भारी बारिश से प्रदेश को 4-5 दिन तक राहत मिलने की उम्मीद नहीं , 17 जिलों में अलर्ट जारी



भोपाल। जुलाई के आखिरी सप्ताह से मध्यप्रदेश में सक्रिय मानसून इस हफ्ते भी एक्टिव रह सकता है। मौसम विभाग ने भोपाल समेत प्रदेश के 17 जिलों में भारी बारिश का एलर्ट जारी किया है। लगातार हो रही तेज बारिश के कारण इस सीजन में 15 वीं बार भदभदा बांध के गेट खोले गए। कलियासोत डैम के भी 5 गेट खोले गए। 13 साल बाद पहली बार कोलार डैम के सभी 8 गेट खोले गए


राज्य के आधे से भी ज्यादा हिस्से को अभी अगले 4-5 दिन तक भारी और अति भारी बारिश से कोई राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। स्थानीय मौसम केन्द्र के मुताबिक पूर्वी मध्यप्रदेश में तो बारिश का प्रभाव अपेक्षाकृत कम है, लेकिन पश्चिमी मध्यप्रदेश में वर्षा की तीव्रता, वेग और प्रभाव ज्यादा है।


विभाग ने प्रदेश के इंदौर, धार, खंडवा, खरगोन, अलीराजपुर, झाबुआ, बड़वानी, बुरहानपुर, उज्जैन, रतलाम, शाजापुर, देवास, नीमच, मंदसौर, होशंगाबाद, बैतूल और हरदा जिलो में बारिश का अनुमान जताया है। वहीं, भोपाल, रायसेन, राजगढ़, विदिशा, सीहोर, गुना, अशोकनगर, अनूपपुर, डिंडोरी, उमरिया, शहडोल, रीवा, सागर, सिवनी, नरसिंहपुर जबलपुर, मंडला, कटनी, छिंदवाड़ा और बालाघाट जिलों में भारी वर्षा की चेतावनी दी है।


टूट सकता है 13 साल पुराना रिकार्ड: वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक एके शुक्ला ने बताया कि 2006 में 11 सितंबर तक 1589 मिलीमीटर बारिश हुई थी तथा पूरे सीजन में 1600 मिमी (64 इंच) वर्षा हुई थी, जबकि 2019 में 11 सितंबर तक कुल 1560.6 मिमी बारिश हो चुकी है। मानसून के सक्रिय रहने से यहां अब कुछ दिन और बारिश जारी रहने के अनुमान है। इसलिए इस साल भोपाल में बारिश का 13 साल पुराना रिकार्ड टूटने का अनुमान है।


सीहोर में मंदिर पर बिजली गिरी: सीहोर जिले में बुधनी-नसरुल्लागंज क्षेत्र में नर्मदा नदी खतरे के निशान पर होने से 25 से भी अधिक गांव पानी से घिर गए हैं। बुधवार को एक मंदिर के कलश पर बिजली गिरने से लोग दहशत में हैं। कलेक्टर अजय गुप्ता ने कहा कि राहत और बचाव के सभी प्रयास किए जा रहे हैं। विदिशा में मकान गिरने से दो लोगों की मौत: विदिशा जिले में सामान्य से अब तक 292 मिलीमीटर अधिक बारिश होने से फसलों को लगातार नुकसान पहुंच रहा है। अलग-अलग स्थानों पर मकान गिरने से दो लोगों की मौत हो गई। करीब 25 बस्तियां बाढ़ से प्रभावित हुई हैं। सम्राट अशोक सागर बांध का जलस्तर 1508 की क्षमता के विरुद्ध 2017 फीट हो गया है। 900 से ज्यादा लोग राहत शिविरों में शरण लिए हुए हैं।

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