फारूक अब्दुल्ला की बात सुनने की बजाय कश्मीरी पंडितों ने लगाए मोदी-मादी के नारे, वीडियो वायरल



श्रीनगर। नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री रहे डॉ. फारूक अब्दुल्ला के लिए उस वक्त असहज स्थिति पैदा हो गई, जब विस्थापित कश्मीरी पंडितों ने उनकी बात सुनने के बजाय उन्हें चिढ़ाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नारे लगाए


इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है। यह घटना मंगलवार की शाम को राजभवन के निकट स्थित ज्येष्ठा देवी मंदिर परिसर में हुई है। बताया जा रहा है कि मंदिर में एक धार्मिंक समागम के सिलसिले में देश-विदेश में रह रहे विस्थापित कश्मीरी पंडितों का एक वर्ग आया हुआ था।


इससे एक दिन पहले सोमवार को मां क्षीर भवानी का मेला भी लगा था। डॉ. फारूक अब्दुल्ला जब ज्येष्ठा देवी मंदिर में पहुंचे तो वहां मौजूद कई कश्मीरी पंडितों ने उन्हें घेरते हुए मोदी-मोदी के नारे लगाने शुरू कर दिए।


डॉ. अब्दुल्ला के साथ मौजूद लोगों ने नारे लगा रही भीड़ को समझाने की कोशिश भी की, लेकिन नारेबाजी नहीं रुकी। डॉ. अब्दुल्ला ने भी इस मौके पर पूरा संयम बरता। कुछ देर बाद नारे लगा रहे लोग शांत हो गए और फिर डॉ. अब्दुल्ला उनके साथ अपने चिर-परिचित लहजे में संवाद करते नजर आए।


इस दौरान कई लोगों ने उनके साथ सेल्फी भी ली। नारेबाजी करने वालों में शामिल एक विस्थापित कश्मीरी पंडित ने कहा कि फारुक अब्दुल्ला कश्मीरी पंडितों की वापसी और पुनर्वास की बात करते हैं, लेकिन जब वह सत्ता में थे और केंद्र में सत्तासीन सरकार के साथ भागीदार थे, तो उन्होंने कश्मीरी पंडितों का मुद्दा नहीं सुलझाया। अब्दुल्ला ने कश्मीरी पंडितों को राज्य में पुर्नस्थापित करने में मदद नहीं की। 

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