मामा का सफल धरना आंदोलन, जनता अदालत में उम्मीद से ज्यादा पहूंचे आमजन



मंदसौर। दो दिवसीय दौरे को पारिवारिक कारणों से अधूरा छोड़ के गए, भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ओर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान शनिवार को वापस मंदसौर धरना आंदोलन के लिए आए। शिवराज अपने पिछले दौरे में अलावदा खेड़ी में हुई तबाही देखने गए थे, तो ग्रामीणों ने उन्हें अधिक बिजली बिल की समस्या बताई थी। जिस पर पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा था, अगर 21 तारिक तक प्रदेश सरकार ने बिजली बिल माफ नहीं किए तो कलेक्टर का धेराव करेंगे और प्रदेशव्यापी आंदोलन करेंगे। उसी कड़ी में शनिवार को शिवराज फिर मंदसौर पहूंचे है


कलेक्टर मनोज पुष्प ने शुक्रवार को ही कलेक्ट्रेट परिसर में धारा 144 लगा दी, और पूर्व मुख्यमंत्री को कलेक्टर के धेराव की अनुमति नहीं मिली। इस के बाद जिला भाजपा ने कलेक्टर परिसर के बाहर धरना आंदोलन का आयोजन किया। धरना आंदोलन में जितनी संख्या की उम्मीद भाजपा के नेताओं को की थी, उससे कही ज्यादा संख्या आंदोलन स्थल पर पहुच गई। जिसको देखते हुए बाद में फिर ओर टेंट लगाना पड़ा। शाम को हुई बारिश ओर बिना वाटरपुर्फ़ टेंट ने भाजपा का खेल थोड़ा बिगाड़ दिया, लेकिन भाजपा के पास शिवराज है जो इस खेल के पुराने खिलाड़ी है।


उन्होंने जनता अदालत लगाई और आमजन अपनी समस्या सुनाने के लिए रात तक रुके रहे। शिवराज ने अपने भाषण की शुरुवात राज्य सरकार को चेतावनी देते हुए की, आप ने कहा अभी धारा 144 लगाई है, आप 288 भी लगा दो पर हम गरीबों की हर लड़ाई लड़ेंगे। पूर्व मुख्यमंत्री यही नही रुके उन्होंने कहा नुकसान हुए माल व फसल का राज्य सरकार को हर हाल में मुआवजा देना होगा। अधिक बिल की समस्या पर शिवराज बोले रविरार को सुबह इन बिलों की होली जलाएंगे, किसी भी ग्रामीण को बिल भरने की आवश्यकता नहीं है। राज्य सरकार को हर हाल में गरीबों के बिल माफ करने होंगे।


जब हमारी सरकार थी, तो बिजली बिल 200 रुपए से ज्यादा नहीं आते थे। आज कांग्रेस सरकार गरीबों का खून चूस रही है। समूह लोन से परेशान महिलाओं की समस्या सुनते हुए, शिवराज ने कहा आप के सब लोन माफ होंगे या राज्य सरकार भरेगी। किसी भी बैंक के समूह लोन की किश्त आप बहनों को नहीं भरना है। धरना आंदोलन में मंदसौर ओर नीमच जिले के भाजपा नेताओं का जमावड़ा रहा। पंच से लेकर सांसद तक ओर वार्ड अध्यक्ष से लेकर जिला अध्यक्ष तक भाजपा का हर नेता कार्यकर्ता कार्यक्रम में उपस्थित रहा।


दोनों जिले के छह विधायक और संसदीय क्षेत्र के एक मात्र सांसद भी धरना स्थल पर मौजूद थे। धरना आंदोलन में आमजन ने भी अपनी उपस्थिति बड़ी मात्रा में दर्ज कराई। सरकार जाने और मुख्यमंत्री नहीं रहने के बाद भी आमजन का पूरा भरोसा मामा के ऊपर दिखा। शिवराज की इसी कला के उनके घोर विरोधी भी कायल है। शिवराज की आम जन से सीधे जुड़ाव की शैली ने आज भी लोगो के दिल मे जगह बना रखी है। आमजम ने अपनी हर समस्या शिवराज को सुनाई ओर शिवराज ने हर समस्या के समाधान का आश्वासन दिया। रात्रि में धरना आंदोलन स्थल पर रात्रि जागरण हुआ। जिस में पूर्व मुख्यमंत्री ढपली बजाते ओर भजन गाते दिखे। इस धरना आंदोलन का कितना फायदा आमजन को होता है अब ये देखना होगा। 

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