मेयर का चुनाव अप्रत्यक्ष प्रणाणी से कराने वाले अध्यादेश को राज्यपाल आज दे सकते हैं मंजूरी, बयानबाजी से नाराज हैं टंडन



भोपाल। महापौर का चुनाव अप्रत्यक्ष प्रणाली से कराने के लिए सरकार की ओर से लाए गए अध्यादेश को राज्यपाल लालजी टंडन मंगलवार को मंजूरी दे सकते हैं। सोमवार को दिन में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान तो शाम को मुख्यमंत्री कमलनाथ ने राज्यपाल से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने करीब एक-एक घंटे राज्यपाल के समक्ष अपनी बात रखी


सूत्रों के मुताबिक अध्यादेश रोके जाने को लेकर हो रही बयानबाजी से राज्यपाल खासे नाराज हैं। लेकिन, इस मसले पर कमलनाथ के तर्कों से वह संतुष्ट दिखे। ऐसे में इस पर मंगलवार को ही फैसला आने की उम्मीद है। इससे पहले पूर्व केंद्रीय मंत्री उमा भारती भी राज्यपाल से मिली थीं।


सीएम ने कहा- महापौर चुनाव समय पर होंगे : टंडन से मुलाकात के बाद कमलनाथ ने बताया कि महापौर चुनाव अप्रत्यक्ष प्रणाली से कराने पर राज्यपाल पहले से ही सहमत हैं। उनकी नाराजगी की खबरें निराधार हैं। मुख्यमंत्री ने राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा के ट्वीट को उनकी निजी राय बताया। कहा- सरकार इससे कोई इत्तेफाक नहीं रखती।


तन्खा ने ट्वीट कर कहा था कि राज्यपाल विपक्ष की सुनें, लेकिन राजधर्म का भी पालन करें। पार्षदों की खरीद-फरोख्त बढ़ेगी : वहीं, शिवराज ने नगरीय निकाय चुनाव को लेकर लाए गए अध्यादेश को रद्द करने की मांग की। उन्होंने कहा कि कमलनाथ सरकार पराजय से डर रही है।


सरकार को तो जिला पंचायत और जनपद पंचायत के चुनाव भी प्रत्यक्ष प्रणाली से कराना चाहिए। अप्रत्यक्ष चुनाव प्रणाली से पार्षदों की खरीद-फरोख्त बढ़ेगी। चौहान ने भोपाल में दो नगर निगम के गठन पर भी आपत्ति जताते हुए कहा कि कांग्रेस वोट के आधार पर भोपाल को बांटने की कोशिश कर रही है, लेकिन भाजपा ऐसा नहीं होने देगी। सीनियर पार्षद बनेगा महापौर : इधर, जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा ने मुख्यमंत्री की राज्यपाल से मुलाकात के बाद बताया कि अप्रत्यक्ष प्रणाली से पार्षदों में से ही महापौर चुना जाएगा। इससे कोई अनुभवी और सीनियर पार्षद महापौर बनेगा।

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