मध्यप्रदेशरीवा

रीवा का यह रिश्वतखोर पटवारी दूसरी बार आया लोकायुक्त के शिकंजे में, मांगे थे 10 हजार

पटवारी निर्माण कार्य में आपत्ति लगाकार घूस की मांग कर रहा था। इसकी शिकायत लोकायुक्त में की गई। शिकायतकर्ता प्रॉपर्टी डीलर अनुराग मिश्रा ने बताया कि रीवा के रतहरा हल्का पटवारी निर्माण कार्य में रोक लगाकर 10 हजार की घूस मांग रहे हैँ।

रीवा। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान मध्यप्रदेश में लगातार जीरो टॉरलेंस की बात करते आ रहे हैं। इतना ही नहीं, वह बार-बार चेतावनी भी देते रहते हैं कि भ्रष्टाचार करने और रिश्वत लेने वालों को उल्टा लटका दूंगा। वह इस बात का जिक्र कई बार सभाओं और अधिकारियों के साथ बैठकों में भी कर चुके हैं। इसके बाद भ्रष्टाचार और रिश्वत लेने के मामले सामने आते रहते हैं। इसी कड़ी में अब नया मामला रीवा जिले से आया है। यहां पर रीवा लोकायुक्त ने एक पटवारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।

जानकारी के मुताबिक वह पटवारी निर्माण कार्य में आपत्ति लगाकार घूस की मांग कर रहा था। इसकी शिकायत लोकायुक्त में की गई। शिकायतकर्ता प्रॉपर्टी डीलर अनुराग मिश्रा ने बताया कि रीवा के रतहरा हल्का पटवारी धीरज पाडंय निर्माण कार्य में रोक लगाकर 10 हजार की घूस मांग रहा है। मामले की बारीकी से जांच करने के बाद योजनाबद्ध तरीके से पटवारी को लोकायुक्त की टीम ने 10 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है।

पहुंचे थे दर्जन भर अधिकारी
हालांकि पटवारी के साथ ऐसा पहली बार नहीं हुआ है, जब उसे रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। इसके पहले भी वर्ष 2013 में आरोपित पटवारी 2500 की रिश्वत लेते गिरफ्तार हो चुका है। अब यह दूसरा मौका है जब पटवारी को 10 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है। जियाउल हक लोकायुक्त ट्रेप अधिकारी की मौजूदगी में 12 सदस्यीय टीम ने कार्यवाही की है। टीम में जियाउल हक निरीक्षक लोकायुक्त, मुकेश मिश्रा, शैलेंद्र, शिवेंद्र, धर्मेंद्र, सुजीतपंच साक्षी, अप पुलिस अधीक्षक प्रवीण सिंह, सहित 12 सदस्य मौजूद रहे।

WebKhabar

2009 से लगातार जारी समाचार पोर्टल webkhabar.com अपनी विशिष्ट तथ्यात्मक खबरों और विश्लेषण के लिए अपने पाठकों के बीच जाना जाता है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Back to top button