इंदौर। मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर स्वच्छता के क्षेत्र बीते सात सालों से अपना झंडा बुलंद किए हुए हैं। वहीं आठवीं बार भी पूरे देश में अव्वल रहने की तैयारी में जुटा हुआ है। इंदौर स्वच्छता में बीत सात सालों से कैसे अव्वल रह रहा है इसका मुआयना करने शुक्रवार 16वें वित्त आयोग के अध्यक्ष डॉ. अरविंद पनगढ़िया इंदौर पहुंचे। जहां उन्होंने देवगुराड़िया स्थित ट्रेंचिंग ग्राउंड पहुंचकर एशिया के सबसे बड़े गोबर-धन बायो सीएनजी प्लांट का अवलोकन किया। साथ ही उन्होंने ट्रेचिंग ग्राउंड पर बने परी पार्क में बैठकर इंदौर के स्वच्छता की सफल कहानी देखी।
उन्होंने इस दौरान सूखे कचरे के निपटान हेतु बनाए गए मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी सेंटर, 15 लाख मैट्रिक टन क्षमता के पुराने कचरे का बॉयो रिमेडिऐशन पद्धति से निपटान व्यवस्था, 100 एकड़ भूमि पर फलदार एवं आॅक्सीजन देने वाले पौधों से बनाए गए सिटी फॉरेस्ट और निर्माण एवं विनष्ट अपशिष्ट प्रोसेसिंग प्लांट का जायजा लिया।
स्वच्छता संबंधी कार्यों को सराहा पनगढ़िया ने
16वें वित्त आयोग के सदस्यों ने इंदौर में हो रहे स्वच्छता संबंधी कार्यों की सराहना की। सदस्यों को महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने स्वच्छता के सोपानों की जानकारी दी। नगर निगम आयुक्त शिवम वर्मा ने गोबर-धन बायो सीएनजी प्लांट के बारे में बताया। यह प्लांट सीएनजी निर्मित करने वाला एशिया का सबसे बड़ा प्लांट है। इसकी क्षमता 550 टीपीडी गोबरधन है, इसे बढ़ाकर 800 टीपीडी करने का लक्ष्य है। इसके लिए सैद्धांतिक सहमति प्राप्त हो गई है।
इंदौर पर्यावरण सुधार में विशेष ध्यान
उन्होंने कहा कि इंदौर में हर तरह के कचरे के उपयोग की योजना भी तैयार की जा रही है। यहां फ्यूल-ब्रिकेट्स तथा लिक्विड फर्टिलाइजर बनाने की योजना भी तैयार कर कार्य प्रारंभ किया जा रहा है। इंदौर में स्वच्छता के साथ ही पर्यावरण सुधार पर भी विशेष ध्यान है। इस अवसर पर नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की विशेष उपस्थिति में 16वें वित्त आयोग के सदस्य श्रीमती एनी जॉर्ज मैथ्यू, डॉ. मनोज पांडा, डॉ. सौम्या कांति घोष, सचिव ऋत्विक पांडे ने यह भ्रमण किया। इस मौके पर संभागायुक्त दीपक सिंह, कलेक्टर आशीष सिंह, नगर निगम आयुक्त शिवम वर्मा आदि मौजूद थे।