12 बजे ही रात्रि जागरण खत्म, गार्ड तैनात ओर सो गए शिवराज



 मंदसौर। बाढ़ से हुई तबाही के बाद अब दोनों ही पार्टी के नेताओं का जिले में जमावड़ा लगा हुआ है। शनिवार को जिले में दो पूर्व मुख्यमंत्री रहे। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने जहा प्रभारी मंत्री हुकुम सिंह कराड़ा के साथ जिले के ग्रामीण क्षेत्रो का दौरा कर बाढ़ से हुए नुकसान का निरीक्षण किया, वही पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बाढ़ पीड़ितों के लिए धरना प्रदर्शन कर सरकार की सद्बुद्धि के लिए रात्रि जागरण किया। जहां तक हम जानते है रात्रि जागरण कम से कम 2 बजे तक चलता है, जिसमे लगातार भजन कीर्तन होता है। मजे की बात ये है भाजपा का रात्रि जागरण 12 बजे ही खत्म हो गया


वेबखबर न्यूज की टीम जब शनिवार रात 12.15 बजे कलेक्टर परिसर के बाहर पहुँची तो देखा पूर्व मुख्यमंत्री मंच के ऊपर पलंग पर सो रहे है। उनकी सुरक्षा में तैनात जवान चारों तरफ कुर्सी पर बैठ सुरक्षा कर रहे है। कलेक्टर परिसर में उपस्थित लोगों से चर्चा की तो पता चला शिवराज जी थक गए है इसलिए सो गए, बाकी सांसद विधायकगण बैठे है। शिवराज जी ने 24 घंटे के धरने ओर भजन कीर्तन का आंदोलन किया था। खुद शिवराज दोपहर 1.30 बजे मंदसौर पहूंचे ओर रात्रि में 12 बजे सो गए, तो अब समझ ये नहीं आ रहा है के 24 घण्टे हुए कैसे? राज्य सरकार की सद्बुद्धि के लिए किए भजन कीर्तन का पासा उल्टा भाजपा के ऊपर ही पड़ गया।


भजन कीर्तन के नाम पर हुए डाँस का सोशल मीडिया पर मजाक उड़ रहा हैं। उसमें सांसद सुधीर गुप्ता ने शिवराज के ऊपर पैसे उवार कर तो सब सत्यानाश कर दिया। खुद भाजपा के लोग ही दबी जुबा में इस का विरोध कर रहे है। सोशल मीडिया पर लोग सवाल कर रहे है, ऐसे कैसे बाढ़ पीड़ितों की मदद हो रही है? भाजपा के नेता बाढ़ के नाम पर राजनीतिक रोटियां सेक रहे है। कुल मिलाकर शिवराज ने जो दिनभर मेहनत की रात को भाजपा के नेताओ ने ओर खुद शिवराज उस पर पानी फेर दिया। धरना स्थल पर रात 12.15 बजे जो देखा वो कांग्रेस पार्टी की याद दिला रहा था। कांग्रेस में गुटबाजी आम बात है और किसी से छुपी भी नहीं है।


यहां हर कार्यकर्ता अपने आका के शहर में आने पर तैयारी में जुट जाता है। लेकिन पार्टी विथ डिफरेंस (भाजपा) में ऐसा खुले तौर पर कम ही देखने को मिलता था। क्योंकि भाजपा में संगठन इन सब बातों का ध्यान रखता हैं ओर कांग्रेस में तो अब संगठन नाम का कुछ बचा ही नहीं है। पार्टी के लिए कोई काम नहीं करता सब अपने भोपाल में बैठे आकाओं के इशारे पर काम करते है। शनिवार रात को धरना स्थल पर देखा कि मंदसौर विधायक यशपाल सिंह सिसौदिया अपने कार्यकर्ताओं के साथ बैठे थे। सांसद सुधीर गुप्ता अपने ओर ऐसे ही मनासा ओर मल्हारगढ़ विधायक अपने अपने कार्यकर्ताओं के साथ बैठे थे।


ऐसे में ये जरूर लगता है, 15 साल सरकार में रहने के बाद भाजपा में भी गुटबाजी पनप गई है। भाजपा संगठन को इस ओर ध्यान देना चाहिए वरना कांग्रेस की तरह कहीं भाजपा का हाल होने में देर नहीं लगेगी। रविवार सुबह कार्यक्रम खत्म होने के बाद जब पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज शिवराज सिंह चौहान मंदसौर से रवाना हो रहे है थे। तब दाऊदखेड़ी के लोगों की समस्या लेकर उनसे मिलने जिला पंचायत सदस्य अंशुल बैरागी आए। वही पहले से क्षेत्रीय विधायक यशपाल सिंह सिसौदिया उपस्थित थे। दोनों का किसी बात को लेकर विवाद हुआ और विवाद तू तड़ाक तक पहुंच गया। अंशुल बैरागी ने विधायक सिसौदिया को यहां तक कह दिया आप मे तमीज नहीं है, मैं आप की इज्जत नही करता। मीडिया और जनता के सामने स्थिति बिगड़ती देख शिवराज को हस्तक्षेप करना पड़ा। इस पर बैरागी ने कहा हम आप की इज्जत करते है, लेकिन इस आदमी से हमारा कोई लेना देना नहीं है। प्रत्यक्षदर्शियों की माने तो वहां माँ-बहन जैसे शब्दों का भी आदान प्रदान हुआ।

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