इंदौर में पुलिस ने लगाया डिस्पोजल आन स्पॉट कैंप, 100 से ज्यादा केसों का किया निराकरण



इंदौर। बाणगंगा पुलिस ने बुधवार को एक नई पहल करते हुए डिस्पोजल आॅन स्पाट कैंप लगाया। इस सिंगल विंडो सिस्टम के तहत एक ही जगह पर अभियोजन अधिकारी, एफएसएल अधिकारी, एसडीएम बैठे और 80 मर्ग और 50 से ज्यादा अपराधों का निराकरण किया


एक केस के डिस्पोजल के लिए 8 से 10 दिन का समय लगता था, लेकिन इस कैंप से यह कुछ ही समय में हो गया। कैंप के तहत लंबे समय से लंबित अपराधों का निराकरण भी किया गया। पुलिस द्वारा इस प्रकार का कैंप देशभर में पहली बार लगाया गया है।


एडीशनल एसपी प्रशांत चौबे ने बताया कि हमने इंदौर में एक नई पहल की है। सालभर पुलिस अलग-अलग मामलों में व्यस्त रहती है। दिसंबर के महीने में हमारा टारगेट होता है कि ज्यादातर केसों के निराकरण हो जाएं।


जिससे पीड़ित को भी न्याय मिल सके और पुलिस भी आने वाले केसों की जांच के लिए फ्री रहे। इसी को देखते हुए यह कैप लगाया गया था, जिससे ज्यादा से ज्यादा केसों को एक टेबल पर लाकर निराकरण किया जा सके। उन्होंने बताया कि जांच अधिकारी को कई जगह पर पहुंचकर जांच करनी होती है।


कई मामलों में एफएसएल का मत होता है, अभियोजन अधिकारी का मत होता है, वरिष्ठ अधिकारियों का मत होता है.. इन सभी पहलुओं को देखते हुए हमने कैंप लगाकर सभी चीजें एक टेबल पर उपलब्ध करवाईं, जिससे 8 से 10 दिन में डिस्पोजल होने वाला केस एक ही दिन में हो गया। कैंप के दौरान अभियोजन अधिकारी, एफएसएल अधिकारी, एसडीएम हैं। एसपी और एसएसपी मैडम भी यहां आए थे। अभी तक हमने 80 मर्ग और 50 से ज्यादा अपराधों का निराकरण किया है। इस प्रकार के कैंप लगाने से केसों का जल्द निराकरण हो पाएगा।

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