सोमवार देर रात जमकर बरसे बदरा, रिहायशी इलाकों में भरा पानी, कई जगह बिजली रही गुल



भोपाल।  मानसून के दूसरे सबसे सक्रिय सिस्टम ने सोमवार रात को भोपाल में जमकर बारिश कराई। रात 8:30 बजे से 11:30 बजे तक करीब सवा चार इंच (107 मिमी) बारिश से राजधानी तर हो गई। जबकि सुबह से देर रात 1 बजे तक 5.54 इंच (140.9 मिमी) बारिश रिकॉर्ड हुई। मंगलवार सुबह तक ये आंतड़ा 166.5 मिलीमीटर तक पहुंच गया। अभी भी कई रिहायशी इलाकों में घुटनों तक पानी भर गया। जबकि बारिश के साथ चली तेज हवा से कई जगह बिजली गुल हो गई और कई पेड़ धराशायी हो गए। यह इस सीजन की सबसे ज्यादा, जबकि दो साल बाद जुलाई की सबसे तेज बारिश है। 2017 और 2018 में जुलाई में इससे ज्यादा बारिश हो चुकी है


सोमवार देर रात तक हुई बारिश के बाद भोपाल का सीजन की बारिश का आधा कोटा पूरा हो गया। कहां कितनी बारिश: भोपाल में 166.5, खंडवा 163.0, खरगौन 117.4, मंडला 61.0, होशंगाबाद 50.6, उज्जैन 32.0, शाजापुर 50.0, रतलाम 8.4, रायसेन 22.4, दमोह 22.0, इंदौर 18.8, बैतूल 19.0, पचमढ़ी 55.0, सिवनी 14.8, नरसिंहपुर 37.0 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है।  27 जिलों में आॅरेंज अलर्ट: इंदौर, धार, अलीराजपुर, होशंगाबाद, सीहोर, गुना, उज्जैन, छिंदवाड़ा, हरदा, राजगढ़, नीमच, रतलाम, अशोकनगर, आगर, श्योपुरकलां, बालाघाट, अनूपपुर, डिंडोरी, विदिशा, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, झाबुआ, बुरहानपुर, शाजापुर, मंदसौर और सिवनी शामिल हैं।


मौसम वैज्ञानिक पीके शाह ने बताया कि प्रदेश के सभी जिलों में आगामी 24 घंटे में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ेंगी। क्या होती है भारी बारिश और अति भारी बारिश : जब किसी शहर में 64.5 मिलीमीटर से लेकर 115.6 मिलीमीटर तक बारिश होती है, तो इसे भारी बारिश की श्रेणी में रखा जाता है। जबकि, 115.6 मिलीमीटर से 204.5 मिलीमीटर तक बारिश होने पर इसे अति भारी बारिश कहा जाता है। बड़ा तालाब... 48 घंटे में 4.90 फीट बढ़कर 1657.20 फीट हुआ जलस्तर : बड़े तालाब का जलस्तर 1.20 फीट बढ़ा। बीते 48 घंटे में यह 4.90 फीट बढ़कर 1657.20 फीट हो चुका है। प्रदेश में अब तक 391.8 मिमी बारिश हो चुकी है। जोकि सामान्य 410.1 मिमी से 4% कम है।


कारण... एक साथ तीन सिस्टम सक्रिय : 2.1 किमी ऊंचाई तक बनी मानसून ट्रफ लाइन भोपाल से गुजर रही। उत्तरी ओडिशा, पश्चिम बंगाल में बना चक्रवाती हवा का घेरा दक्षिण-पश्चिम में झुका है। राजस्थान में 3. 6 किमी की ऊंचाई तक चक्रवाती हवा का घेरा बना, जो दक्षिण-पश्चिम में झुका है। एक ट्रफ लाइन दक्षिण राजस्थान से ओडिशा जा रही है। - वरिष्ठ मौैसम वैज्ञानिक एके शुक्ला के अनुसार आगे क्या : भोपाल, इंदौर समेत 26 जिलों के कलेक्टरों को अलर्ट मैसेज राहत आयुक्त ने सोमवार रात वायरलेस मैसेज के जरिए कलेक्टरों व संभागायुक्तों को भोपाल, उज्जैन, इंदौर, सीहोर, गुना, अशोकनगर समेत 26 जिलों में मंगलवार को भारी बारिश का अलर्ट जारी किया।


   निमाड़ क्षेत्र के खंडवा, खरगोन, आशापुर, खालवा, अमलपुरा समेत आसपास के सभी जिलों में मानसून ने सोमवार को जबरदस्त बारिश कराई। खंडवा में रविवार देर रात से सोमवार दोपहर तक 5 इंच बारिश हुई, जिससे शहर के ज्यादातर इलाकों में कमर तक पानी भर गया। करीब 200 गांवों के पुल, पुलिया, रपटा आदि बह जाने से खंडवा से होशंगाबाद, वडोदरा समेत कई मार्ग बंद हो गए। बाढ़ जैसे हालात होने से सुदूर के गांवों का मुख्यालय से संपर्क पूरी तरह कट गया। सबसे ज्यादा नुकसान आशापुर में हुआ। यहां अग्नि नदी में उफान आने से 100 साल पुराना पुल बह गया। 200 मकान डूब गए। नदी किनारे बने आदिवासी कन्या छात्रावास के चारों ओर 20 फीट तक पानी भर गया। पानी लगातार बढ़ रहा था, इसलिए यहां रह रहीं 150 छात्राओं ने छत पर चढ़कर अपनी जान बचाई। 100 ग्रामीण भी माताजी मंदिर की छत पर चढ़े रहे। 3 घंटे बाद ग्रामीणों व पुलिस की मदद से उन्हें छत से नीचे उतारा जा सका। 

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