मध्यप्रदेश का आष्टा बनेगा आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस का हब, नार्वे की कंपनी काम को देगी अंजाम



भोपाल। सूचना प्रौद्योगिकी के नए क्षेत्र आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस का हब मध्यप्रदेश का आष्टा बनेगा। नार्वे की कंपनी स्टेट क्राफ्ट इस काम को अंजाम देगी। कमलनाथ सरकार कंपनी को आष्टा के जिलाला गांव में 532 एकड़ जमीन देगी। कंपनी यहां करीब आठ हजार करोड़ रुपए का निवेश कर डाटा सेंटर स्थापित करेगी। साथ ही इसके आसपास आईटी पार्क भी बनाया जाएगा। जहां अमेजन सहित आॅनलाइन कारोबार करने वाली कंपनियां अपनी यूनिट लगाएंगी। इससे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तौर पर रोजगार के मौके पैदा होंगे


अक्टूबर में इसके लिए कंपनी और सरकार के बीच करार होगा। प्रदेश में औद्योगिक निवेश  प्रदेश में औद्योगिक निवेश को आकर्षित करने के लिए मुख्यमंत्री कमलनाथ नए-नए क्षेत्रों में काम करने की रणनीति पर चल रहे हैं। उन्होंने मुंबई में उद्योगपतियों के साथ गोलमेज सम्मेलन के दौरान साफ कर दिया था कि वे मध्यप्रदेश को देश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का हब बनाना चाहते हैं। इसके लिए निवेशकतार्ओं को हर जरूरी सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी।


सूत्रों का कहना है कि भोपाल और इंदौर के बीच इंडस्ट्रीयल टाएनशिप बनाने की योजना पर काम चल रहा है। इसके मद्देनजर देवास से लेकर सीहोर तक का इलाका औद्योगिक विकास और निवेश के लिए सबसे मुफीद माना जा रहा है। इसे देखते हुए नार्वे सरकार की कंपनी स्टेट क्राफ्ट ने आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के क्षेत्र में काम करने की इच्छा जाहिर की थी। प्रदेश सरकार इस मौके को हाथ से जाने नहीं देना चाहती थी, इसलिए उसे आष्टा के पास जमीन दिखाई गई। कंपनी ने इसे प्रोजेक्ट के लिए उपयुक्त पाया और आगे बढ़ने पर सहमति जताई।


उद्योग विभाग के अधिकारियों का कहना है कि कंपनी को जिलाला गांव के पास 532 एकड़ जमीन जल्द ही आवंटित कर दी जाएगी। इसकी सूचना कंपनी के प्रतिनिधियों को बुधवार को दे दी गई। बताया जा रहा है कि कंपनी यहां डाटा सेंटर बनाएगी, जो देश का पहला होगा। कंपनी ग्रीन एनर्जी (नवकरणीय ऊर्जा) का प्लांट लगाएगी। बड़े-बड़े सर्वर के माध्यम से यहां डाटा स्टोर होगा। उद्योग विभाग का कहना है कि आष्टा का जिलाला गांव में देश का हाई डेंसिटी स्टेट आॅफ द हार्ट डाटा सेंटर बनेगा।


यह क्षेत्र आने वाले समय में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस का हब बनेगा। कंपनी यहां आईटी पार्क भी बनाएगी। यहां बड़ी-बड़ी कंपनियां अपनी यूनिट लगाएंगी। इसमें आॅनलाइन कारोबार करने वाली कंपनियां भी शामिल हैं। यह पूरा काम स्टेट क्राफ्ट अपने स्तर पर करेगी। इससे न सिर्फ प्रदेश में निवेश होगा, बल्कि प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तौर पर रोजगार के अवसर भी बनेंगे। सैद्धांतिक सहमति हो चुकी है, प्रक्रिया चल रही है : डॉ.राजौरा उद्योग विभाग के प्रमुख सचिव डॉ.राजेश राजौरा का कहना है कि मुख्यमंत्री कमलनाथ की मंशा के मुताबिक आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस का डाटा सेंटर बनाए जाने को लेकर सैद्धांतिक सहमति हो चुकी है। इसकी प्रक्रिया तेजी के साथ चल रही है। हमारी कोशिश है कि इंदौर में आयोजित होने वाले मैग्नीफिसेंट मप्र के पहले करार हो जाए।

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