बिजली कंपनी के अव्यवस्था से परेशान लाखों उपभोक्ता, बिजली गुल होने की नहीं दी जाती सूचना



इंदौर। बिजली कंपनी की अव्यवस्था के कारण इन दिनों शहर के लाखों बिजली उपभोक्ता परेशान हैं। बिल भुगतान के लिए कंपनी का अलर्ट मैसेज तो इन तक पहुंच जाता है, लेकिन बिजली गुल होने की सूचना नहीं मिल रही है। इंदौर-उज्जैन संभाग में कुल 42 लाख उपभोक्ता हैं। इनमें से 29 लाख उपभोक्ताओं के नंबर बिजली कंपनी में रजिस्टर्ड हैं


इनमें से 20 लाख के यहां बिल के मैसेज तो पहुंच रहे हैं, लेकिन अचानक बिजली गुल होने के संबंध में इन्हें मैसेज पर जानकारी नहीं मिल रही है। इनमें इंदौर के 5.50 लाख उपभोक्ता शामिल हैं। दो साल से बिजली कंपनी इन सभी उपभोक्ताओं को मेंटेनेंस के लिए की जा रही घोषित बिजली कटौती की पूर्व सूचना दे रही है।


यही सूचना अघोषित कटौती के दौरान (खास तौर पर बड़े फॉल्ट) उपभोक्ताओं तक पहुंचाना है। सूत्रों के अनुसार सिस्टम तो है, लेकिन इसके लिए प्रशिक्षित लोग नहीं होने से मैसेज भेज नहीं पा रहे हैं।


बिजली कंपनी के एक लाख उपभोक्ता वाले किसी फीडर से बिजली गुल होती है तो चंद मिनटों के भीतर बिजली कंपनी के कॉल सेंटर व जोनल कार्यालयों पर करीब एक हजार फोन पहुंचते हैं। घोषित कटौती के मैसेज के लिए नंबर जुड़वाएं  बिजली अधिकारियों के मुताबिक परिवार के किसी एक सदस्य का मोबाइल नंबर बिजली कंपनी में दर्ज करवाएं।


इससे घोषित कटौती, मेंटेनेंस और बिल से संबंधित सूचनाएं मिलती रहेंगी। नंबर जुड़वाने के बाद भी उपभोक्ता के मोबाइल नंबर पर इस तरह की सूचना नहीं आ रही है तो वे बिजली कंपनी के संबंधित जोन पर जाकर अपना मोबाइल नंबर दोबारा दर्ज करवा सकते हैं। हर जोन में बनाएंगे सिस्टम जोन आफिस में जो बाबू दिन में होते हैं, वे बिल व मेंटेनेंस के अलर्ट तो भेज देते हैं, लेकिन रात में यह संभव नहीं हो पा रहा है। कोशिश करेंगे कि आपरेटर के माध्यम से ऐसा सिस्टम तैयार किया जाए कि घोषित कटौती की सूचनाएं भी प्रभावित क्षेत्रों के उभोक्ताओं तक पहुंच जाए - संजय मोहासे, एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर, मप्र पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी 

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