प्रशासन ने की बड़ी कार्रवाई: 50 साल पुराने पत्रकार भवन को किया जमींदोज, 150 से ज्यादा पुलिस बल था तैनात



भोपाल। मालवीय नगर स्थित पत्रकार भवन को 12 घंटे चली कार्रवाई के बाद जमींदोज कर दिया गया। पांच पोकलेन, पांच जेसीबी, दस डम्पर की मदद से यह कार्रवाई हुई। विवाद की आशंका को देखते हुए मौके पर 150 से ज्यादा पुलिस बल तैनात किया गया। हाईकोर्ट द्वारा भवन की लीज रिन्युअल की रिव्यू पिटीशन खारिज किए जाने के बाद भवन जमींदोज किया गया। शहर एसडीएम जमील खान ने भवन को सील कर दिया था


रविवार दोपहर में जनसंपर्क विभाग के अफसरों ने कलेक्टर तरुण पिथोड़े को जर्जर भवन को गिराने के निर्देश दिए थे। रविवार देर रात जिला प्रशासन, नगर निगम और पुलिस के अफसरों की बैठक में तय हुआ कि तड़के भवन को जमींदोज करने की कार्रवाई की जाएगी। लेकिन नीचे के अमले को यह जानकारी दी गई कि एक बड़ा स्वच्छता अभियान चलाना है। सोमवार तड़के 4 बजे एडीएम सतीश कुमार एस ने कंट्रोल रूम में अफसरों की बैठक ली।


  सुबह 5 बजे से भवन गिराने की कार्रवाई शुरू की गई, जो शाम 5 बजे तक जारी रही। दोपहर 2 बजे तक भवन का अधिकांश हिस्सा धराशाई किया जा चुका था। इसके बाद  एक कमरे में रखे सामान को पंचनामा बना कर जनसंपर्क विभाग पहुंचाया गया और शेष हिस्से को भी ढहा दिया गया। आगे क्या.. मीडिया सेंटर बनेगा: पत्रकार भवन की जमीन पर राज्य सरकार मीडिया सेंटर बनाएगी। इसमें आॅडिटोरियम, बैंकट हॉल कांफ्रेंस रूम के साथ आर्ट गैलेरी भी होगी।


जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा ने बताया कि देश- विदेश के मीडिया सेंटरों का अध्ययन करने के बाद इसकी डिजाइन तैयार कराई गई है। इसमें पत्रकारों के लिए गेस्ट रूम भी होंंगे। पत्रकार भवन में सामाजिक कार्यक्रम भी आयोजित हो सकेंगे। जिम क्लब और रेस्तरां भी होगा। पत्रकार भवन को धराशायी करने के बाद इसका सीएंडडी वेस्ट फिलहाल यहीं पड़ा रहेगा। इस स्थान को टेम्परेरी सीएंडडी वेस्ट कलेक्शन सेंटर बनाया जा रहा है।


यहां मालवीय नगर, टीटी नगर और चार इमली क्षेत्र के सीएंडडी वेस्ट को डम्प किया जाएगा। अगले कुछ महीनों में आदमपुर छावनी में सी एंड डी वेस्ट का प्लांट लगने पर इस वेस्ट को वहां पहुंचा दिया जाएगा। आदेश.. दोपहर 2 बजे तक गिराना है: सोमवार सुबह छह बजे नगर निगम कमिश्नर बी विजय दत्ता मौके पर पहुंचे। उन्होंने अफसरों को कहा कि दोपहर दो बजे तक भवन गिराना है। मशीनों की संख्या बढ़ाइए। यहां दो पोकलेन काम कर रहीं थीं। इसके बाद वर्कशाप के सहायक यंत्री बृजराज सेंगर ने तीन और पोकलेन मशीनें बुलवाईं और अन्य मशीनें भी बुलाईं गईं। कोर्ट के आदेश पर सील किया गया था हाईकोर्ट में पत्रकार संघ द्वारा दायर की गई याचिका खारिज हो गई थी। कोर्ट का आदेश मिलने के बाद भवन को सील कर दिया गया था। चूंकि बिल्डिंग जर्जर हो गई थी, इसलिए भवन को गिराने की कार्रवाई की गई। तरुण पिथोड़े, कलेक्टर

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रत्नाकर  त्रिपाठी

रत्नाकर त्रिपाठी

रत्नाकर त्रिपाठी की गिनती प्रदेश के उन वरिष्ठ पत्रकारों में होती है जिन्हें लेखनी का धनी माना जा सकता है। राष्ट्रीय सहारा, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर सहित कई अखबारों और ई टीवी तक अपनी विशिष्ट छाप छोड़ने वाले रत्नाकर प्रदेश के उन गिने चुने संपादकों में से एक है जिनकी अपनी विशिष्ट पहचान उनकी लेखनी से है।



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