों को आधुनिक तकनीक से लैस करने उन्हें टैबलेट देने की योजना बनाई है।
प्रदेश में जल्द ही 25 हजार से ज्यादा विवेचना अधिकारियों को टैबलेट दिया जाएगा। पुलिस मुख्यालय ने टैबलेट खरीदी के लिए टेंडर जारी किया है।
टैबलेट में नक्शा मौका, एफआईआर, गिरफ्तारी फॉर्म रियल टाइम भरे जा सकेंगे। अदालत में वर्चुअल पेशी होगी। तलाशी के वीडियोग्राफी भी अनिवार्य होगी।
गौरतलब है कि साल 2022 में 1700 से अधिक टैबलेट बांटे गए थे। तीन साल के अंदर प्रदेश की 425 थानों में 50 हजार से अधिक एफआईआर दर्ज हुई।
सबसे ज्यादा जीआरपी ने मामला दर्ज किया। इनमें अधिक से अधिक चलती ट्रेनों में केस दर्ज हुए है।