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कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं तुम्हारी...

ताजा मामला देखें। आठ पुलिस वालों की हत्या के मामले में वांछित विकास दुबे यहीं आकर निश्चिन्ततापूर्वक खुद को पुलिस के हवाले कर गया। इससे पूर्व विकास की ही बिरादरी के सशक्त हस्ताक्षरों के तौर पर बेहमई काण्ड फेम फूलन देवी और नितीश कटारा के हत्यारे विकास तथा विशाल यादव भी शांति के इस टापू पर आने के बाद एनकाउंटर के शिकार होने से बच गए थे। राज्य की पुलिस हो या सरकार, अतिथि देवो भव: का यह भाव घरेलु स्तर पर भी बराबर निभाया जा रहा है। करोड़ों की जीएसटी चोरी के आरोपी शराब किंग जगदीश अरोरा और उनके भाई अजय अरोरा को जरा सा भी कष्ट नहीं होने दिया गया। पकडे जाते ही दोनों की मेडिकल के दौरान ही ऐसी तबीयत खराब हुई कि दोनों को आईसीयू में दाखिल करा दिया गया। क्या गजब का सिस्टम है हमारा। समरथ को नहीं दोष गुसांई वाला। read more  आगे पढ़ें

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मप्र मे रोजगार केअवसर बढ़ाने और कारोबार में तेजी लाने कारोबारियों ने गृहमंत्री से की मुलाकात, पीपीई किट समेत अन्य सामानों में जीएसटी में छूट दिए जाने रखी मांग

प्रदेश में रोजगार के अवसर बढ़ाने और कारोबार में तेजी लाने के लिए शुक्रवार को गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कारोबारियों से बातचीत की। इस दौरान उद्योगपतियों ने स्कूल, कॉलेज और कोरोना के इलाज में उपयोग की जाने वाली पीपीई किट समेत अन्य सामान पर जीएसटी में छूट दिए जाने की मांग रखी। उन्होंने स्थानीय संसाधनों का उपयोग करते हुए रोजगार के नए अवसर बढ़ाने पर जोर दिया।  आगे पढ़ें

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1800 करोड़ के जीएसटी घोटाले से सकते में मप्र सहित 7 राज्यों की सरकारें, शासन ने मांगी रिपोर्ट

वाणिज्यिक कर विभाग की टैक्स रिसर्च विंग की जांच में पकड़े गए 1800 करोड़ के जीएसटी घोटाले से मप्र समेत 7 राज्यों की सरकार सकते में है। मप्र सरकार ने घोटाले की पूरी जांच रिपोर्ट वाणिज्यिक कर मुख्यालय इंंदौर से मांग ली है। घोटाले की सभी सातों राज्यों में जांच तेज हो गई है। इनमें मप्र के अलावा उप्र, दिल्ली, बिहार, असम, हिमाचल, हरियाणा है। भोपाल की फर्म मेसर्स एमपीके ट्रेडर्स द्वारा जिन-जिन कंपनियों ने ट्रांजेक्शन बताए हैं, उन सभी को जांच के दायरे में लिया जा रहा है। इस कंपनी की जांच में मौके पर कुछ नहीं पाया गया है। ट्रांजेक्शन से पता चला है कि कंपनी ने 29 जनवरी को जीएसटी में रजिस्ट्रेशन लिया था।  आगे पढ़ें

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जीएसटी कलेक्शन में हो रही कमी का राज्यों में पड़ेगा असर, केन्द्र सरकार नहीं देगी पांचवे साल की क्षतिपूर्ति

राठौर ने कहा कि जीएसटी लागू होने के बाद जब से क्षतिपूर्ति का पैसा दिया जा रहा है, हर साल इसमें कटौती होती है और शेष राशि को अगले साल देने पर टाल दिया जाता है। इस कारण कई दिक्कतें होती हैं। खासतौर पर तब जब, मप्र में पिछली भाजपा सरकार ने पौने दो लाख करोड़ से ज्यादा कर्ज का छोड़ा है। केंद्र सरकार ने दो दिन पहले हुई वीडियो कांफ्रेंसिंग में 4097 करोड़ रुपए क्षतिपूर्ति देने में असमर्थता जाहिर की है। लिहाजा इस बारे में फिर से केंद्र सरकार से बात की जाएगी।  आगे पढ़ें

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वित्तमंत्री ने माना जीएसटी में खामी, सुधार के लिए टैक्स एक्सपर्ट्स से मांगी मदद

कार्यक्रम में व्यापारियों, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स और आंत्रप्रेन्योर्स ने जीएसटी को लेकर कई सवाल पूछे। सीतारमण ने उनसे जीएसटी को न कोसने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि काफी लंबे समय बाद संसद और राज्यों की विधानसभाओं ने साथ आकर एक कानून बनाया है। मैं जानती हूं कि आप अपने अनुभव से परेशानी के बारे में बता रहे हैं। लेकिन हम अचानक ही इसे बकवास नहीं बता सकते। सीतारमण ने कहा कि जीएसटी लागू हुए अभी दो साल ही हुए हैं, लेकिन वे चाहती थीं कि यह बदलाव पहले दिन से ही संतोषजनक हों। उन्होंने टैक्स इंडस्ट्री से जुड़े लोगों से समस्याओं के हल देने की भी मांग की  आगे पढ़ें

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घटते जीएसटी कलेक्शन की पड़ताल के लिए सरकार ने बनाई कमेटी, 15 दिन में देनी होगी पहली रिपोर्ट

जीएसटी काउंसिल के सचिवालय से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया, 12 सदस्यीय कमेटी में फिलहाल महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र के जीएसटी कमिश्नर हैं। अन्य राज्यों को भी कमेटी में शामिल होने का विकल्प दिया गया है। केंद्र और राज्यों के अधिकारियों की संयुक्त टीम से हालात में सकारात्मक बदलाव लाने के उपाय सुझाने की अपेक्षा की गई है।  आगे पढ़ें

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कार्पोरेट टैक्स में कमी के ऐलान से झूमा शेयर बाजार, अब घरेलू कंपनियों को देना होगा 22% टैक्स

सीतारमण ने बताया कि 1 अक्टूबर के बाद बनने वाली घरेलू मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों के लिए टैक्स की दर 15% होगी। सरचार्ज और सेस मिलाकर प्रभावी टैक्स दर 17.01% होगी। उन्हें भी अन्य कोई इन्सेंटिव नहीं मिलेगा। नई कंपनियों के लिए पहले टैक्स की दर 25% थी। सेस, सरचार्ज मिलाकर प्रभावी दर 29.12% थी। यानी नई कंपनियों की टैक्स देनदारी अब 12% कम हो गई।हालांकि, ये फायदा तभी मिलेगा जब नई कंपनियां कोई और इन्सेंटिव नहीं लेंगी। उन्हें 31 मार्च 2023 तक प्रोडक्शन भी शुरू करना होगा। वित्त मंत्री ने कहा कि टैक्स में छूट देने से मेक इन इंडिया के तहत निवेश, रोजगार और आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी। इससे रेवेन्यू में भी इजाफा होगा।  आगे पढ़ें

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पूर्व पीएम ने देश की अर्थव्यवस्था पर जताई चिंता, कहा- मोदी सरकार की गलतियों के चलते आई मंदी

पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में सिर्फ 0.6% की ग्रोथ हुई, जो परेशान करने वाली है। हमारी अर्थव्यवस्था कुछ लोगों की गलतियों से नहीं उबर पाई है। निवेशकों की भावनाएं उदासीन हैं। अर्थव्यवस्था में सुधार के लिए यह अच्छी खबर नहीं है। सीतारमण ने कहा, क्या डॉ. मनमोहन सिंह कह रहे हैं कि राजनीतिक बदले में शामिल होने के बजाय उन्हें चुप्पी साधे लोगों से सलाह लेनी चाहिए? क्या उन्होंने ऐसा कहा है? ठीक है, धन्यवाद। मैं इस पर उनकी बात सुनूंगी। यही मेरा जवाब है। क्या हम अर्थव्यवस्था में मंदी का सामान कर रहे हैं? क्या सरकार स्वीकार कर रही है कि मंदी है? मैं कारोबार से जुड़े इनपुट ले रही हूं कि वे सरकार से क्या चाहते हैं। मैं उन्हें जवाब दे रही हूं।  आगे पढ़ें

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केन्द्र सरकार की बड़ी कार्रवाई, 22 भ्रष्ट अफसरों को दी अनिवार्य सेवानिवृत्ति, इनमें से 9 भोपाल जोन के

सुप्रिंटेंडेंट स्तर के इन अधिकारियों को जबरिया रिटायर करने की इस कार्रवाई से पूरे महकमे में हड़कंप है। कार्रवाई इतनी गोपनीय थी कि किसी को कानों-कान खबर भी नहीं हुई। जबरिया सेवानिवृत्त किए गए कतिपय अधिकारियों का कहना है कि उनके खिलाफ कोई आरोप भी नहीं था और न ही विभागीय जांच पेंडिंग थी, जबकि विभागीय कमिश्नर का कहना है कि कुछ अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय जांच और चार्जशीट आदि हुई है। उन्होंने बताया कि कार्रवाई देशव्यापी हुई है। इसमें 20 साल की नौकरी अथवा 50 साल की उम्र का मापदंड रखा गया है।  आगे पढ़ें

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28% जीएसटटी स्लैब से हटाए जा सकते हैं कई आइटम

जीएसटी काउंसिल इस बैठक में इलेक्ट्रिॉनिक इनवॉयसिंग शुरू करने के प्रस्ताव पर भी विचार कर सकती है। काउंसिल एंटी-प्रॉफिटियरिंग फ्रेमवर्क का विस्तार करने पर चर्चा कर सकती है। इस फ्रेमवर्क का दायरा नोटिफिकेशन के जरिए बढ़ाया जा सकता है। टैक्स रेट में कमी करने का दबाव डाल सकने वाले एक राज्य के एक सीनियर अधिकारी ने कहा, 'डिमांड में सुस्ती साफ दिख रही है। इस मोर्चे पर जल्द कदम उठाने होंगे।' उन्होंने कहा, 'इस सुस्ती का दायरा बढ़ सकता है। नौकरियों पर आंच आ रही है।'  आगे पढ़ें

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