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मुख्यमंत्री ने माना- महिलाओं के साथ हो रहे अपराध से बदनाम हुआ प्रदेश, कहा- इस दाग को धोने का निरंतर कर रहा हूं प्रयास

मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि प्रदेश में बहन-बेटियों और महिलाओं की सुरक्षा-सम्मान दिलाना हमारी सरकार की प्राथमिकता है। यह हमारे वचन पत्र का प्रमुख बिंदु है। हालांकि मुख्यमंत्री ने ये भी माना है कि पिछले कई वर्षों से मध्य प्रदेश महिलाओं के साथ होने वाले अपराधों से बदनाम हुआ है। देशभर में शीर्ष राज्यों में शामिल रहा है, लेकिन हम इस दाग को धोने का निरंतर प्रयास कर रहे हैं। बुधवार को मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सिलसिलेवार 5 ट्वीट करके महिलाओं के प्रति होने वाले अपराधों को लेकर चिंता जताई है।  आगे पढ़ें

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कैबिनेट का फैसला: कर्मचारियों के लिए बनेगा नया आयोग, आयोग के नए स्वरूप के लिए प्लानिंग कमीशन को भेजी मंजूरी

कमलनाथ कैबिनेट की बैठक में बुधवार को महत्वपूर्ण फैसले लिए गए, जिसमें कर्मचारियों के लिए आयोग बनाने पर फैसला लिया गया। जिससे उनकी समस्याओं को जानने और सुलझाने में ज्यादा मदद मिल सकेगी। राज्य योजना आयोग के नए स्वरूप में पॉलिसी एंड प्लानिंग कमीशन को भी मंजूरी दे दी गई। जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा, परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत और स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कैबिनेट में लिए गए निर्णयों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कोका कोला कंपनी को बाबई के मोहासा में जमीन की राशि जमा करने पर लगाए गए ब्याज से करीब 90 लाख रुपए की छूट दी गई है। 20 आदिवासी जिलों में संचालित अस्पताल में डॉक्टरों को विशेष प्रोत्साहन भत्ता मिलेगा।  आगे पढ़ें

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गोडसे को देशभक्त बताने पर साध्वी की विपक्ष ने की आलोचना, बचाव में संसदीय कार्यकमंत्री ने कहा- नहीं लिया गोडसे का नाम

भोपाल से भाजपा सांसद प्रज्ञा ठाकुर ने बुधवार को संसद में महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को देशभक्त बताया। इसके बाद, विपक्षी नेताओं ने इसकी जमकर आलोचना की। संसदीय कार्यमंत्री प्रह्लाद जोशी ने उनका बचाव करते हुए कहा कि उन्होंने (प्रज्ञा ने) कभी भी नाथूराम गोडसे का नाम नहीं लिया। दरअसल, द्रमुक के ए.राजा ने सदन में गोडसे का एक बयान पढ़ा, जिसमें उन्होंने बताया था कि गोडसे ने महात्मा गांधी को क्यों मारा था। इस पर प्रज्ञा ठाकुर ने उन्हें टोकते हुए कहा कि आप एक देशभक्त का उदाहरण नहीं दे सकते।  आगे पढ़ें

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यह बदलाव सिंधिया का

सिंधिया ने अपनी सितारा हैसियत को नाराजगी की अमावस के हवाले कर दिया है। उनका स्टेटस अब कांग्रेस नेता वाली पहचान से विमुख दिखता है। वह खुद को मात्र जनेसवक और क्रिकेट का प्रेमी बता रहे हैं। सिंधिया घराने के भले ही अंग्रेजों से कितने भी मधुर संबंध क्यों न रहे हों, लेकिन आज खुद ज्योतिरादित्य स्टेटस बदलते समय अंग्रेजी को कोस रहे होंगे। वहां उन्हें अपने लिए पब्लिक सर्वेंट लिखना पड़ गया। सर्वेंट यानी नौकर। एक ऐसा ओहदा, शब्द, खयाल, गुस्ताखी, बदनुमा दाग आदि आदि, जो ज्योतिरादित्य सिंधिया की शान सहित सोच के भी पूरी तरह खिलाफ है। श्रीमंत सुनने के आदी हो चुके सिंधिया न किसी के नौकर हो सकते हैं और न ही किसी की नौकरी करना उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व का हिस्सा है। इस लोकतंत्र में मजबूरी जो न कराए वो कम है। गुना-शिवपुरी की जनता बीते लोकसभा चुनाव में बता चुकी है कि कैसे किसी सितारे की अकड़ को वह सितार के तार की तरह पल भर में तोड़ सकती है। ऐसे में समझदारी यही कहती है कि खुद को वह बता दिया जाए, जो जताने से परहेज करने के चलते ऐसी दुर्गत हो गयी। read more  आगे पढ़ें

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ओय छोटू, कॉल न करियो...

मीडिया के खुराफाती सूत्र बताते हैं कि अगला आडियो, वीडियो या कोई ऐसा ही वार्तालाप किसी मौजूदा रसूखददार का भी होगा। ऐसा हुआ तो चौंकना नहीं चाहिए। गलती शिवराज सिंह चौहान के स्वच्छ चरित्र की है। आम मान्यता है कि जो जैसा होता है, वैसा ही दूसरों का आंकलन भी कर लेता है। शिवराज चरित्र के दृढ़ हैं। इसलिए अपने अफसरान और विधायक सहित कई भाजपाइयों को भी वह ऐसा ही समझने का जतन कर गये। भले ही वे तेरह साल मुख्यमंत्री रहे पर प्रशासन पर उनकी पकड़ कभी रही नहीं। हां, उनके प्रशासन ने जनता पर उनकी पकड़ बनाने में भरपूर योगदान दिया। इसलिए वे हर सुबह भोपाल छोड़ जनता के बीच घूमते-घामते थे और यहां राजधानी में रसूखदार शहद में डूबकी लगाते थे। इसलिए बतौर मुख्यमंत्री वे प्रदेश की खाक छानते रहे और उनके पीठ पीछे बाकी लोग (तात्पर्य अधिकांश से है) अपने-अपने लिए खाट मांगते रहे। read more  आगे पढ़ें

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केन्द्र सरकार की नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन के लिए अधिक से अधिक लोगों को लेकर आएं, दिल्ली में मप्र की शान बढ़ना चाहिए

मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कांग्रेस के जिला अध्यक्षों से कहा है कि दिल्ली में 14 दिसंबर को केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ होने वाले प्रदर्शन में अधिक से अधिक लोगों को लेकर आएं। अब यहां हमारी सरकार है, दिल्ली के प्रदर्शन में मप्र की शान बढ़ना चाहिए। वे यहां पीसीसी में जिला अध्यक्षों की बैठक को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी मंत्री, विधायक, जिला अध्यक्ष अपने स्तर पर इसकी व्यवस्था करें। इसमें सरकारी तंत्र का इस्तेमाल न करें। उन्होंने केंद्र सरकार की नीतियों की खामियां और प्रदेश सरकार की उपलब्धियां जनता तक पहुंचाने के लिए भी कहा। उन्होंने कहा कि हमने प्रदेश में 20-21 लाख किसानों के कर्ज माफ किए हैं।  आगे पढ़ें

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मुख्यमंत्री ने नपा अधिकारियों के प्रशिक्षण का किया शुभारंभ, कहा- नि:संकोच और भयमुक्त होकर करे नागरिकों के हित में नवाचार

मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा है कि नागरिकों को कारगर व्यवस्था के साथ बेहतर सेवाएं देने के लिए नि:संकोच और भयमुक्त होकर नवाचार करें। उन्होंने कहा कि सेवाओं में नई सोच, नजरिया और दृष्टिकोण दिखना चाहिए। कमल नाथ आज अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान में नव-नियुक्त मुख्य नगर पालिका अधिकारियों के आधारभूत और व्यावसायिक प्रशिक्षण का शुभारंभ कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश और पूरी दुनिया में हर क्षेत्र में परिवर्तन हो रहा है। आज से तीस साल पहले के गाँव बदल गए हैं, वहाँ के रहवासियों की सोच में भी अंतर आ गया है। उन्होंने कहा कि हमें इस बात का ध्यान रखना होगा कि बदली परिस्थितियों में आम नागरिकों के लिए बेहतर सेवाओं का स्वरूप क्या होगा। इसके लिये व्यवस्था में परिवर्तन की आवश्यकता है।  आगे पढ़ें

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सीएम ने साधा निशाना, कहा- केन्द्र ने नहीं दी सहायता, प्रदेश में उपलब्ध संसाधनों से अतिवृष्टि प्रभावित किसानों की करेंगे मदद

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने प्रदेश में अतिवृष्टि से हुए नुकसान पर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए बुधवार को कहा कि राज्य में उपलब्ध संसाधनों की सहायता से ही बाढ़ और अतिवृष्टि से प्रभावित किसानों की मदद की जाएगी। कमलनाथ ने यहां सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के भूमि पूजन समारोह को संबोधित करते हुए ये बात कही। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अतिवृष्टि से हुए नुकसान को लेकर केंद्र सरकार ने आज तक सहायता राशि नही दी है, जो भी मदद प्रभावितों को करनी है, वह प्रदेश में उपलब्ध संसाधनो से ही करनी है।  आगे पढ़ें

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शीत सत्र में हंगामे का सबब बनेगा व्यापमं घोटाले का गुमनाम पत्र, शिवराज और कमलनाथ सरकार ने दिए अलग-अगल जवाब

व्यापमं घोटाले का सूत्रधार कहा जाने वाला पत्र कहां गया। उस 'गुमनाम पत्र' का मुद्दा शीतकालीन सत्र में हंगामे का सबब बनेगा। इस पत्र के सवाल पर शिवराज और कमलनाथ सरकार ने दो अलग-अलग जवाब दिए हैं। भाजपा की पूर्ववर्ती शिवराज सरकार के कार्यकाल में तत्कालीन तकनीकी शिक्षा मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने विधानसभा में स्वीकार किया था कि गुमनाम पत्र की प्रति अपराध शाखा इंदौर में है। वहीं बजट सत्र के दौरान गृहमंत्री बाला बच्चन ने अपने लिखित जवाब में यह भी स्वीकार किया है कि दो जुलाई 2014 को विधानसभा में इस गुमनाम पत्र का उल्लेख तत्कालीन मुख्यमंत्री (शिवराज सिंह चौहान) ने स्थगन पर चर्चा के दौरान अपने वक्तव्य में किया था, लेकिन ऐसा कोई गुमनाम पत्र मौजूद नहीं है।  आगे पढ़ें

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भारत को विश्व शक्ति बनाने में इंदिराजी का योगदान स्वर्णिम अक्षरों में रहेगा अंकित: कमलनाथ

मुख्यमंत्री कमल नाथ ने कहा कि श्रीमती गाँधी के नेतृत्व में देश ने चहुँमुखी विकास किया। उन्होंने बीस सूत्रीय कार्यक्रम के जरिए ग्रामीण विकास को नया आयाम दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुट निरपेक्ष आंदोलन को मजबूत बनाने में श्रीमती इंदिरा गाँधी का योगदान अविस्मरणीय है। उन्होंने कहा कि श्रीमती गाँधी ने भारतीय सीमाओं की रक्षा करते हुए वर्ष 1971 में पाकिस्तान से हुए युद्ध में उसे करारी शिकस्त देते हुए इतिहास में पहली बार एक लाख से अधिक पाकिस्तानी सैनिकों को आत्म-समर्पण के लिए मजबूर किया। उन्होंने बांग्?लादेश को आजादी दिलाकर वहाँ लोकतांत्रिक व्यवस्था स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।  आगे पढ़ें

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