भोपाल। मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के पंधाना में शुक्रवार को मुख्यमंत्री कन्यादान विवाह-निकाह योजना के तहत सामूहिक विवाह समारोह आयोजित किया। इस विवाह समारोह में 1158 जोड़े दांपत्य जीवन में बंधे। इनमें 1137 का विवाह एवं 21 जोड़ों का निकाह हुआ। इन सभी नव विवाहित जोड़ों को मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी वर्चुअली बधाई और शुभकामनाएं दी। पंधाना में कृषि उपज मंडी आयोजित किए गए कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा उपस्थित थे।
नव दंपत्ति को बधाई देते हुए सीएम ने कहा कि एक साथ इतने जोड़ों का परिणय सूत्र में बंधना अपने आप में रिकॉर्ड बनने जैसा है। पाणिग्रहण संस्कार और निकाह के एक साथ आयोजन ने सामाजिक समरसता का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया है। विवाह के इस सामूहिक आयोजन से अनायास के खर्चों पर रोक लगती है और सामाजिक एकता का संदेश भी जाता है।
16 संस्कारों में से एक प्रमुख संस्कार विवाह
सीएम ने कहा कि विवाह 16 संस्कारों में से एक प्रमुख संस्कार है। उन्होंने कहा कि परिवार में आ रही वधू का बेटी के समान प्रेम और सम्मान दिया जाए तथा बेटी भी अपने सास-ससुर को माता-पिता मानकर कुटुंब परंपरा का निर्वहन करें। उन्होंने कहा कि राज्य शासन की ओर से प्रत्येक वर-वधु को 51 हजार रुपये उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिसमें से 49 हजार रुपये सीधे उनके खाते में डाले जा रहे हैं। उन्होंने नव-दंपतियों से आव्हान किया कि वे शासन की योजनाओं का लाभ लें और स्वयं के तथा अपने परिवार के जीवन स्तर को उन्नत करने के लिए हर संभव प्रयास करें।
इनके कारण है खंडवा की पहचान
सीएम ने कहा कि मां नर्मदा की गोद में विराजित ओंकारेश्वर-ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग, दादाजी धूनीवाले और पार्श्व गायक स्व. किशोर कुमार की सुमधुर आवाज ने खंडवा जिले की विशेष पहचान दी है। विख्यात साहित्यकार माखनलाल चतुवेर्दी साहित्यिक प्रतिभा और वीर टंट्या मामा के अदम्य साहस ने इस धरा को गौरवान्वित किया है।