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देश में सोयाबीन की पैदावार बढ़ाने जीनोम एडिटिंग का सहारा लेगी केन्द्र सरकार, खेती की तकनीकों में भी होगा बदलाव: शिवराज का बड़ा बयान

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इंदौर। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को इंदौर के दौरे पर पहुंचे, जहां वह राष्ट्रीय सोयाबीन अनुसंधान संस्थान में इस तिलहन फसल की उत्पादकता बढ़ाने पर केंद्रित कार्यक्रममें शामिल हुए और हितग्राहियों से संवाद किया। इस दौरान शिवराज ने हितग्राहियों से कहा कि सरकार ‘जीनोम एडिटिंग’ की मदद से सोयाबीन की उन्नत किस्में विकसित करके इस तिलहन फसल की पैदावार बढ़ाएगी।

वहीं मीडिया से बात करते हुए शिवराज ने कहा कि हमारे देश में सोयाबीन की उत्पादकता स्थिर हो गई है, जबकि दुनिया के कई देशों में इस तिलहन फसल की उत्पादकता हमसे ज्यादा है। कृषि मंत्री ने कहा, हम ब्राजील जैसे देशों की तरह सोयाबीन के जीन संर्विधत (जीएम) बीजों का इस्तेमाल नहीं करते, लेकिन हम जीनोम एडिटिंग जैसी पद्धति का प्रयोग करके ज्यादा पैदावार देने वाली उन्नत किस्में विकसित करेंगे। फसलों में ‘जीनोम एडिटिंग’ ऐसी तकनीक है जिसका उपयोग पौधों के जीनोम में विशिष्ट डीएनए अनुक्रमों को बदलने के लिए किया जाता है। इससे फसलों में वांछित गुण डाले जा सकते हैं।

चौहान ने कहा कि देश में सोयाबीन की उत्पादकता बढ़ाने के साथ ही इसकी खेती की लागत घटाने की भी जरुरत है। उन्होंने कहा कि सोयाबीन उत्पादक किसानों की जरुरतों के मुताबिक अनुसंधान परियोजनाओं को आकार दिया जाएगा और खेती की तकनीकों में बदलाव किया जाएगा। उन्होंने कहा, सोयाबीन प्रोटीन का बड़ा स्त्रोत है। हम देश में सोयाबीन के गुणवत्तापूर्ण उत्पादों के निर्माण के साथ ही सोया खली के निर्यात को बढ़ावा देंगे।

देश में पाम तेल के बड़े पैमाने पर आयात को नियंत्रित करने के उपायों के बारे में पूछे जाने पर कृषि मंत्री ने कहा,सरकार इस विषय में समय-समय पर संतुलन बनाती है। हमें अपनी घरेलू आवश्यकताएं पूरी करने के लिए पिछले कई वर्षों से खाद्य तेलों का आयात करना पड़ रहा है। हालांकि, हम अपनी आयात-निर्यात नीति के जरिये सुनिश्चित कर रहे हैं कि घरेलू किसानों और उपभोक्ताओं, दोनों के हित सुरक्षित रहें। मौजूदा समय में भारत अपनी खाद्य तेल जरूरतों का 60 प्रतिशत से अधिक आयात करता है। सस्ते खाद्य तेलों के आयात से घरेलू किसानों को सोयाबीन के कम भाव मिलने पर कृषि मंत्री ने कहा कि इस तिलहन फसल की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर सुनिश्चित की जाएगी।

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