कंटेनमेंट जोन की गाइडलाइन में बदलाव करेगी सरकार, संक्रमित मरीज मिलने के बाद अब तीन घरों का होगा कंटेनमेंट एरिया; पांच दिन में फ्री होगा क्षेत्र



भोपाल। राज्य सरकार ने कोरोना संक्रमण वाले की इलाकों को कंटेनमेंट एरिया घोषित करने के लिए तय की गई गाइडलाइन में बदलाव करने का फैसला किया है। अब कंटेनमेंट एरिया नए सिरे से परिभाषित होगा। इसके अंतर्गत जिस घर में कोरोना पॉजिटिव केस मिलेगा, उस घर के एक घर दाएं और एक घर बाएं वाले मकान को मिलाकर कुल 3 घरों को ही कंटेनमेंट क्षेत्र घोषित किया जाएगा


सरकार ने यह भी तय किया है कि अब 21 दिन तक किसी एरिया को कंटेनमेंट रखने के बजाय सिर्फ 5 दिन तक ही कंटेनमेंट एरिया घोषित किया जाएगा। अगर 5 दिन में संबंधित कोरोना मरीज के मकान के आसपास कोई नया कोरोना पॉजिटिव मरीज नहीं मिला तो उस इलाके को कंटेनमेंट फ्री कर दिया जाएगा।


एक कंटेनमेंट जोन बनने से 30 हजार लोग प्रभावित होते हैं: स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि पहले 21 दिन का कंटेनमेंट रखने पर 30,000 लोग प्रभावित होते थे। अब इसे नए तरीके से परिभाषित करने पर सहमति बनी है।


स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि जिन इलाकों में कोरोना केस आ रहे हैं, वहां आंगनवाड़ी कार्यकतार्ओं और अन्य वर्करों के माध्यम से सर्वे का कार्य कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 3 लाख लोगों को सर्वे के लिए ट्रेनिंग दी जा चुकी है।


मिश्रा ने कहा कि इन वालंटियर के माध्यम से सिर्फ कोरोना ही नहीं बल्कि डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों के मामले में भी सर्वे कराए जाएंगे। एक जुलाई से किल कोरोना अभियान शुरू होगा: बता दें कि राज्य सरकार ने आज ही निर्णय लिया है कि आगामी एक जुलाई से पूरे प्रदेश में 'किल कोरोना अभियान' शुरू किया जाएगा। इस अभियान के तहत हर घर का सर्वे किया जाएगा। सर्वे टीम थर्मल स्क्रीनिंग के बाद लक्षण आधार पर सर्दी, खांसी, जुकाम के साथ डेंगू, मलेरिया, डायरिया की भी जानकारी लेंगी और सार्थक एप पर अपलोड करेगी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने बुधवार मंत्रालय में आयोजित बैठक में इसके निर्देश कलेक्टरों को दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी 52 जिलों में एक जुलाई से कोरोनावायरस नियंत्रण अभियान संचालित किया जाए।


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