भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संकल्प लिया सिंहस्थ-2028 में क्षिप्रा नदी के निर्मल जल में ही श्रद्धालुओं को स्नान कराया जाए। इस संकल्प को करने में सीएम मोहन जुट भी गए हैं। यही नहीं उन्होंने सोमवार क्षिप्रा के शुद्धिकरण के लिए निमार्णाधीन कान्ह क्लोज डक्ट डायवर्जन परियोजना का उज्जैन के ग्राम बामोरा स्थित 32 मीटर गहरे शाफ्ट-3 की निमार्णाधीन टनल में उतरकर कार्य का निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ महापौर मुकेश टटवाल, संभागायुक्त संजय गुप्ता भी मौजूद थे। सीएम ने ने अधिकारियों को कार्य की गुणवत्ता, समय सीमा का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि सिंहस्थ-2028 के दृष्टिगत कान्ह क्लोज डक्ट डायवर्जन परियोजना अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि इस योजना से हमारे कई वर्षों का संकल्प मूर्त रूप लेगा। इस परियोजना से कान्ह का दूषित जल क्षिप्रा के किसी भी तट पर नहीं मिलेगा। कान्ह नदी का पानी शुद्धिकरण के बाद गंभीर नदी के डाउन-स्ट्रीम तक पहुंचाया जाएगा जिससे किसानों को भी सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी भी मिल पाएगा।
सीएम ने श्रमिकों से संवाद कर कुशलक्षेम जानी
सीएम ने टनल में उतरकर कार्यरत श्रमिकों से संवाद कर उनकी कार्यशैली, जीवन चर्या व कार्य का समय और उनकी कुशलक्षेम जानी। श्रमिकों ने सीएम की सहृदयता व संवेदनशील व्यवहार देखकर उनसे खुलकर चर्चा की। श्रमिकों ने कहा कि वह माता क्षिप्रा को स्वच्छ करने वाली इस परियोजना के लिए युद्ध स्तर पर कार्य कर देश के लिए अपना योगदान दे रहे हैं। इस बात पर सीएम ने श्रमिकों के देश निर्माण में उल्लेखनीय योगदान व देश प्रेम की भावना की सराहना की।
सीएम ने जून में किया था कान्ह क्लोज डक्ट का भूमिपूजन
बता दें कि कान्ह क्लोज डक्ट परियोजना का भूमि-पूजन भी मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा जून 2024 में किया गया था। यह परियोजना सितंबर 2027 तक पूर्ण होगी। इसमें कार्य करने वाली एजेंसी द्वारा 15 वर्षों का संचालन तथा रख-रखाव का प्रावधान किया गया है। इससे क्षिप्रा नदी होकर सतत् प्रवहमान होगी। स्वच्छ व निर्मल इसमें कान्ह नदी का दूषित जल नहीं मिलेगा। उक्त परियोजना की कुल लंबाई 30.15 किमी होगी, जिसमें 12 किमी लम्बी टनल होगी व 18.15 किमी कट एंड कवर भाग होगा।