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अब श्रीमहाकाल लोक की कई बस्तियों का नाम बदलने की उठी मांग, अभी जाना जाता है इन नामों से, जानें क्या कहा सांसद-महामंडलेश्वर ने

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उज्जैन। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बीतें दिनों उज्जैन जिले की 3 पंचायतों के नाम बदलने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि गजनी खेड़ी पंचायत का नाम चामुंडा माता नगरी, मौलाना गांव का नाम विक्रम नगर और जहांगीरपुर का नाम जगदीशपुर होगा। जिसको लेकर सियासत भी खूब हुई थी। सीएम द्वारा इन तीन गांवों के नाम बदलने की घोषणा के बाद अब श्रीमहाकाल लोक एरिया के कई बस्तियों के नाम बदलने की मांग ने जोर पकड़ लिया है। इस तरह की मांग करने वालों में क्षेत्रीय सांसद, स्थानीय पुजारी और महंतों महामंडलेश्वर शामिल हैं। इन्होंने मंदिर से लगे क्षेत्रों, जैसे बेगम बाग, अंडा गली, तोपखाना और फतियाबाद गांव का नाम बदलने की मांग की है।

सभी का मानना है कि देवास गेट बस स्टैंड पर उतरकर श्रद्धालु जब महाकाल मंदिर आते हैं तो मंदिर से लगे बेगम बाग, तोपखाना जैसे क्षेत्रों से होकर गुजरना पड़ता है या फिर यहां उतरकर मंदिर में प्रवेश करना पड़ता है। ऐसे में मंदिर के आसपास के क्षेत्रों का नाम बदलना चाहिए। महामंडलेश्वर शैलेषानंद गिरी जी महाराज ने कहा कि हमारी संस्कृति, धरोहर के अनुकूल नाम होना चाहिए। हम मुख्यमंत्री मोहन यादव से मांग करते हैं कि महाकाल क्षेत्र के बेगम बाग, कोट मोहल्ला और तोपखाना जैसे नाम को महाकाल के अनुरूप रखना चाहिए। जिससे बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को लगे कि हम महाकाल की नगरी में आ गए हैं। जल्द से जल्द नाम बदलना चाहिए

इन नामों से नहीं पड़ता अच्छा प्रभाव
पुजारी महेश शर्मा ने कहा कि उज्जैन प्राचीनतम और महाकालेश्वर की नगरी है। मंदिर के आस-पास बेगम बाग, अंडा गली नाम से अच्छा प्रभाव नहीं पड़ता है। सम्प्रदाय को मिलकर वैदिक नाम में करने की मांग करनी चाहिए। वहीं महाकाल मंदिर परिसर के गणेश मंदिर के पुजारी चम्मू गुरु ने कहा कि, सीएम का आभार, जिन्होंने सालों से चली आ रही मांग को पूरा किया। अवंतिका की नगरी में महाकाल के दर्शन करने आने वाले भक्तों को बेगम बाग होते हुए आते हैं जो की महाकाल मंदिर से ठीक लगा हुआ है। यहां पर तो बेगम का वजूद नहीं है।

सांसद बोले- गली का नाम सुनकर लोग हो जाते हैं भ्रमित
सांसद अनिल फिरोजिया ने कहा, ‘सीएम का आभार, जिन्होंने 3 पंचायतों के नाम बदल दिए। गजनीखेड़ी, जो एक कलंकित नाम था, अब चामुंडा माता नगरी कर दिया है। अनिल फिरोजिया ने कहा कि महाकाल मंदिर तक जाने वाले मार्ग का नाम सुनकर लोग भ्रमित हो जाते हैं। हमने मांग की है कि इसे महाकाल लोक मार्ग का नाम दिया जाए। वर्तमान में इस मार्ग के हिस्से बेगम बाग और अंडा गली जैसे नाम हैं, जो कई बार देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को भ्रमित करते हैं। क्या तोपखाना, अंडा गली ये भी कोई नाम है। दुष्ट आक्रमणकारियों ने हमारा नुकसान किया था। मोहम्मद गजनवी विदेश से भारत आया। वापस लौटने के दौरान उसने मां चामुंडेश्वरी मंदिर पर आक्रमण किया और उसे तहस-नहस किया। तब से उसका नाम गजनीखेड़ी था। लोगों की मांग पर सीएम डॉ. मोहन यादव ने उनका नाम बदलने का काम किया। सांसद ने कहा कि मेरी एक और मांग है कि उज्जैन के पास स्थित बड़े कस्बे फतियाबाद का नाम भी बदलकर देवी माता के नाम पर रखा जाना चाहिए।

पांच साल पहले भी उठी थी मांग
सन 2020 में उज्जैन के बेगम बाग इलाके में हिन्दू संगठन की रैली पर पथराव की घटना के बाद हिंदूवादी संगठनों ने बेगम बाग का नाम बदलकर भीमराव अंबेडकर नगर रखने की मांग की थी। कार्यकर्ता और पदाधिकारी बड़ी संख्या में एकत्रित होकर ज्ञापन देने के लिए कलेक्ट्रेट कार्यालय भी पहुंचे थे।

 

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