बिहार में जाति आधारित वोटिंग पैटर्न बदला, मोदी के समर्थन में तैयार हुआ नया वोट बैंक



कटिहार। बिहार में जाति आधारित वोट करने का ट्रेंड रहा है, लेकिन इस बार असर कुछ अलग दिख रहा है। 66 साल के मजदूर लक्ष्मण राम किसी और के बारे में बात करने के लिए तैयार नहीं हैं। उन्होंने कहा, 'हम टीवी देखते हैं और अखबार पढ़ते हैं। हमें भी पता है कि देश के लिए कौन अच्छा है।' लक्ष्मण झंझारपुर लोकसभा सीट के गाराटोला गांव के रहनेवाले हैं। उनका सीधा कहना है कि मोदी को एक बार फिर पीएम बनना चाहिए।  सूकन राम भी कुछ ऐसे ही विचार रखते हैं और उन्होंने कहा, 'आज हमारे घर में गैस सिलिंडर है, शौचालय है


22 दिन में एक सिलिंडर खत्म हो जाता है और हम दूसरा मिल जाता है। यह सब कुछ मोदी के कारण ही संभव हो सका है।' पिछले 5 साल में जबसे बीजेपी सत्ता में आई है, बिहार में मोदी के समर्थन में एक नया वोट बैंक तैयार हुआ है। एक ऐसा राज्य जिसमें आम तौर पर वोटिंग जाति समीकरणों के आधार पर होता है, मोदी के समर्थक वोटर उस परिपाटी को तोड़ रहे हैं। मतदाता सामाजिक और जातीय समीकरणों से अलग जाकर वोट कर रहे हैं।  'वोट फॉर मोदी' की यह लहर मिथिलांचल, सीमांचल और कोसी क्षेत्र में सफर करते हुए यह अच्छी तरह से नजर आता है।


इस इलाके में बिहार की 40 लोकसभा सीटों में से 19 सीटें आती हैं। सुपौल-मधेपुरा रोड पर करिहो गांव में 3 युवा एक स्थानीय दुकान पर बातचीत करते मिले। 19 साल के विनय कुमार राम पहली बार वोट करने जा रहे हैं और उनके मन में कोई शंका नहीं है। विनय कहते हैं, 'मैं मोदी को पसंद करता हूं। वह देश के अब तक के इतिहास में बेस्ट पीएम हैं।' 22 साल की दीपक कुमार पंजाब से अपने गांव सिर्फ वोट देने के लिए आए हैं। दीपक का भी कहना है कि यह कोई जाति की बात नहीं है, हम मोदी को पसंद करते हैं।


  नीतीश कुमार ने तैयार किया महादलित वोट बैंक  पारंपरिक तौर पर लालू यादव को अनुसूचित जाति रविदास कम्युनिटी का समर्थन मिलता रहा है। हालांकि, नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री बनने के बाद महादलित के तौर पर एक नया समूह उभरा और छोटी जातियां जैसे रविदास उनके साथ हो गईं। हालांकि, इस बार जेडीयू और बीजेपी साथ मिलकर चुनाव लड़ रही हैं, लेकिन इस समुदाय के भी बहुत से लोगों का कहना है कि हम मोदी के लिए एनडीए को वोट करेंगे।


रविदास समुदाय की पिंकी देवी का कहना है कि मोदी ने मेरे परिवार के लिए कुछ नहीं किया है, लेकिन बाकी लोगों के लिए बहुत कुछ किया है। इसलिए हम इस बार मोदी के लिए वोट करेंगे।  जाति समीकरणों का नहीं होगा महागठबंधन को फायदा?  बिहार में जाति समीकरणों को देखते हुए कांग्रेस और आरजेडी ने छोटी जाति आधारित पार्टियों को गठबंधन में शामिल किया है। निषाद नेता मुकेश साहनी की विकासशील इंसान पार्टी को महागठबंधन में शामिल किया गया है। महागठबंधन को उम्मीद है कि साहनी के चेहरे पर उस समुदाय के वोट मिलेंगे। कुशवाहा और मुसहर वोट की भी उम्मीद महागठबंधन को है। हालांकि, जाति के नेताओं को शामिल करने पर वोट मिलने की गारंटी जैसी नहीं लग रही है। 25 साल के पंकज कुमार मुखिया ने कहा, 'साहनी ने जब तक आरजेडी और कांग्रेस से हाथ नहीं मिलाया था तब तक हम उनके साथ थे।'  

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