मध्यप्रदेश के इंदौर शहर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से 23वीं मौत हो गई।
भागीरथपुरा की इमली गली में रहने वाले भगवान भारने (65 वर्ष) ने शेल्बी अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
गौरतलब है कि इंदौर का भागीरथपुरा कांड 29 दिसंबर को चर्चा में आया था, जब 100 से अधिक लोग बीमार पड़े थे। इसके बाद ही दूषित जल से लोगों के मरने की जानकारी भी सामने आने लगी थी। मामले में पहले मौत 21 दिसंबर को हुई थी।
इस बीच, मामले से जुड़ी एक जनहित याचिका पर आज हाई कोर्ट में सुनवाई होगी। याचिका में प्रभावित क्षेत्र में शुद्ध पेयजल की स्थायी उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की गई है।
अदालत ने नगर निगम से जवाब तलब किया है, जिससे इस पूरे मामले में प्रशासन की जवाबदेही तय होने की उम्मीद है।
इधर, जमीनी हालात अब भी चिंताजनक बने हुए हैं, रहवासी टैंकरों के भरोसे हैं और यह साफ नहीं है कि टंकियों से नियमित जलापूर्ति कब शुरू होगी।
नगर निगम रोजाना पानी की टेस्टिंग और सैंपलिंग कर रहा है, बावजूद इसके स्थिति सामान्य नहीं हो पाई है।



