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केन्द्र सरकार की नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन के लिए अधिक से अधिक लोगों को लेकर आएं, दिल्ली में मप्र की शान बढ़ना चाहिए

मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कांग्रेस के जिला अध्यक्षों से कहा है कि दिल्ली में 14 दिसंबर को केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ होने वाले प्रदर्शन में अधिक से अधिक लोगों को लेकर आएं। अब यहां हमारी सरकार है, दिल्ली के प्रदर्शन में मप्र की शान बढ़ना चाहिए। वे यहां पीसीसी में जिला अध्यक्षों की बैठक को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी मंत्री, विधायक, जिला अध्यक्ष अपने स्तर पर इसकी व्यवस्था करें। इसमें सरकारी तंत्र का इस्तेमाल न करें। उन्होंने केंद्र सरकार की नीतियों की खामियां और प्रदेश सरकार की उपलब्धियां जनता तक पहुंचाने के लिए भी कहा। उन्होंने कहा कि हमने प्रदेश में 20-21 लाख किसानों के कर्ज माफ किए हैं।  आगे पढ़ें

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मुख्यमंत्री ने नपा अधिकारियों के प्रशिक्षण का किया शुभारंभ, कहा- नि:संकोच और भयमुक्त होकर करे नागरिकों के हित में नवाचार

मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा है कि नागरिकों को कारगर व्यवस्था के साथ बेहतर सेवाएं देने के लिए नि:संकोच और भयमुक्त होकर नवाचार करें। उन्होंने कहा कि सेवाओं में नई सोच, नजरिया और दृष्टिकोण दिखना चाहिए। कमल नाथ आज अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान में नव-नियुक्त मुख्य नगर पालिका अधिकारियों के आधारभूत और व्यावसायिक प्रशिक्षण का शुभारंभ कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश और पूरी दुनिया में हर क्षेत्र में परिवर्तन हो रहा है। आज से तीस साल पहले के गाँव बदल गए हैं, वहाँ के रहवासियों की सोच में भी अंतर आ गया है। उन्होंने कहा कि हमें इस बात का ध्यान रखना होगा कि बदली परिस्थितियों में आम नागरिकों के लिए बेहतर सेवाओं का स्वरूप क्या होगा। इसके लिये व्यवस्था में परिवर्तन की आवश्यकता है।  आगे पढ़ें

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सीएम ने साधा निशाना, कहा- केन्द्र ने नहीं दी सहायता, प्रदेश में उपलब्ध संसाधनों से अतिवृष्टि प्रभावित किसानों की करेंगे मदद

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने प्रदेश में अतिवृष्टि से हुए नुकसान पर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए बुधवार को कहा कि राज्य में उपलब्ध संसाधनों की सहायता से ही बाढ़ और अतिवृष्टि से प्रभावित किसानों की मदद की जाएगी। कमलनाथ ने यहां सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के भूमि पूजन समारोह को संबोधित करते हुए ये बात कही। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अतिवृष्टि से हुए नुकसान को लेकर केंद्र सरकार ने आज तक सहायता राशि नही दी है, जो भी मदद प्रभावितों को करनी है, वह प्रदेश में उपलब्ध संसाधनो से ही करनी है।  आगे पढ़ें

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शीत सत्र में हंगामे का सबब बनेगा व्यापमं घोटाले का गुमनाम पत्र, शिवराज और कमलनाथ सरकार ने दिए अलग-अगल जवाब

व्यापमं घोटाले का सूत्रधार कहा जाने वाला पत्र कहां गया। उस 'गुमनाम पत्र' का मुद्दा शीतकालीन सत्र में हंगामे का सबब बनेगा। इस पत्र के सवाल पर शिवराज और कमलनाथ सरकार ने दो अलग-अलग जवाब दिए हैं। भाजपा की पूर्ववर्ती शिवराज सरकार के कार्यकाल में तत्कालीन तकनीकी शिक्षा मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने विधानसभा में स्वीकार किया था कि गुमनाम पत्र की प्रति अपराध शाखा इंदौर में है। वहीं बजट सत्र के दौरान गृहमंत्री बाला बच्चन ने अपने लिखित जवाब में यह भी स्वीकार किया है कि दो जुलाई 2014 को विधानसभा में इस गुमनाम पत्र का उल्लेख तत्कालीन मुख्यमंत्री (शिवराज सिंह चौहान) ने स्थगन पर चर्चा के दौरान अपने वक्तव्य में किया था, लेकिन ऐसा कोई गुमनाम पत्र मौजूद नहीं है।  आगे पढ़ें

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भारत को विश्व शक्ति बनाने में इंदिराजी का योगदान स्वर्णिम अक्षरों में रहेगा अंकित: कमलनाथ

मुख्यमंत्री कमल नाथ ने कहा कि श्रीमती गाँधी के नेतृत्व में देश ने चहुँमुखी विकास किया। उन्होंने बीस सूत्रीय कार्यक्रम के जरिए ग्रामीण विकास को नया आयाम दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुट निरपेक्ष आंदोलन को मजबूत बनाने में श्रीमती इंदिरा गाँधी का योगदान अविस्मरणीय है। उन्होंने कहा कि श्रीमती गाँधी ने भारतीय सीमाओं की रक्षा करते हुए वर्ष 1971 में पाकिस्तान से हुए युद्ध में उसे करारी शिकस्त देते हुए इतिहास में पहली बार एक लाख से अधिक पाकिस्तानी सैनिकों को आत्म-समर्पण के लिए मजबूर किया। उन्होंने बांग्?लादेश को आजादी दिलाकर वहाँ लोकतांत्रिक व्यवस्था स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।  आगे पढ़ें

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गजब की विशेष मूर्खता

मुख्यमंत्री की तारीफ के नाम पर इस पूरे पेज वाले विज्ञापन में बताया गया है कि, नाथ को सुंदरलाल पटवा ने चुनाव मैदान में पटखनी दी थी। इसमें आगे यह भी लिखा है, आपातकाल के बाद 1979 में जनता पार्टी की सरकार के दौरान संजय गांधी को एक मामले में कोर्ट ने तिहाड़ जेल भेज दिया था। तब इंदिरा गांधी संजय की सुरक्षा को लेकर चिंतित थीं। कहा जाता है कि तब कमलनाथ जानबूझकर एक जज से लड़ पड़े और जज ने उन्हें सात दिन के लिए तिहाड़ जेल भेज दिया था। वहां वह संजय गांधी के साथ ही रहे। तारीफों के इन खंदकनुमा पुलों का क्रम यहीं नहीं थमता। प्रदेश कांग्रेस कमेटी यह भी फरमाती है, 1993 में भी कमलनाथ के मुख्यमंत्री बनने की चर्चा थी। बताया जाता है कि तब अर्जुन सिंह ने दिग्विजय सिंह का नाम आगे कर दिया। इस तरह उस समय कमलनाथ सीएम बनने से चूक गये थे। अब 25 साल बाद दिग्विजय के समर्थन के बाद उन्हें मुख्यमंत्री बनने का मौका मिला। read more  आगे पढ़ें

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जन्म दिन पर विशेष: देश के बड़े अमीर नेताओं में शुमार सीएम कमलनाथ, पढ़ाई के दौरान संजय गांधी से हुई थी दोस्ती

कमलनाथ के बारे में एक किस्सा बहुत मशहूर है। आपातकाल के बाद 1979 में जनता पार्टी की सरकार के दौरान संजय गांधी को एक मामले में कोर्ट ने तिहाड़ जेल भेज दिया। तब इंदिरा गांधी की चिंता संजय की सुरक्षा को लेकर बढ़ गई थीं। कहा जाता है कि तब कमलनाथ जानबूझकर एक जज से लड़ गए थे। जज ने उन्हें भी अवमानना के आरोप में 7 दिन के लिए तिहाड़ भेज दिया, जहां वे संजय गांधी के साथ रहे।  आगे पढ़ें

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कमलनाथ सरकार ने सिख समाज को दिया तोहफा, करतारपुर साहिब तीर्थदर्शन योजना में हुआ शामिल

पाकिस्तान स्थित करतारपुर साहिब को मप्र की तीर्थदर्शन योजना में शामिल किया गया है। कमलनाथ सरकार ने 550 वें प्रकाश पर्व पर सिख समाज को ये बड़ा तोहफा दिया है। करतारपुर साहिब पाकिस्तान के नारोवाल जिले में स्थित है। यहां पर गुरुनानक देव ने अपने जीवन के आखिरी 17 साल बिताए थे, इसके बाद ज्योत में समा गए थे। सिख समाज की मांग को मुख्यमंत्री कमलनाथ ने स्वीकृति प्रदान करते हुए बुधवार को इस संबंध में आदेश जारी कर दिया। जिसके तहत अब पाकिस्तान स्थित करतारपुर साहिब जाने वाले तीर्थ यात्रियों को मप्र सरकार की तरफ से सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।  आगे पढ़ें

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छू भी लेने दो इन चरणों को

कमलनाथ के एक मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने अपने सियासी आका ज्योतिरादित्य सिंधिया के पैर छू लिए तो इस पर ऐसी हैरत क्यों! देवास की नगर निगम कमिश्नर संजना जैन ने मंत्री सज्जन सिंह वर्मा का चरण स्पर्श कर लिया तो उसका गौरतलब वाले अंदाज में जिक्र क्यों किया जाना चाहिए! सबसे पहली बात तो यह कि पांव छूना बेहतरीन कसरत साबित होता है। नियम से यह काम दिन में दो-चार बार कर लिया जाए तो कमर की तकलीफ नहीं होती है। कमर का सीधा संबंध रीड की हड्डी से होता है। यदि बैकबोन को लचीला कर लिया जाए तो राजनीति में यह व्यायाम बहुत फायदे का सौदा साबित होता है। read more  आगे पढ़ें

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मप्र: लक्ष्मण सिंह ने अपनी ही सरकार पर उठाए सवाल, कहा- कमलनाथ मजबूर नहीं, मजबूत सीएम बनकर करें काम

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के भाई और कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक लक्ष्मण सिंह ने एक बार फिर अपनी ही सरकार के काम पर सवाल उठाकर मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। लक्ष्मण सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री कमलनाथ मजबूर नहीं, मजबूत सीएम बनकर काम करें। उनके सरकार बचाने के प्रयासों के कारण प्रदेश में नीचे के स्तर पर काम दिखाई नहीं दे रहे हैं। वहीं, भाजपा ने कमलनाथ सरकार में वरिष्ठ विधायकों को तवज्जो नहीं देने की वजह से ऐसी परिस्थितियां निर्मित होने पर तंज भी कसा है। कांग्रेस विधायक लक्ष्मण सिंह ने नईदुनिया से चर्चा में कहा कि दो दिन पहले चांचौड़ा में एक महिला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज करवाने गई थी, लेकिन वहां चिकित्सक उपलब्ध नहीं थे। इससे वे एक निजी क्लीनिक में पहुंची, वहां उसे एक इंजेक्शन लगाया गया।  आगे पढ़ें

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