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सीएम ने साधा निशाना, कहा- केन्द्र ने नहीं दी सहायता, प्रदेश में उपलब्ध संसाधनों से अतिवृष्टि प्रभावित किसानों की करेंगे मदद

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने प्रदेश में अतिवृष्टि से हुए नुकसान पर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए बुधवार को कहा कि राज्य में उपलब्ध संसाधनों की सहायता से ही बाढ़ और अतिवृष्टि से प्रभावित किसानों की मदद की जाएगी। कमलनाथ ने यहां सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के भूमि पूजन समारोह को संबोधित करते हुए ये बात कही। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अतिवृष्टि से हुए नुकसान को लेकर केंद्र सरकार ने आज तक सहायता राशि नही दी है, जो भी मदद प्रभावितों को करनी है, वह प्रदेश में उपलब्ध संसाधनो से ही करनी है।  आगे पढ़ें

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बंद करो मतदान .....

मोदी-पवार की भेंट का किसानों से कोई लेना-देना ही नहीं था। हां, यकीनन उनके बीच चर्चा खेती-किसानी को लेकर ही हुई होगी। मोदी ने टटोला होगा कि पवार की सोहबत में महाराष्ट्र में तीर-धनुष (शिवसेना का चुनाव चिन्ह) की खेती के प्रयासों को बुवाई के स्तर पर ही किस तरह तहस-नहस किया जा सकता है। यह विचार-विमर्श भी हुआ होगा कि क्या वहां की उर्वरा सियासी जमीन पर एक साथ कमल और घड़ी की बंपर फसल उगायी जा सकती है। मुमकिन है कि मोदी ने अपने सियासी गुरू से शिकायती अंदाज में यह भी कहा हो, हम आपको गुरू मानते हैं और आप हैं कि अपने यहां पंजे की खेती को बढ़ावा देने का जतन कर रहे हैं। जाइए! इस गुरु पूर्णिमा मैं आपसे बात नहीं करूंगा। read more  आगे पढ़ें

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जेएनयू के आंदोलन की यह टाइमिंग

जेएनयू प्रबंधन ने होस्टल तथा मैस के चार्ज में वृद्धि की। छात्र-छात्राएं इसके खिलाफ सड़क पर आ गये। वृद्धि का कुछ हिस्सा वापस लिया गया। लेकिन आंदोलन जारी रहा। कई अचानक इसका स्वरूप और उग्र करने की कोशिश की गयी। उस समय, जबकि संसद का शीतकालीन सत्र आरम्भ हो रहा था। क्या यह किसी खास टाइमिंग के हिसाब से किया गया? क्यों ऐसा हुआ कि संसद के नजदीक आते सत्र के पहले ही जेएनयू परिसर में लगी स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा के आसपास आपत्तिजनक और भड़काऊ नारे लिखे गये? क्या यह किसी खास षड़यंत्र का हिस्सा नहीं है कि इसी संस्थान से संबद्ध एक महिला कुछ दिन पहले योग से सैक्स बेहतर है वाले वाक्य की टी-शर्ट पहनकर अपना फोटो सोशल मीडिया पर वायरल करती है। ध्यान रखिए कि जेएनयू में प्रभावी असर रखने वाली मानसिकता ही वह है, जो योग जैसे विज्ञान को भी हिंदू धर्म से जोड़कर इसका विरोध करती आ रही है। तब भी, जबकि दुनिया के कई देश भारत के इस ज्ञान का लोहा मानकर उसे अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बना चुके हैं।  आगे पढ़ें

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शीत सत्र शुरू होने से पहले एनडीए के सहयोगी दलों की बैठक, पीएम ने कहा- परिवार बड़ा है, छुटपुट मतभेदों में बिखरना नहीं चाहिए

संसद का शीतकालीन सत्र शुरू होने से एक दिन पहले रविवार को एनडीए के सहयोगी दलों की बैठक हुई। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह के अलावा अन्य वरिष्ठ मंत्री और नेता शामिल हुए। मोदी ने कहा कि एनडीए एक बहुत बड़ा परिवार है और छुटपुट मतभेदों से हमें बिखरना नहीं चाहिए। महाराष्ट्र में भाजपा-शिवसेना गठबंधन टूटने के बाद बैठक के दौरान सहयोगी दलों ने कहा कि समन्वय को बेहतर बनाने के लिए संयोजक बनाया जाए। लोजपा के अध्यक्ष चिराग पासवान ने कहा कि छोटे-मोटे मतभेदों को दूर करने के लिए एनडीए में एक व्यवस्था का निर्माण किया जाना चाहिए।  आगे पढ़ें

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भाजपा नेता ने कहा- राफेल मुद्दे पर कांग्रेस और राहुल ने देश को गुमराह किया, अब भाजपा देशभर में करेगी विरोध प्रदर्शन

भाजपा नेता और असम के मंत्री हेमंत बिस्व सरमा ने शुक्रवार को कहा कि भाजपा शनिवार को देशभर में शृंखलाबद्ध तरीके से विरोध प्रदर्शन करेगी। राहुल गांधी को राफेल मामले पर गलत बयानबाजी को लेकर उन्हें पूरे देश से माफी मांगनी चाहिए। राहुल और उनकी पार्टी ने राफेल मुद्दे पर पूरे देश को गुमराह किया। सरमा के मुताबिक, राहुल ने नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार पर झूठे आरोप लगाए हैं।  आगे पढ़ें

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अयोध्या में मन्दिर मस्जिद के बाद अब 'राष्ट्र मन्दिर' के निर्माण की बारी

अयोध्या में मंदिर निर्माण जल्द से जल्द प्रारंभ किए जाने के लिए साधु संतों के जमावड़े ने सरकार से कई बात कानून बनाने अथवा अध्यादेश जारी करने की मांग की गई थी। तब भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट कहा था कि यह मामला सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन है और सरकार न्यायालय के फैसले की प्रतीक्षा करेगी। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने दूसरे कार्यकाल की शुरुआत के बाद भी अपने रुख को दोहराया। सर्वोच्च न्यायालय का फैसला आने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी भूरी -भूरी प्रशंसा की जानी चाहिए कि उन्होंने देश की जनता, साधु संतों और राजनीतिक दलों को इस फैसले की धैर्य पूर्वक प्रतीक्षा करने के लिए मानसिक रूप से तैयार किया।  आगे पढ़ें

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राफेल पर क्लीन चिट मिलने के बाद भाजपा का राहुल पर निशाना, कहा- यह मोदी सरकार की ईमानदारी से परिपूर्ण निर्णय प्रक्रिया का सम्मान है

सुप्रीम कोर्ट के राफेल मामले पर मोदी सरकार को क्लीन चिट दिए जाने के बाद भाजपा ने गुरुवार को कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी पर निशाना साधा। पार्टी नेता रवि शंकर प्रसाद ने कहा- यह मोदी सरकार की ईमानदारी से परिपूर्ण निर्णय प्रक्रिया का सम्मान है। सत्यमेव जयते। कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी को देश से इस मामले में माफी मांगनी चाहिए। इस बीच राहुल गांधी ने ट्वीट किया- सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस जोसफ ने राफेल मामले की जांच के लिए बड़ा दरवाजा खोल दिया है। इसे तुरंत शुरू किया जाना चाहिए। एक जॉइंट पार्लियामेंट्री कमेटी का गठन होना चाहिए, जो इस घोटाले की जांच करे। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हमें इस मामले में एफआईआर का आदेश देने या जांच बैठाने की जरूरत महसूस नहीं हुई।  आगे पढ़ें

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राफेल पर क्लीन चिट मिलने के बाद भाजपा का राहुल पर निशाना, कहा- यह मोदी सरकार की ईमानदारी से परिपूर्ण निर्णय प्रक्रिया का सम्मान है

सुप्रीम कोर्ट के राफेल मामले पर मोदी सरकार को क्लीन चिट दिए जाने के बाद भाजपा ने गुरुवार को कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी पर निशाना साधा। पार्टी नेता रवि शंकर प्रसाद ने कहा- यह मोदी सरकार की ईमानदारी से परिपूर्ण निर्णय प्रक्रिया का सम्मान है। सत्यमेव जयते। कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी को देश से इस मामले में माफी मांगनी चाहिए। इस बीच राहुल गांधी ने ट्वीट किया- सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस जोसफ ने राफेल मामले की जांच के लिए बड़ा दरवाजा खोल दिया है। इसे तुरंत शुरू किया जाना चाहिए। एक जॉइंट पार्लियामेंट्री कमेटी का गठन होना चाहिए, जो इस घोटाले की जांच करे। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हमें इस मामले में एफआईआर का आदेश देने या जांच बैठाने की जरूरत महसूस नहीं हुई।  आगे पढ़ें

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ब्राजील पहुंचे मोदी, आज 11वें ब्रिक्स सम्मेलन को कर सकते हैं संबोधित, आतंकवाद होगा मुख्य मुद्दा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11वें ब्रिक्स सम्मेलन (13 और 14 नवंबर) में हिस्सा लेने के लिए बुधवार को ब्राजील पहुंचेंगे। इस बार समिट की थीम उन्नत भविष्य के लिए आर्थिक वृद्धि है। इस बार मुख्य मुद्दे डिजिटल इकोनॉमी, आतंकवाद के खिलाफ मजबूत तंत्र बनाना, विज्ञान और आधुनिकता रहेंगे। वे छठी बार समिट में हिस्सा लेंगे। वे पहली बार सम्मेलन में हिस्सा लेने 2014 में ब्राजील के शहर फोर्टलेजा गए थे। मोदी के साथ व्यापार प्रतिनिधियों का दल भी समिट में शामिल होगा। यह प्रतिनिधिमंडल विशेषकर ब्रिक्स बिजनेस फोरम में हिस्सा लेगा।  आगे पढ़ें

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जाको प्रभु दारुण दुख देही...

यदि इन तीन दलों की मिली-जुली सरकार बनती है तो उससे पहले ठाकरे से पूछा जाना चाहिए कि हिंदुत्व पर उनकी पहले जैसी राय कायम रहेगी या उसमें कांग्रेसीकरण और एनसीपीवाद का तड़का लगेगा। क्या पाकिस्तान के खिलाफ भविष्य की किसी सर्जिकल स्ट्राइक पर शिवसेना इसका खुलकर अभिनंदन करेगी अथवा कांगे्रस के सुर में सुर मिलाकर इसके लिए केंद्र से सबूत मांगने लग जाएगी। पड़ोसी देश को रह-रहकर गरियाने वाले इस दल से यह प्रश्न भी होना चाहिए कि शपथ ग्रहण समारोह में वह नवजोत सिंह सिद्धूू को आमंत्रण देने का विरोध कर पाएगा? वही सिद्धू जिन्होंने एक बार फिर पाकिस्तान की सरजमीं पर जाकर भारत के मुकाबले इमरान खान को बब्बर शेर कह दिया है। एनसीपी तो खेर एक क्षेत्रीय दल है लेकिन ऐसे ही सवाल कांग्रेस के सामने भी खड़े हो रहे होंगे। कांग्रेस पर साम्प्रदायिक कहलाने वाली शिवसेना का साथ देने का आरोप लगेगा। केन्द्र में धर्मनिरपेक्ष गठजोड़ बनाने में उसके सामने भविष्य में दिक्कतें खड़ी होंगी।और शिवसेना के इतिहास का भूत क्या कांग्रेस की महाराष्ट्र में रही सही नैया भी डूबोने का खतरा पैदा नहीं करेगा? read more  आगे पढ़ें

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