मंदसौर में फिर चली गोली, एसआरएम केबल संचालक को दिन दहाड़े मारी गोली



मंदसौर। बुधवार तड़के शहर में एक बार फिर गोली चली। यूपी बिहार की तरह अब हमारे शहर में गोली चलता ओर लोगो का मरना आम बात हो गई है। शांति का टापू कहे जाने वाला हमारे शहर में आए दिन गोलियों की आवाज सुनाई देने लगीं है। जनवरी में प्रह्लाद दादा, फिर कुछ समय बाद डायमंड ज्वेलर्स के मालिक अनिल सोनी ओर अब एसआरएम केबल के संचालक युवराज सिंह चौहान, एक वर्ष में तीन बड़े घटनाक्रम जिला मुख्यालय पर हो चुके है। दादा के घटनाक्रम को छोड़ दे तो अनिल सोनी वाले मामले में अभी तक पुलिस के हाथ खाली है। अनिल सोनी हत्याकांड के मुख्य आरोपी अभी तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर है


ऐसे में   एक बार फिर शहर में गोली चली और केबल संचालक को अपनी जान से हाथ धोने पड़ गए। बुधवार सुबह गीताभवन अंडरब्रिज के पास चाय की होटल पर चर्चा करते वक्त एसआरएम केबल के संचालक युवराज सिंह चौहान को अज्ञात बाईक पर आए तीन युवकों ने गोली मार दी। जिससे युवराज की मौके पर ही मौत हो गई थी। घटना स्थल पर मौजूद कुछ युवकों ने युवराज के शव को टेम्पों में डाल कर बड़े अस्पताल पंहुचाया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित किया।


बताया गया है की युवराज बिलजी का बिल भर के चाय की होटल पर चर्चा कर रहे थे, तभी गीताभवन की तरफ से एक बाईक पर सवार तीन युवक आए और उनमें से एक युवक ने युवराज की पीठ पर गोली मारी, उससे युवराज नीचे गिर गए तब दूसरे युवक ने दो गोली एक पेट पर ओर एक सीने पर मार दी। गोली मारने के बाद युवक बाईक से अभिनंदन की तरफ भाग निकले। तीनों युवकों के चहरे नकाब से ढके हुए थे ओर उनकी उम्र 20 से 25 वर्ष के बीच बताई जा रही है। सूचना मिलने पर नई आबादी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटना स्थल का मुआयना किया।  जितने मुँह उतनी बातें... गोली चनले की घटना शहर में आग के जैसे फैली।


सोशल मीडिया पर धड़ाधड़ मैसेज फारवर्ड होने लगे। जैसे ही लोगो को पता चला के गोली एसआरएम केबल के संचालक युवराज सिंह चौहान को लगी, तो तरह तरह की बातें होने लगी। किसी ने कहा इंदौर वाले हत्याकांड का बदला लिया है तो किसी ने कहा प्रोपर्टी का लेन देन है, तो कोई इसे पुरानी रंजिश का मामला बता रहा है। फिलहाल पुलिस को भी हत्या के कारण का पता नहीं चल पाया है। जिला अस्पताल में लगा लोगो का जमावड़ा जैसे ही शहर में खबर फैली के एसआरएम केबल के संचालक युवराज सिंह चौहान को गोली लगी है। वैसे ही बड़े अस्पताल में लोगो का हुजूम बढ़ने लगा।


युवराज सिंह चौहान की छवि हिंदूवादी नेता के तौर पर शहर में है, ऐसे में बड़ी संख्या में आमजन बड़े अस्पताल में एकत्रित हुए और घटना का विरोध किया। एसआरएम के संचालक होने के नाते मीडिया के लोग में भी आक्रोश देखने को मिला।  कही बिगड़ ना जाएं शहर की फिजा... युवराज सिंह चौहान हिंदूवादी छवी के व्यक्ति थे। उनकी हत्या से समस्त हिन्दू समाज मे आक्रोश है। साल भर का बड़ा त्यौहार दस्तक दे रहा है। बाढ़ की वजह से व्यापारी वैसे ही त्रस्त है। ऐसे में अगर शहर बंद होता है तो व्यापारियों को बड़े नुकसान उठाना पड़ेगा। पुलिस को जल्द कार्यवाही करते हुए आरोपियों तक नहीं पहुँचना चाहिए वरना कही शहर का माहौल खराब ना हो जाए।  धड़ाधड़ दुकाने हई बंद, आमजन में खोफ का माहौल... गोली चलते ही आस पास की सारी दुकाने धड़ाधड़ बंद हो गई। कुछ ही देर में सड़क पर सन्नाटा पसर गया। जिसने भी ये मौत का मंजर देखा वो खोफ में है। चारों तरफ खून ही खून था। प्रत्यक्षदर्शियों की माने तो युवक बाईक से आए और वारदात को अंजाम देकर रफुचकर हो गए।

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