भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के ऐशबाग स्टेडियम के पास बने 90 डिग्री मोड़ वाले रेलवे ओवरब्रिज की डिज़ाइन को लेकर सरकार की जहां जमकर आलोचना हो रही हैं। वही यह आरओबी उपहास का भी विषय बना हुआ है। हालांकि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आरओबी की डिजाइन को लेकर एक्शन में आ गए हैं। उन्होंने सख्त लहजे में कह दिया है कि ओवरब्रिज के निर्माण में तकनीकी खामियों के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ा एक्शन लिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि तकनीकी खामियों को दूर करने के बाद ही ओवरब्रिज का उद्घाटन किया जाएगा।
सीएम संभावित दुर्घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए वाहनों के लिए इसके असामान्य 90 डिग्री मोड़ से गुजरना मुश्किल होगा। आरओबी के निर्माण कार्य में तकनीकी खामियों को दूर किया जाएगा। इनके (खामियों) लिए जिम्मेदार अधिकारियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि आरओबी में तकनीकी खराबी को दूर करने का काम शुरू हो गया है और काम पूरा होने के बाद ही इसका उद्घाटन किया जाएगा।
पीडब्ल्यूडी मंत्री ने दिया था यह तर्क
बता दें कि 18 करोड़ रुपये की लागत से बने इस आरओबी का उद्देश्य महामाई का बाग, पुष्पा नगर और स्टेशन क्षेत्र से नए भोपाल तक वाहनों की आवाजाही को सुगम बनाना है। पिछले सप्ताह लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने पुल पर वाहनों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए समाधान खोजने के लिए एक समिति बनाई थी। पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह ने तब कहा था कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की एक टीम ने मामले की जांच की और पाया कि जमीन की कमी के कारण अजीब डिजाइन अपनाया गया था।
यह बोले थे अधिकारी
राकेश सिंह ने कहा था कि दो मुख्य इंजीनियरों वाली समिति, रेलवे सहित सभी हितधारकों से बात करेगी और फिर सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। उनके अनुसार समिति की रिपोर्ट के आधार पर यह तय किया जाएगा कि पुल के मोड़ को कैसे सुगम और दुर्घटना मुक्त बनाया जाए। आरओबी के निर्माण से जुड़े अधिकारियों ने पहले तर्क दिया था कि जमीन की कमी और पास में मेट्रो रेल स्टेशन की मौजूदगी को देखते हुए उनके पास इसे इस तरह बनाने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं था। पीडब्ल्यूडी अधिकारियों ने कहा कि अगर थोड़ी और जमीन उपलब्ध हो जाए तो 90 डिग्री के तीखे मोड़ को बदला जा सकता है।